टेक्निकल इंस्टीट्यूट में बनेंगे एन्टप्रन्योर और स्किल डवेलपमेंट सेल

विद्यार्थी उद्यमिता के गुर सीखेंगे।

raktim tiwari

13 Sep 2015, 08:42 AM IST

इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट संस्थानों को उद्यमिता और कौशल प्रकोष्ठ बनाने होंगे। विद्यार्थियों को उद्यमिता और कौशल विकास से जोडऩे के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने प्रकोष्ठ बनाना जरूरी किया है। इसके लिए संस्थानों को बजट भी दिया जाएगा।

विद्यार्थियों के लिए रोजगार की समस्या लगातार बढ़ रही है। खुद शिक्षाविद मानते हैं कि तकनीकी और प्रबंधन संस्थानों से निकल रहे लाखों डिग्रीधारकों को रोजगार नहीं मिल रहा। मौजूदा स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए उपयोगी नहीं हैं।

सीखने को मिलेंगे गुर

इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थानों में उद्यमिता प्रकोष्ठ स्थापित होंगे। यहां विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, छोटी पूंजी से उद्यम शुरू करने, कौशल विकास, लागत और लाभांश कमाने के गुर सीखने को मिलेंगे। इनमें लघु स्तर पर टैटू, पेंटिंग, सॉफ्ट टॉयज, फ्लावर डेकोरेशन, भारतीय और विदेशी फास्ट फूड बनाने, विपणन और अन्य व्यवसाय को बढ़ावा दिया जाएगा। मालूम हो कि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय ने उद्यमिता को कुछ पाठ्यक्रमों का हिस्सा बनाया है।

यहां बनेंगे प्रकोष्ठ

राजकीय बॉयज इंजीनियरिंग कॉलेज, महिला इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्रकोष्ठ बनाए जाएंगे। इनमें एन्टरप्रन्योरशिप, इंडस्ट्रियल इंस्टीट्यूट इन्टरेक्शन, स्किल डवेलपमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका मकसद प्लेसमेंट में बढ़ोतरी, उद्यमियों-विद्यार्थियों में परस्पर संवाद और नए लघु व्यवसायों को बढ़ावा देना है।

बढ़ती बेरोजगारी चिंताजनक
बढ़ती बेरोजगारी से केंद्र, राज्य सरकार, शिक्षाविद और बुद्धिजीवी चिंतित है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद सहित एआईसीटीई और अन्य संस्थाएं नवाचार की इच्छुक हैं। उन्होंने पाठ्यक्रमों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोडऩे, औद्योगिक आवश्यतानुसार पाठ्यक्रम निर्माण, उद्यमिता और को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।
raktim tiwari Reporting
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