बेफिक्र करो खेती... किसी भी हादसे के शिकार किसान को मिलेगी मदद

अब खेत में फसलों की सिंचाई के दौरान बिजली के करंट से मृत्यु अथवा अंग-भंग होने पर, खेत पर कृषि व इससे जुड़े कार्य करते समय वन्य, पालतू या आवारा जानवर तथा गोह, मधुमक्खी, बिच्छू एवं अन्य जहरीले जानवर या कीट के काटने एवं हमला करने से मृत्यु या अंग-भंग होने पर भी किसान को सहायता योजना का लाभ मिल सकेगा।

By: chandra shekar pareek

Published: 11 Sep 2019, 06:26 PM IST

राज्य सरकार ने राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना-2009 का दायरा बढ़ाया है। इससे इस योजना में खेत पर काम करते समय अन्य कई परिस्थितियों में दुर्घटना होने पर भी पीडि़त किसान तथा खेतीहर मजदूर को योजना का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इससे संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
पहले रह जाता था किसान वंचित
उल्लेखनीय है कि खेत पर कृषि कार्य करते समय विभिन्न परिस्थितियों में दुर्घटनाएं हो जाती थीं। मूल योजना में उन परिस्थितियों का समावेश नहीं होने के कारण दुर्घटनाग्रस्त किसान अथवा अन्य दावेदार योजना के लाभ से वंचित रह जाता था। गहलोत के समक्ष ऐसे प्रकरण सामने आने पर उन्होंने काश्तकारों के हित में यह निर्णय लिया है।
जानवर या कीट के काटने पर भी कवर
प्रस्ताव के अनुसार अब खेत में फसलों की सिंचाई के दौरान बिजली के करंट से मृत्यु अथवा अंग-भंग होने पर, खेत पर कृषि व इससे जुड़े कार्य करते समय वन्य, पालतू या आवारा जानवर तथा गोह, मधुमक्खी, बिच्छू एवं अन्य जहरीले जानवर या कीट के काटने एवं हमला करने से मृत्यु या अंग-भंग होने पर भी योजना का लाभ मिल सकेगा।
इन हादसों में भी मिलेगी मदद
इसी प्रकार खेत पर कृषि कार्य करते समय यथा-फसल की बुवाई के लिए खेत की तैयारी (खेत समतलीकरण, झाड़- झंखाड़ की कटाई एवं छंगाई), मेड़बंदी करते समय, फसल को काट कर इक_ी करते समय अथवा फसल से अनाज निकालते समय, चक्रवाती तूफान अथवा बारिश के समय पेड़ के नीचे दबने से हुई दुर्घटना में अंग-भंग अथवा मृत्यु होने की परिस्थितियों को भी योजना में शामिल किया गया है।
जल से जुड़ी दुर्घटना भी कवर
साथ ही, सिंचाई अथवा कृषि से संबंधित अन्य कार्य करते समय, खेत में निर्मित संरचनाओं जैसे डिग्गी, फार्म पौंड, टांका, कुएं या अन्य जल भराव की संरचनाओं से फिसलकर गिरने अथवा पानी की निकासी करते समय गिरने से हुए अंग-भंग या मृत्यु होने पर भी योजना में लाभ दिया जा सकेगा।
अब तक इन हादसों में मिलती थी मदद
योजना में अब तक खेती के प्रयोजन से ट्रैक्टर, बैलगाड़ी अथवा ऊंटगाड़ी से घर से खेत आते-जाते समय दुर्घटना में मृत्यु अथवा अंग-भंग होने पर लाभ देय था। इस में मोटरसाइकिल अथवा अन्य किसी भी वाहन से खेत पर कृषि कार्य के लिए आते-जाते समय दुर्घटना होने की परिस्थिति को भी शामिल किया गया है।

chandra shekar pareek Desk/Reporting
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