किसानों ने दिनभर उपवास रखकर किया महात्मा गांधी को याद

शाहजहांपुर.खेड़ा बॉर्डर पर आंदोलन का 50वां दिन

सद्भावना दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ मोर्चा स्थल पर सद्भावना मार्च निकाला गया।
किसान बोले,शांति,अहिंसा और अनुशासन के आधार पर जीतेंगे ये लड़ाई
हाईवे पर मोर्चा लगाए हुए किसानों की जनता से अपील
देश में खेती.किसानी और रोजगार को बचाना है तो किसानों की इस लड़ाई में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें

By: Rakhi Hajela

Published: 30 Jan 2021, 10:51 PM IST


शाहजहांपुर.खेड़ा बॉर्डर (Shahjahanpur.Kheda Border) पर शनिवार को आंदोलन का 50वां दिन था। शनिवार को किसानों ने दिनभर उपवास रखकर महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) को याद किया। इसके साथ ही सद्भावना दिवस (Goodwill Day) पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ मोर्चा स्थल पर सद्भावना मार्च निकाला गया। इस दौरान किसानों ने जनता से अपील की कि देश में खेती.किसानी और रोजगार को बचाना है तो किसानों की इस लड़ाई में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें। उनका कहना था कि वह शांति,अहिंसा और अनुशासन के आधार पर लड़ाई जीतेंगे। किसानों ने महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि हमारा देश आजाद हो गया है,पर अग्रेजों की ही तरह काम करने वाली सरकार अभी भी कायम है। जो उसके सामने खड़े होने वाले आंदोलनों को कुचलना चाहती है और देश को फिर से गुलाम बनाना चाहती हैं और इस बार गुलाम पूंजीपतियों का बनाना चाहती है, लेकिन हम गांधी जी के अहिंसा और सत्याग्रह के रास्ते पर चलते हुए इस क्रूर और संवेदनहीन सरकार से लड़ेंगे। हरियाणा, केरल, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, आदि राज्यों के सभी किसानों ने पूरे दिन उपवास रख महात्मा गांधी को याद किया।
किसानों ने कहा कि राकेश टिकैत के नेतृत्व वाले गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार का दमनकारी रवैया किसानों ने फेल कर दिया। किसानों ने ठान लिया है कि किसान विरोधी इस सरकार से जब तक ये कृषि कानून वापिस नहीं करवाएंगे तब किसी भी सूरत में आंदोलन खत्म नहीं करेंगे,और ना ही किसान हाईवे से उठेंगे।
किसानों ने ये भी कहा कि अगर देश में खेती किसान रोजगारव्यापार आदि को बचाना है तो सबसे पहले इन कृषि कानूनों को रद्द करवाना होगा। नहीं तो जैसे ही खेती पर संकट आएगा वैसी ही बेरोजगारी तेजी से बढ़ाना शुरू हो जाएगी, इसलिए सभी से अपील है कि इस जनांदोलन में बढ़ चढ़ कर भाग लें।

आमसभा में इन वक्ताओं ने भाग लिया
आमसभा में राजाराम मील, कैलाश मीणा, रामकिशन महलावत, सुमेर सिंह जेलदार, केरल से उन्नी कृषणन,धर्मेंद्र आंचरा,विधायक बलवान पूनिया, नरसिंह यादव, महेश सैनी, वीरेंद्र बागोरिया,अनिल सांगवान, सतीश, राम रतन बगडिया, गौरी शंकर थोरी,मणि, विपिन कुमार चड्ढा, सुनील यादव, एडवोकेट मुकेश शर्मा,करण सिंह, महावीर प्रसाद, रामप्रसाद जांगिड़, बलबीर छिल्लर, राधेश्याम शुक्लावास,राकेश ठोलिया, चिमनाराम पांडर ,बलवान फगेडिया, जमेश्वर सामंतराय, कुलदीप ढेवा,महेश सरपंच, आनंद यादव, ज्ञानी राजवीर सिंह, रमजान चौधरी, रंजीत राजू, धर्मपाल नम्बरदार,श्योताज सिंह सरपंच, अशोक मुदगल,मुफ्ती तारिफ़ सलीम,बस्ती राम प्रधान,हेमंत शेखावत, घनश्याम मेहर,विद्याधर चौधरी,मौलाना हनीफ आदि ने संबोधन दिया। आमसभा का संचालन डा. संजय माधव ने किया।

Rakhi Hajela Desk
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