कोरोना संक्रमण का भय कायम, 67 प्रतिशत ने कहा सार्वजनिक परिवहन के साधनों का नहीं करेंगे उपयोग

जयपुर. कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए करीब 67 प्रतिशत नागरिक परिवहन के सार्वजनिक साधनों का उपयोग करने के लिए तैयार नहीं हैं। हाल ही दिल्ली में हुए एक सर्वे में 67 प्रतिशत नागरिकों ने कहा है कि अगर मेट्रो या लोकल ट्रेन दोबारा शुरू हो जाए तो भी वे अगले 30 दिनों तक इसकी सवारी करने से पहले सोचेंगे।

By: Subhash Raj

Published: 29 Jun 2020, 08:51 PM IST

केवल 15 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वे जिम या स्विमिंग पूल के खुलने पर अगले 30 दिनों के अंदर वहां जाएंगे। वहीं 93 प्रतिशत नागरिकों की अगले तीन महीनों तक छुट्टियों के दौरान किसी होटल में रहने की योजना नहीं है।
अनलॉक 1.0, 30 जून को समाप्त होने को है, जिसके अंदर कई सेक्टरों को दोबारा खोला गया था और कई क्षेत्रों में ढील दी गई थी। भारत में कोरोना वायरस के 5,25,000 मामले होने के बाद और केवल 6 दिनों में ही मामले 1,00,000 के पार होने पर, अधिकतर नागरिकों को डर है कि उन्हें कहीं कोविड-19 न हो जाए।
लोकल सर्कल्स ने अनलॉक 2.0 के लिए एक सर्वे का आयोजन किया था कि इस दौरान कितने लोग मेट्रो/लोकल ट्रेन्स में जाना चाहते हैं या जिम/स्विमिंग पूल्स में जाना चाहते हैं या होटलों में कमरा बुक कराना चाहते हैं। सर्वे में भारत के 241 जिलों के 24,000 उत्तरदाताओं से बात की गई है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने हाल ही में कहा था कि वे मेट्रो सेवा यथासंभव जल्द से जल्द शुरू करने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं की एक सूची पर काम कर रहे हैं। मुंबई लोकल ट्रेनों ने भी जरूरी सेवाओं के लिए 15 जून से अपनी सेवा शुरू की है, लेकिन लोग काफी कम संख्या में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। कुल 25 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि अगले 30 दिनों में अगर मेट्रो/लोकल ट्रेन दोबारा शुरू होंगे तो वे इसकी सवारी करेंगे, वहीं 67 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि यह असुरक्षित हो सकता है। हालांकि ईंधन की कीमतें लोगों की जेब पर असर डाल रही हैं। इसके बावजूद लोग कोविड-19 के डर से सार्वजनिक वाहनों का उपयोग करने से बच रहे हैं।

Subhash Raj
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