अब भी नहीं हुई डीपीसी तो.....

अतिरिक्त निदेशक के पद भी हो जाएंगे रिक्त
निदेशालय में पदोन्नति से स्वीकृत एक भी संयुक्त निदेशक पदस्थापित नहीं

अधिकारियों को हो रहा आर्थिक नुकसान
मॉनिटरिंग का काम भी हो रहा प्रभावित

By: Rakhi Hajela

Published: 05 May 2021, 01:11 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर, 5 मई

पिछले 14 माह से गैर तकनीकी अधिकारी को दिया हुआ है निदेशक का पद, निदेशक पद के लिए विभागीय पदोन्नति 2019-20 और 2020-21 से नहीं करवाई है, जिसके कारण अन्य पदों अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) , संयुक्त निदेशक (Joint director), उपनिदेशक और वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी (Deputy Director and Senior Veterinary Officer) की विभागीय पदोन्नतियां (Departmental promotions) नहीं हो सकी हैं। निदेशक पद के लिए अभी वरिष्ठता सूची जारी नहीं की गई। कुछ ऐसा है प्रदेश के पशुपालन विभाग (Animal Husbandry Department) का हाल।
निदेशालय पशुपालन विभाग (Directorate animal husbandry department) में संयुक्त निदेशक के 9 पद हैं स्वीकृत लेकिन एक भी पद पर पदोन्नति से स्वीकृत संयुक्त निदेशक पदस्थापित नहीं हैं। वहीं अगर पूरे राज्य की बात करें तो विभाग में स्वीकृत संयुक्त निदेशक के कुल 46 पदों में से जून 2021 के बाद केवल 5 चयनित संयुक्त निदेशक ही कार्यरत रहेंगे। इसी प्रकार राज्य में अतिरिक्त निदेशक के कुल 13 स्वीकृत पदों में से सितंबर 2021 के बाद मात्र 5 चयनित अतिरिक्त निदेशक कार्यरत रहेंगे। वजह है विभाग में लंबे समय से डीपीसी (DPC) का नहीं होना। जानकारी के मुताबिक पशुपालन सेवा (Animal husbandry service) में चिकित्सा अधिकारियों की डीपीसी भी दो साल से नहीं हो सकी है जिसका असर विभाग की कार्यशैली पर पड़ रहा है।

उपनिदेशक संभाल रहे जिम्मेदारी

राजधानी जयपुर की बात करें तो यहां संयुक्त निदेशक के पद पर दो चयनित अधिकारी डॉ. नवीन मिश्रा और डॉ. सुरेश मीणा ही कार्यरत हैं। शेष पदों पर उपनिदेशक स्तर के अधिकारी ही संयुक्त निदेशक और अतिरिक्त निदेशक की जिमेदारी संााल रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल प्रदेश के अन्य संभागों का है। वहीं अतिरिक्त निदेशक के पद की जिम्मेदारी भी उपनिदेशक या संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी संभाल रहे हैं।

यह है संभाग की स्थिति
जयपुर निदेशालय : डॉ. उम्मेद सिंह, (उपनिदेशक) अतिरिक्त निदेशक का कार्यभार : दो साल में रिटारयरमेंट

जयपुर निदेशालय : (अतिरिक्त निदेशक हेल्थ) पद रिक्त
(अतिरिक्त निदेशक हेल्थ की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. भवानी सिंह को आरएलडीबी निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है तब से यह पद रिक्त है।)

जयपुर निदेशालय : डॉ. प्रदीप सारस्वत अतिरिक्त निदेशक (फार्म एंड एस्टेट) : इसी माह सेवानिवृत्त
जयपुर निदेशालय : अतिरिक्त निदेशक (मेडिसिन) : डॉ. सज्जन मलिक मार्च में रिटायर हो चुके हैं तब से पद रिक्त है।

जयपुर निदेशालय : अतिरिक्त निदेशक (प्रोडक्शन) : डॉ.पीसी भाटी
जयपुर निदेशालय : अतिरिक्त निदेशक (मॉनिटरिंग एंड लीगल) : डॉ.आनंद सेजरा

अजमेर : डॉ. रीटा पद्मनाभन, अतिरिक्त निदेशक : जून में सेवानिवृत्त
बीकानेर : डॉ.आशु सिंह भाटी, (उपनिदेशक) : अतिरिक्त निदेशक के पद से फरवरी में सेवानिवृत्त

कोटा : डॉ. अशोक शर्मा, (संयुक्त निदेशक) अतिरिक्त निदेशक का कार्यभार : अगले माह सेवानिवृत्त
जोधपुर : डॉ. चक्रधारी गौतम (संयुक्त निदेशक पाली) अतिरिक्त निदेशक का कार्यभार: अगले माह सेवानिवृत्त

उदयपुर : भूपेंद्र भारद्वाज (संयुक्त निदेशक) के पास अतिरिक्त निदेशक का कार्यभार
भरतपुर : भाागीरथ लाल मीणा (अतिरिक्त निदेशक) सितंबर में सेवानिवृत्त

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राज्य में पदों की स्थिति

पद स्वीकृत रिक्त
निदेशक 1 1

अतिरिक्त निदेशक 13 6
संयुक्त निदेशक 46 40

उपनिदेशक 128 60
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी 1123 200

पशु चिकित्सक 1936 1100
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निदेशक पद की वरिष्ठता सूची जारी नहीं
वर्तमान में विभाग में निदेशक पद के लिए विभागीय पदोन्नति 2019-20 और 2020-21 से नहीं करवाई हैं जिसके कारण अन्य पदों अतिरिक्त निदेशक, संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक और वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी की विभागीय पदोन्नतियां नहीं हो सकी है। निदेशक पद के लिए अभी वरिष्ठता सूची जारी नहीं की गई।

गैर तकनीकी अधिकारी संभाल रहे काम
पशुपालन विभाग में निदेशक पद पर 14 माह से गैर तकनीकी अधिकारी को निदेशक पद का अतिरिक्त कार्यभार दे रखा है जो पशुपालन सेवा नियमों के विपरित है। पशुपालन सेवा नियम 1963 (अधिकारियों) में संशोधन की फाइल दो साल से मुख्यमंत्री कार्यालय में लंबित है। जिसके चलते कनिष्ठ अधिकारी उच्च पदों पर पदस्थापित हो रहे हैं।

इनका कहना है,
वाजिब मांग भी नहीं हो रही पूरी

लंबे समय से पशुपालन सेवा के अधिकारियों की डीपीसी लंबित है। संघ वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी स्तर तक के सभी पदों की नियमित पदोन्नति की मांग कर रहा है लेकिन हमारी मांग पूरी नहीं हो रही। डीपीसी समय पर नहीं होने से अधिकारियों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
डॉ. महेश यादव, महासचिव,पशुचिकित्सक संघ, राजस्थान।


विभाग की तरफ से डीपीसी की तैयारी की जा रही है। जल्द ही डीपीसी की जाएगी।

डॉ. प्रदीप सारस्वत, अतिरिक्त निदेशक, पशुपालन विभाग।

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