दो माह में दो ही दिन हो रहा विद्युत उत्पादन

एनटीपीसी अन्ता के हाल : महंगी बिजली के खरीदार नहीं

By: jagdish paraliya

Published: 31 May 2020, 05:32 PM IST

अन्ता (बारां). लॉकडाउन के चलते घटी विद्युत आपूर्ति की मांग का सबसे ज्यादा असर विद्युत परियोजनाओं पर पड़ा है। कारखाने बंद होने से बिजली की मांग ओर अधिक घट गई। बुरे दौर का ही नतीजा है कि चालू वित्त वर्ष के बीते दो माह में एनटीपीसी की अन्ता गैस विद्युत परियोजना में केवल दो दिन ही उत्पादन हुआ। मशीनरी को सुचार रखने सहित आवासीय कॉलोनी की पूर्ति के लिए उल्टा ग्रिड से बिजली खरीदनी पड़ रही है।

यह है स्थिति
156.12 हैक्टेयर जमीन पर स्थापित 419 मेगावाट क्षमता की अन्ता परियोजना में 1986 से बिजली उत्पादन शुरू हुआ। यहां प्राकृतिक गैस से बिजली बनाई जाती है। वर्ष २०१२ के बाद धीरे-धीरे अन्य विकल्पों से सस्ती बिजली मिलने के कारण विभिन्न राज्यों की निर्भरता गैस प्लांटों पर कम होती चली गई। अब आपातकालीन जरूरत होने पर ही प्लांट संचालित किया जाता है। 2013-14 में प्लांट 50 दिन बंद रहा। उसके बाद से स्थिति बिगड़ती चली गई और अब विद्युत उत्पादन 25-30 प्रतिशत क्षमता पर आ टिका है। केन्द्र से अनुदान आधारित प्राकृतिक गैस पर्याप्त मात्रा में मिल नहीं पाती। खुले बाजार से महंगी गैस खरीदने पर उत्पादन लागत बढ़ जाती है। एेसे में उत्पादन की जगह प्लांट को बंद रखा जाता है।

सोलर प्लांट प्रस्तावित
अन्ता परियोजना में द्वितीय चरण के लिए 217.26 हैक्टेयर भूमि पर 90 मेगावाट का सोलर प्लांट लगना प्रस्तावित है। जिसकी निविदा प्रक्रिया चल रही हैै।

अन्ता गैस विद्युत परियोजना
419 मेगावाट क्षमता
156.12 हैक्टेयर पर स्थापित
1986 से शुरू हुआ उत्पादन
90 मेगावाट का सोलर प्लांट लगना प्रस्तावित
124 अधिकारी एवं कर्मचारी
२२५ सुरक्षा एवं संविदा कार्मिक

प्राकृतिक गैस की कमी से अन्ता परियोजना पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रही। यहां सोलर परियोजना लगने के बाद उसे सपोर्ट करने के लिए गैस प्लांट की भी जरूरत होगी। तब इसका उचित उपयोग होने लगेगा।
सुनील जुमड़े, मुख्य महाप्रबंधक, एनटीपीसी अन्ता

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