निजता को खतरा ,फेसबुक ने 69 हजार ऐप किए सस्पेंड

निजता को खतरा ,फेसबुक ने 69 हजार ऐप किए सस्पेंड
निजता को खतरा ,फेसबुक ने 69 हजार ऐप किए सस्पेंड

Poonam Sharma | Updated: 23 Sep 2019, 01:06:11 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

कैंब्रिज एनालिटिका (cambridge analytica) डेटा घोटाले के बाद फेसबुक ने करीब 400 डेवलपरों से जुड़े 69 हजार ऐप्स को कई कारणों से निलंबित (facebook suspend apps) कर दिया है. फेसबुक ने संदेह के दायरे में आने वाले ऐप्स पर अपनी जांच अभी भी जारी रखी है. इसका खुलासा सामने आई कोर्ट की एक फाईल से चला..इन ऐप मे से करीब 10 हजार ज्यादा खतरनाक हैं

फेसबुक ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि वह अभी भी टेस्टिंग फेस में थे. कई काम नहीं कर रहे थे, इसलिए हमने उन सभी को निलंबित कर दिया. एक दूसरी पोस्ट में कहा गया कि कई मामलों में डेवलपरों ने जानकारी के लिए हमारे अनुरोध का जवाब नहीं दिया, इसलिए हमने उन्हें निलंबित कर दिया, क्योंकि हम कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. कैंब्रिज एनालिटिका डेटा घोटाले के बाद फेसबुक ने मार्च 2018 में अपना 'ऐप डेवलपर इंवेस्टिगेशन' शुरू किया था
बता दें दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया नेटवर्क फेसबुक को अमेरिका और दुनिया भर के तमामा देशों में यूजर्स की निजता के उल्लंघन के मामले में पूछताछ और जांच का सामना करना
पड़ रहा है। फेसबुक से यह भी पूछा गया है कि क्या उसने पहले किए गए समझौते का उल्लंघन करते हुए बिजनेस पार्टनर्स के साथ अनुचित तरीके से यूजर्स का डाटा शेयर तो नहीं किया था।

इससे पहले 2012 में गूगल पर 154 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा था। मार्च 2018 में फेसबुक के डेटा लीक का सबसे बड़ा मामला सामने आया था। एफटीसी ने फेसबुक को यूजर्स के डेटा की
प्राइवेसी और सुरक्षा में चूक का दोषी पाया है। ब्रिटिश कंसल्टेंसी फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका को डेटा लीक करने के मामले में फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग की अमेरिकी संसद में भी पेशी हुई थी। उसके बाद एफटीसी ने जांच शुरू कर दी थी।

क्या था कैम्ब्रिज एनालिटिका डेटा लीक विवाद?
ब्रिटिश कंसल्टेंसी फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका ने फेसबुक के 8.7 करोड़ यूजर्स का डेटा हासिल किया था। फेसबुक को इस बात की जानकारी थी। कैंब्रिज एनालिटिका ने फेसबुक यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया था। एफटीसी के अलावा अमेरिकी शेयर बाजार का रेग्युलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस भी जांच कर रहे हैं।

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