Exclusive Interview- कर्ज बढ़ा, न शहर स्मार्ट बने न रोजगार मिला- सैम पित्रोदा

इण्डियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष और गांधी परिवार के नजदीकी सैम पित्रोदा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि पिछले 5 साल में देश का कर्ज 50 फीसदी बढ़ा दिया।

सुनील सिंह सिसोदिया
जयपुर। इण्डियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष और गांधी परिवार के नजदीकी सैम पित्रोदा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि पिछले 5 साल में देश का कर्ज 50 फीसदी बढ़ा दिया। इस पैसे को फालतू पब्लिसिटी पर खर्च किया गया। सरकार एक भी स्मार्ट सिटी नहीं बना सकी। रोजगार के अवसर भी पैदा नहीं किए जा सके। सरकार ने सिर्फ झूठे प्रमोशन, लोगों की निंदा और झूंठे न्यायिक मामलों में फंसाने और किसी के भी पीछे आयकर वालों को लगाने का काम किया।

 

उन्होंने मीडिया के एक वर्ग पर पक्षपात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर लगातार हमले जारी रखने और खराब छवि बनाने का भी आरोप लगाया। न्याय योजना की वकालत करते हुए कहा कि इस योजना के लिए मात्र 50 बिलियन डॉलर की ही जरूरत है। जबकि देश में 75 बिलियन डॉलर तो एनआरआइ से ही आ जाता है। पित्रोदा कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र समिति के सदस्य भी हैं। शुक्रवार को राजस्थान दौरे पर आए पित्रोदा से पत्रिका की बातचीत के मुख्य अंश।

 

पत्रिका :  इस लोकसभा चुनाव में विकास की जगह धर्म-जाति सहित व अन्य मुद्दों पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। आप क्या मानते हैं?

पित्रोदा : देश के सामने वास्तविक चुनौती विकास की है। देश को चाहिए रोजगार, मजबूत अर्थव्यवस्था, भविष्य का विकास प्लान, मजबूत शिक्षा व्यवस्था। पांच साल पहले भाजपा सत्ता में आई तब कहा गया था 100 बिलियन रोजगार और 100 स्मार्ट शहर बनाने हैं। न तो स्मार्ट सिटी बने, न रोजगार मिला। नोटबंदी से रोजगार छिना और छोटे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुए। जीएसटी ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी। पांच साल में कोई बड़ा काम नहीं हुआ।

 

पत्रिका :  कांग्रेस पिछले पांच साल में देश की अर्थ व्यवस्था खराब करने का आरोप लगाती रही है। इसके पीछे तथ्य क्या हैं?
पित्रोदा : पिछले 5 साल में देश का कर्ज 50 फीसदी बढ़ गया। फालतू पब्लिसिटी पर पैसा खर्च किया गया। सरकार ने झूठा प्रमोशन, लोगों की निंदा और झूठे न्यायिक मामलों में फंसाने और आयकर वालों को पीछे लगाने का काम किया। संस्थानों को कैप्चर किया गया। आज किसी को भी आजादी नहीं है, लोग डरे हुए हैं। हालात यह है कि इस माहौल में मीडिया या कोई भी प्रश्न पूछने से ही डर रहा है। यही वजह है कि भाजपा के वादों को लेकर कोई सवाल नहीं कर रहा। गुजरात में ही 12 साल पहले जो गिफ्ट सिटी बनने वाली थी, आज तक नहीं बनी। 300 एकड़ जमीन एक कंपनी को सौंप दी। वहां मात्र दो भवन खड़े हैं, फिर भी कोई सवाल नहीं कर रहा।

 

पत्रिका :  पुलवामा अटैक पर आपने सवाल खड़े किए थे?
पित्रोदा : यह सवाल तो मीडिया को पूछना चाहिए। मैंने तो सवाल देश के वरिष्ठ नागरिक की हैसियत से पूछा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह सहित सभी घबरा गए। सभी ने ट्विट करना शुरू कर दिया। घबराने की कहां जरूरत थी? कह देते कि हमें जवाब नहीं देना है, भूल से बोल दिया था 200, लेकिन असल में नहीं मरे बहुत। हमने तो न्यूयॉर्क टाइम्स में पढ़ा था। अब हम अमित शाह को मानें या न्यूयॉर्क टाइम्स को मानें?

 

पत्रिका : आप भारत सरकार में कांग्रेस के समय 2 बार सलाहकार रहे, कांग्रेस और भाजपा के शासन में क्या अंतर महसूस करते हैं?
पित्रोदा : बहुत फर्क है। उस वक्त मुद्दों को लेकर चर्चा, बहस होती थी। सभी की बात सुनी जाती थी। उस दौरान कोई हमला करने वाला नहीं था। किसी पर झूठे केस नहीं डाले गए थे। साइंस और टैक्नॉलॉजी को बढ़ाने के लिए इन्वेस्टमेंट किया गया था। 2014 में 4.7 फीसदी बजट शिक्षा में दिया गया था। देश युवाओं का है। उनके लिए शिक्षा जरूरी है। फिर भी गत पांच वर्षों में बजट कम कर 3.5 फीसदी कर दिया गया है।

 

पत्रिका : न्याय योजना के लिए पैसा कहां से आएगा?
पित्रोदा : किसी टैक्स की जरूरत नहीं। जब नरेगा 10 साल से भी ज्यादा पहले शुरू हुआ था तो बात आई थी पैसा कहां से आएगा। 2019 में इकोनॉमी 3 ट्रिलियन डॉलर की है। यह अर्थव्यवस्था हर साल 7 से 9 फीसदी की दर से हर साल बढ़ेगी। देश में 1947 में गरीबी 77 फीसदी थी। तब आबादी थी 30 करोड़। अब आबादी हो गई 130 करोड़ लेकिन गरीबी 77 फीसदी से घट गई 20 फीसदी। आज 50 बिलियन डॉलर गरीबों के लिए लगाना कोई बड़ी बात नहीं है।

 

उधर, प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में पित्रोदा ने कहा कि देश में ऐसा माहौल बनाया गया है कि लोग जाति, धर्म के बारे में पूछते हैं। आज हमें यह बताया जा रहा है कि क्या पहनना है और क्या खाना है। भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यदि पेट्रोलियम की दरें मनमोहन सरकार के कार्यकाल के बराबर होती तो आज मुश्किल होती।

 

पत्रिका :  आपने कहा प्रियंका स्वयं चुनाव नहीं लडऩा चाहतीं लेकिन मीडिया में चर्चा है कि प्रधानमंत्री
के रोड शो से डर गईं?
पित्रोदा : मीडिया वाले सच्चे लोगों के पीछे पड़े हैं। झूठों का साथ दे रहे हैं। एक बार बात आई कि फोन लोग बहुत यूज करते हैं। हमने कहा घबराइए नहीं, यह तो नई चीज है। सभी सीख रहे हैं। यह अभी ऐसी चीज है कि बंदर को टॉय दे दिया तो खेलते हैं। पांच साल बाद हम भी सीख जाएंगे कि इसे कैसे उपयोग करना है। तो हैड लाइन बना दी कि सैम पित्रोदा ने बोला है कि हिन्दुस्तानी सभी बंदर हैं।

 

पत्रिका : आज सोशल मीडिया का चुनाव में बहुत ज्यादा उपयोग हो रहा है। सही से ज्यादा गलत प्रचारित किया जा रहा है। आप इसको चुनाव में कितना असर कारक मानते हैं?
पित्रोदा : सोशल मीडिया सामाजिक बातचीत के लिए डिजाइन किया गया था। यह एक आइडिया था लेकिन हो यह रहा है कि सोशल मीडिया की कंपनी ज्यादा से ज्यादा क्लिक कर पैसे कमाने में जुटी हैं। राहुल गांधी के पीछे दस साल से लोग लगे हुए हैं। लेकिन राहुल गांधी खड़े हो रहे हैं, तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उनकी मजबूती की कोई बात नहीं करता।

 

पत्रिका : आपने राजीव गांधी के साथ काम किया है। अब राहुल गांधी के साथ काम कर रहे हैं। दोनों के कामकाज में क्या अंतर मानते हैं?
पित्रोदा : तब हमारे पास 2 मिलियन फोन थे। निजीकरण, उदारीकरण, फ्री मार्केटिंग इकॉनोमी। यह नया आइडिया था। भारी बहुमत था। आज लोगों की उम्मीदें ज्यादा हैं। 

 

पत्रिका : राहुल गांधी लम्बे समय से रफाल विमान खरीद घोटाले के मुद्दे को उठाते आ रहे हैं। आज भी ये बात भाषणों में बोल रहे हैं। आप क्या मानते हैं जनता में यह कुछ असर डाल रही है, जिससे कांग्रेस को फायदा हो रहा हो?
पित्रोदा : मोदी ने ऐसी इमेज तैयार की है कि मैं ना खाने दूंगा, ना खाऊंगा, मैं भ्रष्टाचारी नहीं हूं। लेकिन झूठ है। प्रधानमंत्री ने चोरी की है। रफाल घोटाले की जांच की जरूरत है।

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