scriptelectricity disturbed | चाइनीज मांझे से एक दर्जन से ज्यादा इलाकों में बिजली सप्लाई हुई गुल | Patrika News

चाइनीज मांझे से एक दर्जन से ज्यादा इलाकों में बिजली सप्लाई हुई गुल

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जयपुर

Published: January 14, 2022 11:36:22 pm

जयपुर। चाइनीज मांझे से शहर के बड़े इलाके में बिजली सप्लाई बाधित हुई। चाइनीज मांझे के कारण जवाहर नगर और नला पॉवर हाउस में बिजली सप्लाई बाधित हो गई। ब्रेकर व अन्य उपकरण जलने से आस-पास के बड़ इलाके में बिजली सप्लाई रुक गई। इसमें जवाहर नगर, आदर्श नगर, जनता कॉलोनी, सेठी कॉलोनी, राजापार्क, तिलक नगर, बनीपार्क, चांदपोल बाजार, रामगंज, घाटगेट, सांसारचन्द्र रोड सहित आस-पास का इलाका शामिल है। यहां करीब एक घंटे तक बिजली की आंख-मिचौली चलती रही। इससे छत पर स्पीकर चलाए बैठे पतंगाबाजों का जोश कुद कम होता नजर आया। जयपुर डिस्कॉम के अधिकारियों ने बताया कि चाइनीज मांझे के उपयोग पर प्रतिबंध होने के बावजूद ऐसी घटना हुई।

यहां काम अधूरा
पतंगबाजी के शौकीनों को बिजली करंट हादसे से बचाने के लिए अब सभी ट्रांसफार्मर, डीपी स्ट्रक्चर पर इनसुलेटेड केबल लगाई जानी थी, लेकिन मकर संक्रांति तक केवल 65 फीसदी ही काम हो पाया। करीब 14000 ट्रांसफार्मर और हादसे से जुड़ी लाइनों पर काम होना है। यहां सभी जगह इंसुलेटेड जम्पर ही लगाए जा रहे हैं। दूसरे शहरों में भी इसका दायरा फैलाएंगे।
चाइनीज मांझे से एक दर्जन से ज्यादा इलाकों में बिजली सप्लाई हुई गुल
चाइनीज मांझे से एक दर्जन से ज्यादा इलाकों में बिजली सप्लाई हुई गुल
परेशानी और समाधान

1. फॉल्ट, बिजली सप्लाई बाधित होने की परेशानी :- मांझा तैयार करने में धातु का उपयोग किया जाता है। इससे मांझा जैसे ही बिजली लाइन, ट्रांसफार्मर जम्पर के संपर्क में आता है, वैसे ही फॉल्ट की समस्या शुरू हो जाती है। ऐसे कई इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित होती रही है। साथ ही उपकरण भी खराब होते हैं।
2. टेस्टिंग केबल का ही होगा उपयोग :- जम्पर व हादसे की लाइन को कवर करने के लिए केबल का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए उस केबल का उपयोग किया जाएगा, जो टेस्टिंग के लिए सेन्ट्रल टेस्टिंग लैब में आ रही है। ऐसे टेस्टिंग वाली केबल से ही काम हो जाएगा। खरीदने की जरूरत ना के बराबर रहेगी।
फैक्ट फाइल
-14600 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर हैं
-439 ट्रांसफार्मर नए लगे हैं
-88 ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई गई
-135 सब स्टेशन हैं यहां
-1165 फीडर हैं यहां
-82 प्रतिशत लाइनें भूमिगत हैं ग्यारह केवी की

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