इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी पुरस्कार योजना का बढ़ाया दायरा

राज्य स्तरीय बालिका पुरस्कार समारोह
इंदिरा गांधी पंचायतीराज संस्थान में हुआ आयोजन
पुरस्कारों ने इस बार जयपुर और सीकर की बालिकाओं ने बाजी मारी

सरकार ने पुरस्कार राशि बढ़ाकर 5 हजार रुपए की
वोकेशनल प्रोग्राम में भी बालिकाओं को दिए जाएंगे पुरस्कार
इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी पुरस्कार के तहत दी जाएगी राशि
शिक्षा में पुरस्कार राशि भी बढ़ाएगी गहलोत सरकार
बेटियों के लिए गहलोत सरकार का बड़ा फैसला

By: Rakhi Hajela

Published: 17 Feb 2021, 12:19 AM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा (Education Minister Govind Singh Dotasara) का कहना है कि राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी पुरस्कार योजना (Indira Gandhi Priyadarshini Award Scheme) का दायरा बढ़ाए जाने का फैसला लिया है। अब यह पुरस्कार वोकेशनल शिक्षा प्राप्त कर रही बालिकाओं को भी दिया जाएगा। मंगलवार को बालिका शिक्षा फाउंडेशन (Girls Education Foundation) की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय बालिका पुरस्कार समारोह (State Level Girl Award Awards) में उनका कहना था कि इतना ही नहीं शारीरिक रूप से अक्षम बालिकाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए दी जाने वाली पुरस्कार राशि का दायरा भी अब बढ़ाया जाएगा। अब इसमें पहली से ८वीं तक की बालिकाओं को भी शामिल किया जाएगा। इतना ही नहीं इसमें दी जाने वाली राशि को दो हजार रुपए की जगह बढ़ाकर पांच हजार रुपए किया जाएगा।
इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय बालिका पुरस्कार समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से नई शिक्षा नीति लागू की गई है। इस नीति निर्धारण से पूर्व राजस्थान सरकार से भी सुझाव मांगे गए थे जिन्हें इसमें शामिल किया गया है और इसी का परिणाम है कि अब पहली से १२वीं तक की सभी बालिकाओं को भी मिड डे मील प्रदान किया जा सकेगा।
उनका कहना था कि एक समय था जबकि बेटों को ही शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार था। बेटियों को अवसर प्राप्त नहीं हो थे लेकिन अब समय बदला और दोनों को एक समान समझा जाता है। बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं और देश का नाम
रोशन कर रही हैं। विभाग की ओर से किए गए नवाचारों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान भी हमने पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया। दूरदर्शन के जरिए पढ़ाई करवाई। नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन
करवाया जिससे बच्चों को आगे बढऩे का अवसर मिल सके। प्रदेश के २०१ ब्लॉक्स में महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम के स्कूल खोले गए जिसमें आज ७० हजार बच्चे पढ़ रहे हैं। उनका कहना था कि बालिका शिक्षा सरकार की प्राथमिकता है। कांग्रेस सरकारने हमेशा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का काम किया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान
वहीं मीडिया से बात करते हुए डोटासरा का कहना था कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। कहीं एेसा लगा कि कोर्ट में हमें अपनी बात कहनी चाहिए तो हम अवश्य अपनी बात रखेंगे। अभी कोर्ट का अंतरिम निर्णय आया है अंतिम फैसला आना बाकी है। अभिभावक, स्कूल प्रशासन सभी को अपनी बात रखनी चाहिए। हम भी समय आने पर अपनी बात रखेंगे।
नई बोतल में पुराना शरबत
जब उनसे पूछा गया कि शिक्षा को लेकर बजट से उनकी क्या अपेक्षा है तो उनका कहना था कि १९८६ का पुराना शरबत है उस पर नया स्टीकर सब मोदी मोदी चिल्ला रहे हैं और मोदी जी तो किसानों की ही नहीं सुन रहे तो हमारी क्या सुनेंगे। हम केंद्र से आग्रह कर रहे हैं जब नई शिक्षा नीति लागू की जा रही है तो शिक्षा का बजट भी बढ़ाया जाए। शिक्षा को लेकर पॉलिसी लाने के साथ केंद्र सरकार को बजट राशि में संशोधन कर अतिरिक्त बजट देना चाहिए ।

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