फैक्ट चैक : केंद्र सरकार के फ्री मास्क देने का वादा, वायरल मैसेज फर्जी

प्रधानमंत्री योजना के तहत फ्री मास्क बांटने का दावा, दावा- स्वच्छ भारत के तहत केंद्र सरकार देगा फ्री मास्क, सोशल मीडिया पर यूजर्स कर रहे पोस्ट शेयर, सच : केंद्र सरकार की फ्री मास्क बांटने की योजना नहीं, सच : ऑनलाइन फॉर्म भरकर डाटा लेने का मामला, जानें इस वायरल पोस्ट की पूरी सच्चाई

By: Gaurav Mayank

Published: 19 Mar 2020, 08:10 PM IST

सोशल मीडिया पर किसी फोटो और वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे वायरल किया जाता रहता है। वहीं किसी पुरानी फोटो और वीडियो को नया बताकर भी उसे शेयर किया जाता है। कई बार सच्चाई कोसों दूर होती है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग बिना सच जाने उसे वायरल करते रहते हैं।
सोशल मीडिया पर सरकार की नई योजना के तहत मुफ्त मास्क बांटने का दावा करने वाला एक मैसेज वायरल हो रहा है। मैसेज में यूजर्स को एक संदिग्ध वेबसाइट पर व्यक्तिगत डेटा भरने के लिए कहा गया है और इसे कोविड 19 को नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मुफ्त मास्क वितरित करने के लिए शुरू की गई एक नई योजना के रूप में शेयर किया जा रहा है। राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने इस दावे की जांच की तो पता चला कि यह दावा गलत है। इस पोस्ट की पड़ताल की तो सच्चाई कुछ और ही सामने आई।


यह हो रहा वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज में कहा गया है, 'नरेंद्र मोदी आवास योजना डॉट इन नामक वेबसाट पर उपलब्ध फॉर्म को भरकर कोई भी मुफ्त मास्क का लाभ उठा सकता है। वहीं व्हाट्सएप मैसज के साथ दिए गए टेक्स्ट में लिखा गया है - "कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत के अंतर्गत सभी भारतीयों को कोरोना वायरस मुक्त माक्स फ्री में देने का फैसला किया है। आप भी नीचे लिंक पर क्लिक करके अपना फ्री माक्स ऑर्डर करके पहनिए और सवच्छ भारत का हिस्सा बनिए।" वहीं फेसबुक और ट्विटर पर भी ऐसे ही मैसेज वायरल हो रहे हैं।


जांच
राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने इस दावे की जांच की तो पता चला कि यह दावा गलत है। जांच में पता चला कि इस मैसेज में दिए गए यूआरएल में कई लाल झंडे हैं, जो इसके एक संदिग्ध वेबसाइट होने का इशारा करते हैं। साइट यूजर्स को अपना व्यक्तिगत विवरण जैसे नाम, फोन नंबर, पता और पिन कोड दर्ज करने के लिए कहती है। इसके अलावा सरकारी वेबसाइटें 'डॉट जीओवी डॉट इन' या 'डॉट एनआईसी' के साथ समाप्त होती हैं और स्वच्छ भारत अभियान के तहत मुफ्त मास्क के वितरण पर सरकार की ओर से हाल ही में कोई घोषणा नहीं की गई है। वहीं वेबसाइट पर नीचे स्क्रॉल करने पर यह उल्लेख किया गया है कि यह पेशकश सरकारी योजना के विपरीत केवल 15 मार्च 2020 तक ही मान्य है, जबकि वेबसाइट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर शामिल है, उनके नाम की वर्तनी गलत है। विवरण भरने के बाद, यूजर्स को 10 व्हाट्सएप गु्रप को संदेश शेयर करने के लिए कहा जाता है जो व्यक्तिगत विवरण एकत्र करने के लिए धोखाधड़ी वेबसाइटों की ओर से उपयोग किए जाने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है।


मैसेज को 5 दोस्तों और गु्रप को भेजने का निर्देश
"स्वच्छ भारत अभियान में शामिल होने के लिए धन्यवाद, अपने फ्री मास्क को ऑर्डर करने और पार्टी को बढ़ावा देने के लिए आपको नीचे दिए गए हरे बटन को दबाकर अपने 5 दोस्तों या गु्रप को यह भेजना होगा और ऑर्डर बटन दबाएं, आपका मास्क आपके दिए गए पते पर 2 दिनों में पहुंचा दिया जाएगा। "इसके नियम और गोपनीयता में साइट का दावा है कि यह एक शरारत है, लेकिन कहा गया है कि इसे लोगों को और अधिक "वेबफे्रंडली" बनाने के लिए भेजा जाना चाहिए। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि साइट डेटा एकत्र करने के पीछे क्या योजना है। यह फिशिंग साइटों की ओर से उपयोग की जाने वाली तकनीकों से मिलता-जुलता है।

सच
राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने जांच की तो पता चला कि स्वच्छ भारत के अंतर्गत प्रधानमंत्री योजना में मुफ्त फेस मास्क बांटने का दावा गलत है। केंद्र सरकार इस किसी योजना के तहत कोई फेस मास्क नहीं बांटेंगी।

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