हड्डियों की मजबूती के लिए फायदेमंद हैं ये ऑयल्स

यदि फैक्चर हो गया है तो प्लास्टर हटने के बाद कुछ असेंशियल ऑयल्स की मसाज से आराम मिल सकता है।

पुदीने का तेल - मांसपेशियों के दर्द से राहत पाने में पुदीने का तेल बहुल उपयोग होता है। इसका कूलिंग इफेक्ट त्वचा में अच्छी तरह से अवशोषित होकर दर्द को दूर करता है। कुछ अध्ययनों से सामने आया कि पुदीने के तेल में एंटी बैक्टीरियल और एनाल्जेसिक प्रॉपर्टीज होती हैं, जो फैक्चर के बाद हड्डियों को जोडऩे में मदद करती हैं। इतना ही नहीं, यह तेल घाव वाली जगह ब्लड सर्कुलेशन को सही करने का काम करता है। इस तरह तेजी से हड्डियों के जुडऩे की प्रक्रिया शुरू हो
जाती है।
लेवेंडर ऑयल - फैक्चर की स्थिति में इस तेल का उपयोग करना भी कारगर है। इस तेल में भी एंटी इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण होते हैं। तनाव और एंजाइटी से राहत पाने में भी इस तेल को उपयोगी माना गया है। फैक्चर वाली जगह तेल से मालिश करने के लिए इसमें किसी अन्य तेल को मिलाकर ही काम लें। लेवेंडर ऑयल में नारियल का तेल या ऑलिव ऑयल का तेल मिलाया जा सकता है। हल्के हाथों से प्रभावित हिस्से की मसाज करें।
क्लोव ऑयल - दर्द से राहत पाने में लौंग का तेल भी बहुत उपयोगी होता है। दरअसल, मसूड़ों और दांत दर्द से राहत पाने के लिए लौंग का सेवन सबसे आसान घरेलू नुस्खा है। इसी तरह हड्डी के टूटने पर तेज दर्द और सूजन के राहत पाने के लिए इस असेंशियल ऑयल का सेवन किया जा सकता है। इस तेल को भी आप किसी अन्य तेल में मिलाकर ही मसाज करें।
नीलगिरी का तेल - सांस संबंधी समस्याओं से राहत पाने के लिए नीलगिरी का तेल बहुत उपयोगी होता है। हड्डी के टूटने पर इस तेल की मसाज करने से भी जल्दी लाभ मिलेगा। इस तेल में दर्द दूर करने का गुण होता है। इसलिए मांसपेशियों के दर्द और ऐंठन की समस्या को दूर करने में इसे कारगर माना गया है। इस तेल का सीधे प्रयोग न करें। हालांकि फैक्चर की स्थिति में किसी भी तेल का प्रयोग चिकित्सक की सलाह से ही करें।

Archana Kumawat Desk
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