petrol-diesel inflation: जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ाने पर मजबूर कर रहा महंगा तेल

पेट्रोल-डीजल ( petrol-diesel inflation ) के महंगा होने से कई सेक्टर की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट ( Manufacturing sector ) बढ़ रही है, जिससे उपभोक्ताओं को ज्यादा दाम चुकाना पड़ रहा है। पिछले चार महीनों में ट्रक भाड़ा 10 फीसदी तक बढ़ा है और ज्यादातर ट्रांसपोर्टर ( transporters ) और ऑटोमोबाइल कंपनियों ( automobile companies ) में माल भाड़े को लेकर सौदेबाजी हो रही है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से फलों और सब्जियों की ढुलाई की लागत एक रुपए प्रति किलो तक बढ़ गई है।

By: Narendra Kumar Solanki

Published: 07 May 2021, 12:27 PM IST

जयपुर। पेट्रोल-डीजल के महंगा होने से कई सेक्टर की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ रही है, जिससे उपभोक्ताओं को ज्यादा दाम चुकाना पड़ रहा है। पिछले चार महीनों में ट्रक भाड़ा 10 फीसदी तक बढ़ा है और ज्यादातर ट्रांसपोर्टर और ऑटोमोबाइल कंपनियों में माल भाड़े को लेकर सौदेबाजी हो रही है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से फलों और सब्जियों की ढुलाई की लागत एक रुपए प्रति किलो तक बढ़ गई है। आपको बता दे कि साल 2021 में पेट्रोल और डीजल के दामों में ये 30वीं बार बढ़ोतरी की गई है। पेट्रोल और डीजल के दामों में इस बढ़ोतरी के बाद जयपुर में साल 2021 में डीजल के भाव अब तक 9 रुपए 42 पैसे और पेट्रोल के दाम अब तक 8 रुपए 83 पैसे बढ़ चुके हैं।
नए साल में 8.83 रुपए महंगा हो चुका है पेट्रोल
नया साल पेट्रोलियम ईंधनों के लिए अच्छा नहीं रहा है। साल 2021 में पेट्रोल और डीजल के दामों में ये 30वीं बार बढ़ोतरी की गई है। पेट्रोल और डीजल के दामों में इस बढ़ोतरी के बाद जयपुर में साल 2021 में डीजल के भाव अब तक 9 रुपए 42 पैसे और पेट्रोल के दाम अब तक 8 रुपए 83 पैसे बढ़ चुके हैं। इस तरह चुनावी माहौल में दो महीने के दौरान डीजल के दामों में 4 बार में जो 78 पैसे की कमी की गई थी, वो अब पूरी तरह से बेअसर हो चुकी है। पिछले दो महीने में पांच बार में पेट्रोल के दामों में भी 95 पैसे की कमी गई थी, वो राहत भी अब लगभग बेअसर हो चुकी है।
राजस्थान में डीजल देश में सबसे महंगा
पेट्रोल के साथ-साथ डीजल की कीमत भी रिकार्ड बनाने की राह पर अग्रसर है। शुक्रवार को यह 33 पैसे महंगा हुआ है। गुरुवार को फिर कंपनियों ने इसके दाम 20 पैसे बढ़ा दिए थे। अब डीजल के दाम 90 रुपए 25 पैसे प्रति लीटर हो गए हैं। नए साल में डीजल 9.42 रुपए प्रति लीटर महंगा हो चुका है। यह भी ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर है। देखा जाए तो पिछले 1२ महीने में ही इसके दाम में 2९ रुपए से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है।
डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी से बढ़ा माल भाड़ा
डीजल की बढ़ती कीमतों का असर माल भाड़े पर दिखने लगा है। सामान्य स्थिति में भाड़े में दस फीसदी की बढ़ोतरी दिख रही है। सरिया, तेल, दाल, सब्जी सहित सभी वस्तुओं की कीमतों पर माल भाड़े का अप्रत्यक्ष असर दिखने लगा है।
सरकार ने राहत देने से किया इनकार
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले टैक्स में कोई कटौती नहीं करेगी। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि सरकार के पास पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला टैक्स को घटाने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर टैक्स बढ़ाना या कम करना सरकार की जरूरतों और बाजार की स्थिति जैसे कई पहलुओं पर निर्भर करता है।

Narendra Kumar Solanki Desk
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