सरकार ने तोड़ी आचार संहिता

डीओपी ने मनमर्जी से किए 11 अफसरों के तबादले, हाथोंहाथ करने पड़े स्थगित, परिवहन विभाग में 10 निरीक्षकों को बैक डेट में स्थानांतरण के बाद दिला दिया चार्ज

Shadab Ahmed

09 Oct 2018, 10:42 PM IST

जयपुर. चुनाव आयोग ने प्रदेश में भले ही विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू कर दी हो, लेकिन सरकार इसे मान नहीं रही है। कार्मिक विभाग ने चुनाव आयोग की मंजूरी आने से पहले ही 3 आइएएस और 8 आरएएस अफसरों के तबादले कर दिए। हालांकि आपत्ति दर्ज होते ही कुछ ही मिनटों में सरकार को इन तबादलों को स्थगितकरना पड़ गया। वहीं परिवहन विभाग में दस निरीक्षकों के तबादले बैक डेट में करने के बाद उन्हें मंगलवार को पदभार भी संभलवा दिया।

कार्मिक विभाग ने टीना डाबी को उपखंड अधिकारी भीलवाड़ा, जसमीत सिंह संधू को उपखंड अधिकारी कोटड़ा और प्रताप सिंह को उपखंड अधिकारी धौरी के पद पर स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए। इसके साथ ही आरएएस सूरज सिंह नेगी को एडीएम सीलिंग बूंदी, दीपाली भागोतिया को एसडीओ बीदासर, मनमोहन व्यास को सहायक निदेशक लोक सूचना प्रशासनिक सुधार, ओम प्रभा को एसडीओ जयपुर पूर्व, सविना विश्नोई को एसीएम सांभर, प्रमोद सीरवी को एसडीओ सुजानगढ़, हवाई सिंह यादव को एसडीओ नवलगढ़ और दिनेश विश्नोई को एसडीओ गुढ़ामालानी के पद पर तबादला किया गया। कार्मिक विभाग ने यह तबादला सूची चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना जारी कर दी थी। ऐसे में कुछ ही देर में आपत्ति आते ही सरकार को यह तबादले स्थगित करने पड़ गए। वहीं डीओपी की वेब साइट पर तबादले स्थगन के आदेश तो अपलोड कर दिए, लेकिन तबादला सूची को हटा दिया। इस तबादला सूची के चलते सरकार की चुनाव आयोग के समक्ष किरकिरी होना बताया जा रहा है।

 

रोक के बाद पदस्थापन और कार्यमुक्त का खेल

परिवहन विभाग ने 5 अक्टूबर की तारीख में 10 परिवहन निरीक्षकों के तबादले तो कर दिए, लेकिन रोक के बावजूद उनको मंगलवार को कार्यभार दिलाने पर बैकडेट में यह सूची जारी होने की पोल भी खुल गई। जयपुर आरटीओ कार्यालय में सीकर से आई अल्का ओझा, कोटा से आए गजेद्र सिंह और चौमूं से आए यशपाल शर्मा को गुपचुप तरीके से सुबह 11 बजे ही पदभार ग्रहण करा दिया गया।

 

जिनके तबादले हुए उन्होंने एक दिन पहले किए चालान
परिवहन विभाग की तबादला सूची में 5 सितंबर को तारीख अंकित है। लेकिन गौर करने वाली बात है कि जिन निरीक्षकों के तबादले हुए हैं उन्होंने एक दिन पहले ही पुराने कार्यालयों में बैठ लाइसेंस जारी किए है तो किसी ने चालान बनाए हैं।

 

इनको परिवहन निरीक्षकों को किया इधर—उधर

यशपाल शर्मा को चौमूं से जयपुर

अल्का ओझा को सीकर से जयपुर

मदनलाल रैंगर को बांरा से भीनमाल

शशिकांत शर्मा को जयपुर से टोंक

पूजारानी तिवाडी को बीकानेर से जोधपुर

गजेन्द्र सिंह को कोटा से जयपुर

अनिल शर्मा को जैसलमेर से शाहपुरा

अनिता पंवार को केकड़ी से सिरोही

अनूप चौधरी को जोधपुर से नागौर

हंसराज से नागौर से भीलवाड़ा

 

इधर, सीएस के आदेश की परवाह भी नहीं
मुख्य सचिव डी.बी.गुप्ता ने सभी विभागों को चुनाव आयोग के निर्देशों की पालना करने के आदेश जारी किए। इसमें साफ तौर पर उन्होंने आदेश दिया कि सभी तबादले, पदस्थापन, नियुक्तियां, पदोन्नतियां या नए कार्य आचार संहिता की सम्पूर्ण निरपेक्ष अनुपालना के दायरे में आते हैं। ऐसे में बैकडेट में इस तरह के कार्यों को नहीं किया जाए और ऐसे आरोपों से बचा जाए। इस तरह का कोई भी कार्य चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना नहीं होना चाहिए।

 

परिवहन आयुक्त बोले—मुझे 12 बजे पता लगा

परिवहन निरीक्षकोंं ने मंगलवार सुबह ही पदभार ग्रहण किया है। आचार संहिता में पदभार ग्रहण नहीं कर सकते, इसके बारे में आज दोपहर 12 बजे ही पता लगा। इसके बाद रोक लगा दी गई।
एस.के.अग्रवाल, आयुक्त परिवहन विभाग

आयोग को भेज रखा है प्रस्ताव
आइएएस और आरएएस अफसरों के तबादले के प्रस्ताव चुनाव आयोग को भेज रखा है। फिलहाल वहां से मंजूरी नहीं आई है। इसके साथ ही सरकार को किसी भी स्थानांतरित अधिकारी और कर्मचारी के नई जगह ज्वाइन करवाने की छूट नहीं दी है।
आनंद कुमार, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान

Shadab Ahmed Reporting
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