scriptfather open residential training home for autism person in jaipur | ऑटिस्टिक बेटे की मुश्किल देख पिता ने शुरू किया आवासीय केंद्र | Patrika News

ऑटिस्टिक बेटे की मुश्किल देख पिता ने शुरू किया आवासीय केंद्र

पहल : ऑटिज्म से पीडि़त बच्चों-युवाओं को दे रहे आत्मनिर्भर होने का प्रशिक्षण

 

जयपुर

Published: May 04, 2022 08:26:15 pm

जया गुप्ता /जयपुर. वैशाली नगर की एक पॉश सोसायटी में रहने वाले अनुराग श्रीवास्तव (50) का बेटा वत्सल (22) ऑटिज्म से पीडि़त है। इसके चलते पढ़ाई व अपने दूसरे काम करने में भी उसे मुश्किल होती है। बेटे की मुश्किल देख उन्होंने ऑटिज्म से पीडि़त दूसरे बच्चों और युवाओं के लिए आवासीय प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया। अब दूसरे शहर से भी परिजन अपने बच्चों को प्रशिक्षण के लिए यहां भेज रहे हैं।अनुराग ने बताया कि वह पेशे से इंजीनियर हैं। साल 2019 में मुंबई में इंजीनियर की नौकरी छोड़कर जयपुर में आवासीय प्रशिक्षण केंद्र शुरू करना चाहा। लेकिन, कोरोना के कारण देरी हो गई। इस साल आवासीय प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया है। हालांकि, अनुराग और उनकी पत्नी गरिमा पिछले 11 वर्षों से डे प्रशिक्षण केंद्र चला रहे हैं। अनुराग ने बताया कि यह कोई एनजीओ नहीं है, बल्कि ऑटिस्टिक बच्चों के परिजन का एक सेल्फ हेल्प ग्रुप है। इसमें जयपुर व कोटा सहित कई अन्य शहरों से परिजन शामिल हैं। ग्यारह वर्षों में सैकड़ों बच्चों को प्रशिक्षित किया लेकिन उनमें वह सुधार नहीं आया, जो हम देखना चाहते हैं। इसीलिए यह आवासीय प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया।
home for autism people in jaipur
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अपने फ्लैट में किया शुरू, खुद किराए पर रह रहे

अनुराग ने बताया कि वैशाली की पॉश सोसायटी के अपने फ्लैट में ही आवासीय प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया है। वह पास ही दूसरे टावर में किराए पर फ्लैट लेकर रहने चले गए। उन्होंने बताया कि फिलहाल केंद्र में तीन बच्चे रह रहे हैं। यह दो वर्षीय आवासीय प्रशिक्षण समावेशी कार्यक्रम है। हम चाहते हैं कि दो साल में बच्चे इतना सीखें कि वे आत्मनिर्भर हो जाएं। यदि रोजगार के लिए प्रशिक्षित हो जाएं तो बहुत बेहतर है। कम से कम अपने दैनिक कार्य के लिए दूसरे पर निर्भर न रहें।
दोस्त कर रहे आर्थिक मदद

अनुराग ने बताया कि आवासीय प्रशिक्षण केंद्र में जो बच्चे आ रहे हैं, उनकी कुछ फीस ली जाती है। लेकिन, उससे पूरे खर्च नहीं निकल पाते। ऐसे में उनके कॉलेज समय के दोस्त आर्थिक मदद कर रहे हैं। साथ ही सेल्फ हेल्प ग्रुप के सदस्य भी आगे बढ़कर धन एवं श्रम से मदद कर रहे हैं।
क्या होता है ऑटिज्म

ऑटिज्म (स्वलीनता) मस्तिष्क के विकास के दौरान होने वाला विकार है। एक मानसिक रोग है जिसके लक्षण जन्म से ही या बाल्यावस्था से नज़र आने लगते हैं। जिन बच्चों में यह रोग होता है उनका विकास अन्य बच्चों की अपेक्षा असामान्य होता है। इससे प्रभावित व्यक्ति सीमित और दोहराव युक्त व्यवहार करता है जैसे एक ही काम को बार-बार दोहराना।

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