फैक्ट चैक : चीन सरकार मारेगी कोरोना प्रभावित 20 हजार मरीज! पोस्ट वायरल

चीन में कोरोना वायरस (corona virus) के प्रभावितों को मारने का दावा, सोशल मीडिया पर संक्रमित 20 हजार लोगों को मारने का दावा, दावा - संक्रमितों को मारने के लिए अदालत से मांगी गई मंजूरी, सोशल मीडिया पर यूजर्स कर रहे पोस्ट वायरल, सच : एक वेबसाइट पर फर्जी खबर चलने से फैला झूठ, जानें इस वायरल पोस्ट की पूरी सच्चाई

By: Gaurav Mayank

Published: 18 Feb 2020, 07:11 PM IST

सोशल मीडिया पर किसी फोटो और वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे वायरल किया जाता रहता है। वहीं किसी पुरानी फोटो और वीडियो को नया बताकर भी उसे शेयर किया जाता है। कई बार सच्चाई कोसों दूर होती है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग बिना सच जाने उसे वायरल करते रहते हैं।
चीन में फैले कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर को लेकर दावा किया गया है कि चीन की सरकार ने कोरोना वायरस (corona virus) से संक्रमित 20 हजार लोगों को मारने के लिए अदालत से मंजूरी मांगी है, ताकि वायरस से होने वाले संक्रमण को रोका जा सके। राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने दावे की जांच की तो जो पता चला हम आपको आगे बताते हैं। जांच में यह दावा गलत निकला। चीन सरकार ने कोरोना वायरस (corona virus) से संक्रमित लोगों को मारने के लिए किसी भी अदालत से कोई मंजूरी नहीं मांगी है।
यह है वायरल पोस्ट में
फेसबुक यूजर संजय यादव ने एक न्यूज रिपोर्ट को शेयर करते हुए लिखा है कि वामपंथी हकीकत... चीन में कोरोना वायरस ग्रस्त 20 हजार लोगों को इलाज की जगह गोली से मार कर उन्हें जलाने की इजाजत मांगी। ताकि इनसे दूसरों में इंफेक्शन न फैले। न कोई मानवाधिकार वाला चिल्लाया, न असहिष्णु बोला... यही वामपंथ का इतिहास है... मास किलिंग जेनोसाइड इनका इतिहास रहा है, आज भी है।" ऐसा ही सोशल मीडिया पर कई अन्य यूजर्स ने इस रिपोर्ट को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है। वहीं ट्विटर पर भी कई यूजर्स ने ऐसी पोस्ट शेयर की है।
जांच
वायरल पोस्ट में जिस न्यूज रिपोर्ट का इस्तेमाल किया गया है, उसे सिटी न्यूज की वेबसाइट से लिया गया है। 6 फरवरी 2020 को प्रकाशित इस रिपोर्ट को देखा जा सकता है। अंग्रेजी में लिखी इस रिपोर्ट को पढऩे के बाद हमें कई जगह व्याकरण और वर्तनी की गलतियां नजर आईं, जो किसी न्यूज रिपोर्ट में नहीं मिलती हैं। सर्च में हमें पता चला कि यह वेबसाइट पहले भी कई फर्जी रिपोर्ट को प्रकाशित कर चुका है। वर्ष 2019 में इस वेबसाइट ने कोरोना वायरस को लेकर भ्रामक खबर प्रकाशित की थी, जिस पर सिंगापुर की सरकार को सफाई जारी करनी पड़ी थी। सिंगापुर सरकार की वेबसाइट पर 30 जनवरी 2020 को प्रकाशित खंडन को देखा जा सकता है। न्यूज रिपोर्ट में हमें ऐसी कोई विश्वसनीय वेबसाइट की रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें इस खबर का जिक्र किया गया हो। यह ऑनलाइन फैलाई जा रही खबर है, जो पूरी तरह से झूठ है। चीन में स्थिति बेहद गंभीर है, लेकिन स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। चीन सरकार पूरी ताकत से इस वायरस के संक्रमण को रोकने में जुटी हुई है। लोगों को इस तरह की फर्जी खबरें नहीं फैलानी चाहिए।
सच
चीन में कोरोना वायरस से संक्रमित 20 हजार लोगों को मारे जाने के लिए चीनी सरकार का अदालत से मंजूरी मांगे जाने के दावे के साथ वायरल हो रही खबर झूठी है। राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने दावे की जांच की तो पता चला कि यह एक वेबसाइट की ओर से चलाई गई फर्जी खबर के कारण सोशल मीडिया पर न्यूज वायरल हुई। यह वेबसाइट पहले भी फर्जी खबरें प्रकाशित कर चुकी है।

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