नॉन एनएफएसए के सर्वे फार्म भरने में ई—मित्र काउंटर संचालकों की लूट

वासियों को ई मित्र पोर्टल पर सर्वे फार्म में देनी है जानकारी
ई मित्र काउंटर संचालक सौ रुपए तक कर रहे हैं आवेदकों से वसूली
जबकि गाइड लाइन में छह रुपए का भुगतान विभाग द्वारा करने की है सूचना
राज्य सरकार ने तय की 37 कैटेगरी

By: anand yadav

Published: 30 May 2020, 11:13 AM IST

जयपुर। कोरोना संक्रमण में लागू लॉक डाउन के कारण प्रदेश में बंद हुए उद्योग धंधों के कामगारों को खाद्य सामग्री वितरण के लिए राज्य सरकार द्वारा सर्वेक्षण फार्म भरवाने की कवायद कामगारों पर भारी पड़ रही है। भुखमरी की मार झेल रहे प्रवासियों से ई मित्र संचालक लूट रहे हैं। सर्वेक्षण फार्म ई मित्र पोर्टल पर भरने की एवज में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा ई मित्र संचालकों को प्रति फार्म छह रुपए का भुगतान करने की सूचना सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन में दी गई है। बावजूद इसके बेखौफ ई मित्र काउंटर संचालक आवेदकों से प्रति फार्म सौ रुपए तक वसूली करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार कोविड— 19 महामारी के कारण अस्थाई रूप से बंद हुए उद्योग धंधों व उसमें कार्यरत कामगारों के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा गेहुं देने की घोषणा राज्य सरकार ने की है। सरकार ने 37 श्रेणी के कामगारों की सूची जारी कर उन्हे ई मित्र पोर्टल पर सर्वे फार्म भरने के निर्देश दिए हैं। इन कामगारों में रिक्शा चलाने वाले,पंचर लगाने वाले,रेस्टोरेंट वेटर, रद्दी बीनने वाले, हेयर सैलून कार्मिक,भवन निर्माण के कार्मिक ठेला,बैंडबाजे वाले,ईंट भट्टों के कामगार आदि शामिल हैं। राज्य सरकार द्वारा चिन्हित कामगारों को निशुल्क गेहुं का वितरण खाद्य विभाग द्वारा किया जाना है।
ई मित्र पोर्टल पर सर्वे फार्म भरने की एवज में काउंटर संचालक आवेदकों से बीस से सौ रुपए तक वसूली कर रहे हैं जबकि गाइड लाइन में विभाग द्वारा संचालकों को प्रति सर्वे फार्म छह रुपए का भुगतान देने की बात कही गई है। ऐसे में सर्वे फार्म ई मित्र पोर्टल पर भराने के लिए आवेदक भटक रहे हैं और उनके लिए 'कंगाली में आटा गीला' कहावत चरितार्थ हो रही है।

anand yadav Desk
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