कोरोना संकट में किसानों के साथ आम उपभोक्ताओं को बिलों में मिली राहत

CoronaVirus Updates : कोरोना महामारी के कारण आए संकट से किसानों, उद्योगों एवं आमजन को संबल प्रदान करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

By: Ashish

Updated: 02 Apr 2020, 10:20 PM IST

जयपुर

CoronaVirus Updates : कोरोना महामारी के कारण आए संकट से किसानों, उद्योगों एवं आमजन को संबल प्रदान करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में कृषि उपभोक्ताओं के मार्च में जारी बिल के साथ ही अप्रैल और मई में जारी होने वाले बिलों का भुगतानभी 31 मई तक स्थगित कर दिया गया है। इससे प्रदेश के करीब 13 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बिजली कनेक्शन के मार्च और अप्रैल माह के उपभोग के बिल जो अप्रैल एवं मई में जारी होंगे, उनमें फिक्स्ड चार्ज (स्थाई शुल्क) को लॉकडाउन अवधि के अनुपात में 31 मई तक स्थगित (डेफर) किया है। इससे लघु, मध्यम एवं बड़ी औद्योगिक इकाइयों के करीब 1 लाख 68 हजार उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। कृषि एवं घरेलू श्रेणियों के सभी उपभोक्ता 31 मई तक बिलों का भुगतान करेंगें तो उन्हें आगामी बिल में भुगतान की गई राशि की 5 प्रतिशत छूट दी जाएगी। सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को यह राहत देने के लिए राज्य सरकार करीब 650 करोड़ रूपए डिस्कॉम्स को उपलब्ध करवाएगी।

स्थाई शुल्क को किया डेफर
राजकीय प्रतिष्ठान एवं लॉकडाउन से मुक्त प्रतिष्ठानों को छोड़कर अन्य सभी अघरेलू (व्यावसायिक यथा-पर्यटन से संबंधित प्रतिष्ठान, शोरूम, दुकान, होटल, वर्किंग हॉस्टल आदि) के करीब 11 लाख कनेक्शनों के मार्च एवं अप्रैल माह के बिजली बिलों के फिक्स्ड चार्ज को लॉकडाउन अवधि के अनुपात में 31 मई तक डेफर किया गया है।


शुरू हो सकेंगे कटे कनेक्शन

सरकार ने ऐसे कृषि एवं घरेलू कनेक्शन जो बकाया राशि के कारण 31 मार्च, 2019 से पहले काट दिए गए थे, उनके लिए एमनेस्टी योजना की अवधि भी 30 जून, 2020 तक बढ़ा दी है। इससे किसानों को करीब 45 करोड़ रूपए की छूट का लाभ मिल सकेगा। उनके काटे गए कनेक्शन फिर चालू हो सकेंगे।

घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिलों के भुगतान में आ रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने 150 यूनिट प्रतिमाह तक उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं के मार्च एवं अप्रेल माह के बिलों का भुगतान स्थगित करने का निर्णय किया है। इन बिलों का भुगतान उपभोक्ता मई माह में जारी होने वाले बिलों की राशि के साथ कर सकेंगे। इससे प्रदेश के करीब एक करोड 5 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।


700 करोड़ के प्रीमियम का भुगतान
किसानों की परेशानी को देखते हुए सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अगले एक माह में 700 करोड़ रूपए के प्रीमियम का भुगतान और करेगी, ताकि खरीफ-2019 तक के पूर्ण राज्यांश प्रीमियम का भुगतान हो सके और किसानों को लंबित क्लेम का भुगतान हो सके। पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार प्रीमियम के रूप में 2034 करोड़ रूपए का भुगतान कर चुकी है।

किसानों को इस तरह भी राहत
अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के 5 लाख किसानों को 5 किलोग्राम की दर से नि:शुल्क संकर मक्का बीज के मिनिकिट वितरित किए जाएंगे। इस पर करीब 25 करोड़ रूपए का व्यय होगा।
प्रमुख बाजरा उत्पादक जिलों के 10 लाख लघु एवं सीमांत किसानों को 0.4 हैक्टेयर क्षेत्र तक के लिए प्रति किसान 1 किलो 500 ग्राम के संकर बाजरा बीज के मिनिकिट नि:शुल्क वितरित किए जाएंगे। इस पर करीब 30 करोड़ रूपए का व्यय होगा।


नि:शुल्क मिलेंगे कृषि उपकरण
आर्थिक रूप से कमजोर लघु एवं सीमांत किसानों को कृषि कार्यों में आ रही कठिनाई को देखते हुए इन किसानों को कृषि यंत्र निर्माता कम्पनियों से समन्वय कर फसल कटाई, थ्रेसिंग एवं अन्य कृषि गतिविधियों के लिए निशुल्क ट्रेक्टर एवं कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध करवाए जाएंगे।

8 हजार करोड़ का फसली ऋण
राज्य में 16 अप्रेल से प्रारम्भ होने वाले खरीफ फसली ऋण के तहत किसानों को 25 प्रतिशत ऋण बढ़ाकर दिया जाएगा। इस प्रकार खरीफ 2020 में करीब 8 हजार करोड़ रूपए का ऋण वितरित होगा। बढ़ी हुई राशि का लाभ प्रदेश के करीब 20 लाख किसानों को मिलेगा।

जून में जमा होंगे पानी के बिल
उपभोक्ताओं को पेयजल बिलों के भुगतान से राहत दी गई है। मार्च एवं अप्रेल के बिलों का भुगतान स्थगित किया गया है। इनका भुगतान उपभोक्ता जून में कर सकेंगे। ऐसा होने से करीब 100 करोड़ रूपए का राजस्व संग्रहण स्थगित होगा।

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