560 वार्ड में होंगे चुनाव, कुल 35 लाख से ज्यादा वोटर

State Election Commission : राज्य निर्वाचन आयोग ने जयपुर, कोटा, जोधपुर के कुल छह नगर निगमों के लिए चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है।

By: Ashish

Published: 12 Mar 2020, 07:54 PM IST

जयपुर
State Election Commission : राज्य निर्वाचन आयोग ने जयपुर, कोटा, जोधपुर के कुल छह नगर निगमों के लिए चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इन निगमों में कुल 560 वार्डों में 35 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। चुनाव आयुक्त पीएस मेहरा ने बताया कि कुल 35 लाख 97 हजार 873 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। इनमें 18 लाख 76 हजार 195 पुरुष, 17 लाख 21 हजार 637 महिला और 41 अन्य श्रेणी के मतदाता हैं। सर्वाधिक मतदाता जयपुर की जयपुर ग्रेटर निगम में हैं, जहां 12 लाख 28 हजार 754 मतदाता हैं। इनमें 6 लाख 45 हजार 160 पुरुष, 5 लाख 83 हजार 581 महिला और 13 अन्य हैं। इसी तरह जयपुर हैरिटेज में 9 लाख 32 हजार 807 मतदाता हैं, जिनमें से 4 लाख 91 हजार 581 पुरुष, 4 लाख 41 हजार 211 महिला और 15 अन्य श्रेणी के मतदाता हैं।

यहां इतने मतदाता पंजीकृत
चुनाव आयुक्त ने बताया कि जोधपुर शहर के जोधपुर उत्तर निगम में कुल 3 लाख 87 हजार 794 मतदाता हैं, जिनमें से 1 लाख 98 हजार 886 पुरुष, 1 लाख 88 हजार 905 महिला और 3 अन्य मतदाता हैं। जोधपुर दक्षिण में 3 लाख 39 हजार 537 मतदाताओं में से 1 लाख 75 हजार 701 पुरुष, 1 लाख 63 हजार 832 महिला और 4 अन्य श्रेणी के मतदाता हैं। इसी तरह कोटा शहर के कोटा उत्तर नगर निगम में कुल 3 लाख 32 हजार 655 मतदाताओं में से 1 लाख 70 हजार 894 पुरुष, 1 लाख 61 हजार 759 महिला और 2 अन्य श्रेणी के मतदाता हैं। कोटा दक्षिण में कुल 3 लाख 76 हजार 326 मतदाताओं में 1 लाख 93 हजार 973 पुरुष, 1 लाख 82 हजार 349 महिला और 4 अन्य श्रेणी के मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।

15 हजार कार्मिक करवाएंगे चुनाव
चुनाव आयुक्त ने बताया कि इन सभी 6 नवसृजित नगर निगमों के लिए मतदान, मतगणना अन्य कार्याे के लिए लगभग 15000 कार्मिकों को नियोजित किया जाएगा। मतदान एवं मतगणना दलों के गठन हेतु आयोग की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारियों को कार्मिको के रेंडमाइजेशन के लिए सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया गया है। इस सॉफ्टवेयर के द्वारा मतदान एवं मतगणना दलों का गठन किया जाएगा। मतदान दलों को दो स्तरीय प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। चुनाव के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने एवं शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी नियोजित किया जाएगा।

पर्यवेक्षकों की रहेगी पैनी नजर
नगर निगमों के लिए मतदान, मतगणना अन्य चुनाव संबंधी कार्याे के पर्यवेक्षण के लिए प्रत्येक जिले के लिए आवश्यकतानुसार एक या अधिक पर्यवेक्षकों को नियाजित किया जाएगा। ये पर्यवेक्षक भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ एवं चयनित तथा राजस्थान प्रशासनिक सेवा के सुपर टाईम स्केल या इससे उच्चतर वेतन श्रृंखला के अधिकारी होंगे।

चुनाव नियन्त्रण कक्ष की स्थापना
आयोग मुख्यालय एवं जिला स्तर पर चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव कार्य से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान एवं आमजन की ओर से भी चुनाव संबंधी किसी भी गतिविधि के बारे में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए चुनाव नियन्त्रण कक्ष स्थापित कर दिया जाएगा। यह नियन्त्रण कक्ष 24 बाय 7 रात-दिन लगातार कार्य करेगा।

भ्यर्थियों के लिए चुनाव खर्च सीमा
मेहरा ने बताया कि चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की ओर से चुनाव के दौरान वाहनों एवं लाउडस्पीकरों के उपयोग, कट आउटों, होर्डिग्स, पोस्टर एवं बैनरों के प्रदर्शन और इनसे संबंधित अन्य गतिविधियों को नियन्त्रण करने के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं। जिसकेे अनुसार नगर निगम के सदस्य पद के चुनाव लड़ने के लिए यह सीमा 2,50,000 रुपए निर्धारित की गई है। इस आदेश में चुनाव के लिए इन मदों पर खर्च की सीमा में वृद्धि की गई है। इससे पूर्व खर्च की सीमा आयोग की ओर से वर्ष 2014 में रूपए 80000 रुपए ही थी। इस खर्च का पूर्ण विवरण परिणामों की घोषणा के 15 दिवस के भीतर विहित प्रारूप में संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी या उसके की ओर से प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए निर्वाचन अधिकारी की लिखित अनुमति प्राप्त करनी आवश्यक होगी। इसका प्रयोग रात को दस बजे से सुबह 6 बजे तक नहीं किया जा सकेगा।

लागू हुई आदर्श आचरण संहिता
चुनाव आयुक्त ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित नगर निगम क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता के प्रावधान तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं, जो चुनाव प्रक्रिया समाप्ति तक लागू रहेंगे। इसके अनुसार संबंधित नगर निगमों में विभिन्न विभागों के विकास कार्य जिसके कार्यादेश आचार संहिता के प्रभाव में आने से पूर्व ही जारी किए जा चुके है या जो विकास कार्य पूर्व से ही चल रहे हैं, वे सभी आचार संहिता से प्रभावित नहीं होंगे। नई स्कीम, नए विकास कार्य एवं नए कार्यादेश आचार संहिता के लागू होने से पूर्णतया प्रतिबंधित रहेंगे। चुनाव के लिए बडी मात्रा में कार्मिकों आवश्यकता होगी, अतः संबंधित नगर निगम क्षेत्र से होने वाले स्थानान्तरण एवं संबंधित नगर निगम क्षेत्र में किए जाने वाले पदस्थापन या स्थानान्तरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

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