बिजली कनेक्शन नहीं, भीषण गर्मी में मरीज हो रहे बेहाल

एक ओर सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को सुविधाएं देने का प्रयास कर रही है, वहीं जिले के कुआं ग्राम पंचायत स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में मूलभुत सुविधाओं से मरीज वंचित हैं। 

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Published: 28 May 2015, 04:42 AM IST

एक ओर सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को सुविधाएं देने का प्रयास कर रही है, वहीं जिले के कुआं ग्राम पंचायत स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में मूलभुत सुविधाओं से मरीज वंचित हैं। 

यहां पानी, बिजली एवं अन्य सुविधाओं से मरीज महरूम हैं। बिजली की कोई सुविधा न होने से भीषण गर्मी में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एएनएम कक्ष में ताले लटके पड़े थे और पंखे व ट्यूबलाइट शोपीस बनकर रह गए हैं। 

चीखली पंचायत समिति के कुआं पीएचसी में सेंडोला, पारड़ा, दरियाटी, गुंदलारा, नई बस्ती बडगमा, पंचकुड़ी एवं अन्य दूरदराज के क्षेत्रों के मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं, पर बेहतर सुविधा न मिलने से उन्हें मायूस होना पड़ता है। पीएचसी का वार्ड 2 सुविधाओं के अभाव में बंद है। एक ही कक्ष में मरीजों को भर्ती किया जाता है। कक्ष में बिजली कनेक्शन का अभाव है। 

साफ-सफाई के नाम पर औपचारिकता 
पीएचसी में साफ-सफाई के नाम पर औपचारिकता पूरी की गई है। डॉक्टर नरेन्द्र प्रजापत ने दिसम्बर, 2014 में पीएचसी में कार्यभार संभाला था, लेकिन अब तक चिकित्सक कक्ष के आगे पूर्व में कार्यरत डॉक्टर सोहनलाल जाट का नाम दर्शाया गया है। पीएचसी में मंगलवार को दोपहर में पीएचसी परिसर एवं विभिन्न कक्षों में ताले लटके हुए थे। नर्सिंग स्टॉफ के 6 पद होने के बाद भी कोई स्टॉफ नहीं था। पीएचसी भवन खाली था व एएनएम कक्ष में ताले लगे हुए थे। 

पेयजल तक की पीएचसी में कोई व्यवस्था नहीं
उधर पीएचसी के वार्ड 1 के डिलेवरी रूम में भर्ती मरीज समुद्रा पत्नी बदामी, गुंदलारा निवासी रेखा पत्नी राकेश, पारड़ा, दरियाटी निवासी शांति पत्नी महेन्द्र, खोखरवा निवासी संगीता व खार निवासी बसंत पत्नी शुक्रम के साथ इनके परिजनों ने बताया कि वार्ड 1 में एक पंखा काफी समय से बंद पड़ा है। 

बिजली कनेक्शन के अभाव में 3 पंखे व ट्यूबलाइट महज शोपीस बनकर रह गए हैं, जिससे भीषण गर्मी में मरीजों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर रात में मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पीएचसी परिसर में पेयजल की कोई व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को बाहर के हैंडपंप से पीने का पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के कर्मचारी असुविधाओं से चिकित्सा विभाग के आला अधिकारियों को अवगत नहीं करा रहे हैं, जिससे समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उधर इस संबंध में कुआं पीएचसी के डॉक्टर नरेंद्र प्रजापत का कहना है कि वार्ड 1 व 2 में बिजली की समस्या के कारण कक्ष के साथ-साथ पंखे व लाइट बंद पड़े हैं। पेयजल सुविधा जल्द ही बहाल कर दी जाएगी।

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