फैक्ट चैक : शराब सेवन से कोरोना वायरस से बचाव का दावा... यह है सच

कोरोना वायरस से बचाव में शराब सेवन का दावा, दावा- अल्कोहल के संपर्क से वायरस की एक मिनट में हो जाती है मौत, डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी गाइडलाइंस जारी का दावा, सोशल मीडिया पर यूजर्स कर रहे पोस्ट शेयर, सच : अल्कोहल वाले हैंडवॉश व हैंड रब का करें यूज, जानें इस वायरल पोस्ट की पूरी सच्चाई...

By: Gaurav Mayank

Published: 07 Mar 2020, 07:09 PM IST

सोशल मीडिया पर किसी फोटो और वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे वायरल किया जाता रहता है। वहीं किसी पुरानी फोटो और वीडियो को नया बताकर भी उसे शेयर किया जाता है। कई बार सच्चाई कोसों दूर होती है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग बिना सच जाने उसे वायरल करते रहते हैं। भारत में भी कोरोना वायरस का खतरा बढ़ गया है। राजधानी दिल्ली समेत देश के दूसरे हिस्सों से कुल 29 केस पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं गुलाबी नगरी जयपुर में भी इटली के टूरिस्ट में इस वायरस के लक्षण मिले हैं। उधर सोशल मीडिया पर इस वायरस से बचाव को लेकर तरह-तरह दावे किए जा रहे हैं। उनमें से एक दावा ये भी है कि शराब पीने वालों को कोरोना वायरस अटैक नहीं करता। राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने इस दावे की जांच की तो पता चला कि यह दावा गलत है। जांच में इस दावे के पीछे का सच जो पता चला वह आपको बताते हैं।
यह है वायरल पोस्ट में
कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर एक अजीबोगरीब दावा किया जा रहा है। दावा ये है कि जो लोग शराब पीते हैं, उन पर कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा नहीं होता है। सोशल मीडिया पर यूजर्स एक अखबार की कटिंग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं, जिसकी हेडलाइन है 'अब कैसा रोना.. एक पैग में पैक होगा कोरोना...'। इस खबर के मुताबिक जो लोग शराब पीते हैं, उन्हें कोरोना से कोई खतरा नहीं है और इस दावे को सही साबित करने के लिए शोध का हवाला दिया जा रहा है। रिपोर्ट में जर्मनी के शोध का हवाला देते हुए लिखा है कि अगर वायरस अल्कोहल के संपर्क में आता है तो एक मिनट में कोरोना वायरस की मौत हो जाती है, जबकि ब्लीच की मदद से 30 सेकेंड में वायरस को खत्म कर सकते हैं।
जांच
दुनियाभर में कोरोना वायरस को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। इस बीच अखबार 'सामना' की एक कटिंग सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इसमें दावा किया गया है कि शराब के सेवन से कोरोना वायरस से बचा सकता है। सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे इन दावों का सच जानना बेहद जरूरी था। यह आर्टिकल 'सामना' में 14 फरवरी, 2020 को पब्लिश किया गया था। हमने पूरे आर्टिकल को पढ़ा तो पाया कि आर्टिकल के शीर्षक में और शुरुआत में शराब के सेवन की बात कही गई है, लेकिन आर्टिकल में आगे डिसइंफेंक्टेंट का जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनियाभर में सलाह जारी की है कि कोरोना वायरस से बचने के लिए लोगों को लगातार अल्कोहल से हाथ धोने चाहिए। इसलिए हमने डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी की गई गाइडलाइंस देखे। डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस से बचने के लिए अल्कोहल की भूमिका का जिक्र जरूर किया है, लेकिन उसके सेवन की बात नहीं कही। बल्कि डब्ल्यूएचओ ने सलाह दी है कि लोगों को अल्कोहल वाले हैंडवॉश और हैंड रब का इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं सच जानने के लिए हमने डॉक्टरों से पूछा तो उन्होंने साफ कहा कि शराब पीने वालों को और सावधान रहने की जरूरत है। डॉक्टरों के मुताबिक शराब पीने वालों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए उनका शरीर किसी भी तरह के वायरस से लडऩे में कमजोर होता है।
सच
राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने जांच की तो पता चला कि सोशल मीडिया पर शराब के सेवन से कोरोना वायरस से बचने का दावा गलत है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार कोरोना वायरस से बचने के लिए लोगों को अल्कोहल वाले हैंडवॉश और हैंड रब का इस्तेमाल करना चाहिए।

Gaurav Mayank
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