घर-घर कचरा संग्रहण प्रोजेक्ट: बिजली बिल में आएगा कचरे का शुल्क, 250 यूनिट तो 50 से 88 रुपए महीना

घरेलु से व्यवसायिक श्रेणी में 20 पैसे से 35 पैसे प्रति यूनिट राशि जोडऩे का प्रस्ताव

By: Priyanka Yadav

Published: 27 Jun 2018, 10:36 AM IST

जयपुर. जल्दी ही शहर की 40 लाख आबादी को घर—घर कचरा संग्रहण का शुल्क चुकाना होगा। स्वच्छ भारत सेस के रूप में राशि बिजली के बिल में जुड़कर आएगी, जो कुल खर्च यूनिट के आधार पर होगी। सेस 20 पैसे से लेकर 35 पैसे प्रति यूनिट प्रस्तावित किया गया है। अगर किसी की २५० यूनिट खर्च हुई तो बिल में कचरे का शुल्क ५० रुपए से लेकर ८७.५० रुपए तक जुड़कर आएगा। आवासीय, व्यावसायिक, कृषि, उद्योग सभी के लिए अलग—अलग शुल्क होगा। घर—घर कचरा संग्रहण प्रोजेक्ट अब सभी 91 वार्डों में प्रभावी हो चुका है। नगर निगम प्रस्ताव को सरकार को भेज चुका है, अब गेंद सरकार के पाले में है। प्रस्ताव की जद में करीब 7.50 लाख भवन आएंगे।

 

एेसे जाएगा कचरा शुल्क

श्रेणी विद्युत यूनिट प्रतिमाह (करोड़ में) प्रस्तावित सेस शुल्क प्रति यूनिट (रुपए) प्रस्तावित प्राप्त राशि प्रतिमाह (करोड़ रु. में)

आवासीय 15.45 0.2 3.09
व्यावसायिक 11.7 30.35 4.11
कृषि (शहरी) 0.29 0.15 0.04
लघु उद्योग 0.67 0.2 0.13
मध्यम उद्योग 1.62 0.2 0.32
बड़े उद्योग 5.93 0.2 1.19
वाटर वक्र्स (एसआईपी) 0.41 0.15 0.6
वाटर वक्र्स (एमआईपी) 0.02 0.15 0
मिश्रित भूमि 0.84 0.15 0.13

 

सेस वसूली में अब डर नहीं

केन्द्र सरकार ने स्वच्छ भारत सेस का प्रावधान किया हुआ है। लेकिन निगम ने पहले शहरवासियों को सुविधा देने और फिर संग्रहण शुल्क लेने का प्लान किया था। उन्हें डर था कि शुल्क लेने के बीच व्यवस्था प्रभावी नहीं हुई तो विरोध का सामना करना पड़ सकता है।

 

कितने भवन

उपभोक्ता श्रेणी सम्पत्ति संख्या

50 वर्गमीटर तक के मकान - 1,14,207
50 व.मी. से 300 व.मी. तक मकान- 3,56,852
300 व.मी. से अधिक क्षेत्र के मकान- 80,794
व्यावसायिक प्रतिष्ठान दुकान, ढाबा, मिष्ठान, कॉफी हाउस व अन्य- 1,20,757
गेस्ट हाउस- 10
छात्रावास- 438
होटल रेस्टोरेंट- 781
होटल-रेस्टोरेंट थ्री स्टार- 477
होटल-रेस्टोरेंट थ्री स्टार से अधिक- 25
व्यावसायिक व सरकारी कार्यालय, बैंक, बीमा, कोचिंग क्लासेस, शैक्षणिक संस्थान- 7660
क्लीनिक, डिस्पेंसरी, लेबोरेट्रीज 50 बेड तक- 613
लघु व कुटीर उद्योग, वर्कशॉप (गैर खतरनाक)- 2943
शादी हॉल, उत्सव हॉल, प्रदर्शनी व मेला (3 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल तक)- 356
(नगर निगम के अनुसार)

 

घर—घर कचरा संग्रहण शुल्क का प्रस्ताव सरकार को भेजा हुआ है। विद्युत बिल में निर्धारित शुल्क लेना प्रस्तावित किया गया है। अभी स्वीकृति नहीं मिली है।

—रवि जैन, आयुक्त, नगर निगम

Priyanka Yadav
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