खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने किया खुलासा, खादी के नाम से बाजार में नकली पीपीआई की बिक्री

ऐसे समय में जब पूरा देश कोरोना के संक्रमण से लड़ाई में जूझ रहा हैं। वहीं कुछ ऐसे लालची लोग भी हैं, जो ना सिर्फ घटिया क्वालिटी के मास्क बेच रहे हैं, बल्कि कुछ तो निम्न मानकता वाले सैनेटाइजर की बिक्री भी कर रहे हैं।

By: kamlesh

Published: 10 May 2020, 03:45 PM IST

शैलेंद्र शर्मा/जयपुर। ऐसे समय में जब पूरा देश कोरोना के संक्रमण से लड़ाई में जूझ रहा हैं। वहीं कुछ ऐसे लालची लोग भी हैं, जो ना सिर्फ घटिया क्वालिटी के मास्क बेच रहे हैं, बल्कि कुछ तो निम्न मानकता वाले सैनेटाइजर की बिक्री भी कर रहे हैं। इसी बीच एक सनसनीखेज मामला सामने आया हैं कि जिसमें पता चला हैं कि कुछ कंपनियां 'खादी इंडिया' ब्रांड के नाम का इस्तेमाल करके बाजार में नकली पीपीई किट बेच रही हैं। यह खुलासा खुद खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने किया हैं। बाजार में बेचे जा रहे ये नकली किट हमारे डॉक्टरों, नर्सिंग स्टॉफ और चिकित्सा सहायकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं जो कोरोना के संक्रमण से पूरे देश को बचाने में अपने जान की परवाह किए बगैर डटे हुए हैं।

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के संज्ञान में ये आया है कि कुछ बेईमान व्यावसायिक कंपनियां व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट का निर्माण और बिक्री कर रही हैं और धोखे से केवीआईसी के पंजीकृत ट्रेडमार्क ’खादी इंडिया’ का उपयोग कर रही हैं। आयोग की जानकारी में आया है कि ये नकली पीपीई किट खादी के ही एक उत्पाद की तरह बेची जा रही है, जो पूरी तरह से गलत और भ्रामक है।

ऐसे उत्पाद खादी के नहीं, खादी की किट परीक्षण स्तर पर
आयोग का कहना है कि यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि केवीआईसी विशेष रूप से अपने उत्पादों के लिए दोहरे-घुमाव वाले हाथ से काते हुए, हाथ से बुने हुए खादी के कपड़े का उपयोग करता है और इसलिए पॉलिएस्टर और पॉलीप्रोपाइलीन जैसे बिना बुने हुए मटीरियल से बने ये किट न तो खादी के उत्पाद हैं और न ही केवीआईसी उत्पाद। केवीआईसी ने खादी कपड़े से बने अपने स्वयं के पीपीई किट विकसित किए हैं जो परीक्षण के विभिन्न स्तरों पर हैं।

ऐसे हुआ खुलासा
दिल्ली स्थित एक 'निचिया कॉर्पोरेशन' द्वारा बनाई गई नकली पीपीई किट का मामला केवीआईसी के डिप्टी-सीईओ सत्यनारायण के ध्यान में लाया गया। जिन्होंने बताया कि केवीआईसी ने कोई भी पीपीई किट लांच नहीं किया है और न ही इसका काम किसी निजी एजेंसी को दिया है।


अभी तक हमने खादी पीपीई किट बाजार में नहीं उतारी हैं। पीपीई किटों को 'खादी इंडिया' के नाम पर धोखेबाज़ी से बेचना गैर-कानूनी है। केवीआईसी ऐसे धोखेबाजों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है। साथ ही एक कंपनी को लीगल नोटिस भी भेजा हैं।
विनय कुमार सक्सेना,अध्यक्ष खादी और ग्रामोद्योग आयोग

'केंद्रीय मुख्यालय से खादी इंडिया के नाम से पीपीई किट बाजार में बिकने की सूचना मिली हैं। राज्य में भी हम लोग इसको लेकर सतर्क हैं। अगर ऐसी कोई सूचना मिलती हैं तो तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बद्रीलाल मीणा,राज्य निदेशक,खादी और ग्रामोद्योग आयोग, राजस्थान

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