बिक चुका हर तीसरे यूजर का फेसबुक एकाउंट, अगले शिकार आप तो नहीं ?

सायबर ठगों के निशाने पर राजस्थान

By: Ankit

Updated: 27 Nov 2019, 01:36 AM IST

जयपुर. देश की एक सिक्योरिटी रिसर्चर कंपनी के अनुसंधान में डार्क वेब का ऐसा डाटा हाथ लगा है, जिन पर राजस्थान के लाखों लोगों के फेसबुक और ई-मेल एकाउंट के आइडी व उनके पासवर्ड अंकित हैं। इन एकाउंट्स का सायबर अपराधी जालसाजी में इस्तेमाल कर लोगों को करोड़ों रुपए का चूना लगा सकते हैं। प्रदेश में पिछले कई माह से फेसबुक और ई-मेल एकाउंट हैक कर रुपए मांगने की घटनाएं बढ़ी हैं, इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि सायबर अपराधी इस चोरी किए डाटा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। प्रदेश में हर माह हैकिंग के 200-300 मामले सामने आ रहे हैं। प्रदेश के हर तीसरे यूजर का विवरण चोरी हो चुका है। प्रदेश के फेसबुक यूजर का डाटा पांच से दस रुपए में डार्क वेब पर बिक रहा है।

ऐसे लगाते हैं खातों में सेंध

ठग दोस्तों और परिवार के लोगों के जानकार बनकर आर्थिक मदद मांगते हंै। इसके लिए हैकर उन लोगों को ऑनलाइन पैमेंट ऐप के नंबर देते हैं और उसमें आर्थिक मदद करने के लिए रकम डालने को कहते हैं। लोग इमरजेंसी समझकर पैसे दे देते हैं। यह पैसा ऑनलाइन पैमेंट ऐप से बैंक अकाउंट में जाता है, जिसकी केवायसी या तो नहीं होती या फिर फर्जी होती है। पैसा अकाउंट में आते ही तुरंत एटीएम से पैसा निकाल कर जालसाजों द्वारा नंबर बंद कर लिया जाता है।

--------तीन तरह के लोगों का डाटा हो रहा आसानी से चोरी-------------

1. जिन्होंने नहीं बदला फेसबुक अकाउंट का पासवर्ड

कंपनी के अनुसंधान में सामने आया है कि चोरी किया गया डाटा उन एकाउंट्स का ही है, जिन्होंने सालों से फेसबुक एकाउंट का पासवर्ड नहीं बदला है। डाटा की चोरी करने वालों के लिए इस तरह के एकाउंट में सेध लगाना आसान है।

2. जिन्होंने नहीं कराया अब तक 2 फेक्टर ऑथेंटिकेशन

लॉगिन करते समय मोबाइल पर ओटीपी आता है, इसे 2 फेक्टर ऑथेंटिकेशन कहा जाता है। राजस्थान के हर दूसरे यूजर को 2 फेक्टर ऑथेंटिकेशन के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

3. जिन्होंने पासवर्ड खुद का मोबाइल नंबर बना रखा है
अनुसंधान में सामने आया है कि जिन लोगों ने अपने मोबाइल नंबर को ही पासवर्ड बना रखा है, उनका डाटा आसानी से चोरी हो गया। अधिकांश एकाउंट में मोबाइल नंबर ही पासवर्ड पाए गए हैं।

सायबर विशेषज्ञ का दावा-हर यूजर का डाटा हो चुका है लीक

पिछले कुछ साल में लगभग हर यूजर का डाटा लीक हो चुका है। यूजर का पासवर्ड प्रति प्रोफाइल पांच से दस रुपए में और बल्क में लेने पर एक रुपए में बिक रहा है। ज्यादातर लोगों ने सिक्योरिटी फीचर्स को ‘इनेबल’ ही नहीं किया हुआ है। रिसर्च में अभी तक हुए वेबसाइट्स के डाटा लीक का अध्ययन किया गया है। यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि ठग कैसे लोगों को अपना शिकार बनाते हैं और आम आदमी से कहां गलती होती है।

-राजशेखर राजहरिया, सायबर विशेषज्ञ

अलर्ट: अपनाएं ये सावधानियां

-अपने मोबाइल नंबर को कभी भी पासवर्ड ना बनाएं।

-गूगल और फेसबुक में तुरंत 2 फेक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन करें।
-प्रोफाइल में अपना मोबाइल नंबर अपडेटेड रखें ताकि एकाउंट हैक पर मोबाइल नंबर के जरिए आसानी से एकाउंट को रिकवर किया जा सके।

-समय पर पासवर्ड बदलते रहें।

-किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक को फॉरवर्ड या ओपन नहीं करें।
-कहीं भी लॉगिन करते समय वेबसाइट की जांच कर लें कि यह फेक वेबसाइट तो नहीं है

Ankit Desk
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