पहले ही काम का बोझ ज्यादा, अब 'अन्नपूर्णा दूध योजना' की जिम्मेदारी

पहले ही काम का बोझ ज्यादा, अब 'अन्नपूर्णा दूध योजना' की जिम्मेदारी

Deendayal Koli | Publish: Jun, 14 2018 01:04:47 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

ग्रामीण क्षेत्रों में कभी-कभार दिखने वाले चार फूड इंस्पेक्टर कैसे लेंगे दूध के सैम्पल

जयपुर

जयपुर जिले के सीएमएचओ द्वितीय में छह तहसीलों के लिए चार फूड इंस्पेक्टर लगा रखे हैं जिनके पास पहले ही अधिक कार्यभार है लेकिन अब इन्हें 'अन्नपूर्णा दूध योजना' का कार्य भी सौंप दिया है। इसके तहत बच्चों को स्कूलों में पिलाए जाने वाले दूध की गुणवत्ता की जांच के लिए दूध के सैम्पल लिए जाएंगे। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पहले ही फूड इंस्पेक्टर कभी-कभार आकर खराब खाद्य सामग्री की जांच करते हैं। क्षेत्र में कोई बड़ा फूड पॉइजनिंग होता है तब ही फू ड इंस्पेक्टर क्षेत्र में दिखाई देते हैं। जानकारी के अनुसार जयपुर जिले के सीएमएचओ द्वितीय में छह तहसीलें आती हैं जिनमें सीएमएचओ कार्यालय में चार फूड इंस्पेक्टर की तैनाती हैं। अब इन फूड इंस्पेक्टरों को इन तहसीलों की स्कूल में पिलाए जाने वाले अन्नपूर्णा दूध योजना की गुणवत्ता की जांच का कार्य भी सौंप दिया है। पहले ही छह तहसीलों के लिए चार फूड इंस्पेक्टर हैं वह तहसीलों में कई महीनों में आकर घटिया सामग्री या अन्य चीजों की शिकायत पर जांच करते हैं। अब दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए भी इनको जिम्मेदारी सौंप दी है। बस्सी ब्लॉक में 274 स्कूल हैं। इनमें करीब पच्चीस हजार विद्यार्थियों को दूध पिलाया जाएगा जो कई स्कूल तो ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों में हैं जहां पहुंचना भी टेढ़ी खीर है। इन स्कूलों में दूध की गुणवत्ता की जांच के लिए क्या फूड इंस्पेक्टर अपनी भागीदारी निभा सकेंगे। यहां दूध की गुणवत्ता का पता लगा सकेंगे यह भी एक गंभीर सवाल है।

नहीं करने आते हैं जांच

क्षेत्र में मेडिकल व स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षेत्र में लगे फूड इंस्पेक्टर कभी भी कई स्थानों पर बिकने वाली सड़ी गली सब्जियां, दुकानों पर बिकने वाली घटिया खाद्य सामग्री, चाट पकौड़ी, पेय पदार्थ, शीतल पेय, कुल्फी व क्षेत्र केधार्मिक स्थल पर बिकने वाले नकली घी व अन्य सामान की कभी भी जांच नहीं करते हैं। जांच करते हैं तो फोरी कार्रवाई करके इतिश्री कर लेते हैं। अब उनको स्कूलों में दूध पिलाने की गुणवत्ता की जांच का जिम्मा और सौंप दिया है।

छह तहसीलों पर चार इंस्पेक्टर ही हैं। अब इन फूड इंस्पेक्टर को अन्नपूर्णा के दुध की गुणवत्ता की जांच करने व सैंपल लेने का जिम्मा सौंपा हैं। - डॉ. प्रवीण असवाल, सीएमएचओ, द्वितीय जयपुर

दुध की गुणवत्ता की जांच के लिए हमने स्कूल में बनी एसएमसी को जांच के लिए कहा है। - रमेश समरसिया, ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी

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