किसान नेता राकेश टिकैत का पांच दिन प्रदेश में डेरा, आज नोहर में किसान महापंचायत

आज से 26 फरवरी पांच स्थानों पर किसान महापंचायत करेंगे राकेश टिकैत, नोहर, सरदारशहर, सीकर, टोडाभीम और पदमपुर में होगी किसान महापंचायत

By: firoz shaifi

Updated: 22 Feb 2021, 11:11 AM IST

जयपुर। केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के प्रमुख रणनीतिकार और किसान नेता राकेश टिकैत आज से पांच दिन राजस्थान में ही डेरा डाले रहेंगे। आज से 26 फरवरी तक टिकैत की प्रदेश के अलग-अलग जिलों में किसान महापंचायतें होनी है। महापंचायतों के जरिए टिकैत केंद्र पर कृषि कानूनों को वापस लेने के दबाव के साथ ही दिल्ली से सटे राज्य राजस्थान में भी आंदोलन को गति देने का काम करेंगे।

टिकैत की आज दोपहर 2 बजे हनुमानगढ़ के नोहर में किसान महापंचायत होनी है। उसके बाद राकेश टिकैत की 23 फरवरी चूरू के सरदारशहर में, 23 फरवरी सीकर, 25 फरवरी करौली जिले के टोडाभीम कस्बे के करीरी में और 26 फरवरी को गंगानगर के पदमपुर मंडी में किसान महापंचायतें कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को किसान आंदोलन से जोड़ने से रणनीति पर काम करेंगे।

इधर किसान नेता राकेश टिकैत की आज से पांच दिन प्रदेश के अलग-अलग जिलों में होने वाली महापंचायतों पर सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा की पैनी नजर है। देश भर के किसान वर्ग में टिकैत के बढ़ते प्रभाव से दोनों ही दल चिंतित हैं।

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा भले ही किसानों की आवाज बुलंद करने वाले नेताओं का समर्थन करने की बात कह चुके हों, लेकिन अंदरखाने टिकैत के बढ़ते प्रभाव से कांग्रेस थिंक टैंक भी बेहद चिंतित हैं। वैसे भी जिन जिलों में राकेश टिकैत की किसान महापंचायतें होने ही वे सभी जिले किसान बाहुल्य हैं।

वहीं दोनों प्रमुख दलों की चिंता की एक वजह ये भी है कि टिकैत की महापंचायतों के मंचों पर वामदलों के नेताओं के मौजूद रहने की बात कही जा रही है, प्रदेश में राजनीतिक हाशिए पर चल रहे वामदलों को किसान आंदोलनों और महापंचायतों के जरिए फिर से संजीवनी मिल सकती है।

राजस्थान हरियाणा पर खास फोकस
सूत्रों की माने को दिल्ली में सिंघु बॉर्डर औऱ यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे अनिश्चितकालीन किसान आंदोलन को और गति देने के लिए किसान नेता राकेश टिकैत ने दिल्ली और यूपी से सटे राज्यों हरियाणा और राजस्थान पर खास फोकस किया है। वहीं राजस्थान हरियाणा बॉर्डर शाहजहांपुर में चल रहे किसान आंदोलन में भी राकेश टिकैत कर बार दौरा कर चुके हैं।

बताया जाता है कि किसान आंदोलन के रणनीतिकारों की कोशिश है कि राजस्थान और हरियाणा से सिंघु बॉर्डर औऱ यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर आसानी से पहुंचा जा सकता है, साथ ही जरुरत पड़ने भी भीड़ भी इन्हीं राज्यों से जुटाई जा सके। यही वजह है कि अब राकेश टिकैत ने इन दोनों राज्यों पर फोकस किया है।

firoz shaifi Desk
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