पोल्ट्री फार्म में नहीं पहुंच रही फीड, अंडों की सप्लाई थमी

कोरोना का कहर, भूखे मरने पर मजबूर मुर्गे पोल्ट्री उद्योग तबाही की कगार पर

मुर्गियों को खिलाने के लिए नहीं बचा है दाना
मुर्गियों का जीवन आया खतरे में
मुर्गियों के मरने पर और भी अधिक सक्रमण की आशंका

एक लाख से अधिक अंडे खराब होने की कगार पर

By: Rakhi Hajela

Published: 27 Mar 2020, 05:19 PM IST

कोरोना वायरस का असर राजस्थान के पोल्ट्री व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। एक ओर लोग चिकन खाने से परहेज कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर मुर्गियों का जीवन भी अब खतरे में पड़ गया है। आपको बता दें कि राजसमंद जिले के सबसे बड़ पोल्ट्री फार्म पर लॉक डाउन का गहरा असर पड़ा है। पोल्ट्री फार्म पर मुर्गियों को खिलाने के लिए दाना खत्म हो गया है और एेसे में यहां पल रही एक लाख से अधिक मुर्गियों का जीवन संकट में है। राजसमंद के कुरज में स्थित गरीब नवाज पोल्टीफार्म के मालिक मोहम्म्मद आरीफ ने बताया कि उनके फार्म पर तकरीबन १४ हजार मुर्गियां हैं जो प्रतिदिन अंडे देती हैं एेसे में इन मुर्गियों को प्रतिदिन भोजन यानी दाने की भी जरूरत होती है। यहां दाने की आवक अजमेर और ब्यावर से होती है। इन १४ हजार मुर्गियों के लिए प्रतिदिन सोलह बोरी दाने की आवश्यकता पड़ती है। वर्तमान में उनके पास में एक दिन की ही व्यवस्था है ऐसे में यदि इन मुर्गियों के लिए दाने की व्यवस्था नहीं हो पाई तो मुर्गियां भूख के कारण दम तोड़ देंगी।

पर्यावरण को भी होगा नुकसान

आपको बता दें कि यदि मुर्गियां इस प्रकार भूख के कारण दम तोड़ती हैं तो इसका खामियाजा भी हमें हीउठाना होगा। क्षेत्र के पर्यावरण के लिए यह और अधिक नुकसानदायक होगा। एेसे में न केवल मोहम्मद आरिफ बल्कि क्षेत्र के अन्य पोल्ट्री व्यवसायी भी अब जिला प्रशासन से गुहार कर रहे हैं। इन सभी का कहना है कि किसी प्रकार जिला प्रशासन मुर्गियों के दाने के परिवहन में लगे वाहनों को आवाजाही की स्वीकृति दे या फिर इनका पास बनवा दे तो मुर्गियों का जीवन बच सकता है।
अण्डे भी खराब होने के कगार पर
यहां मुर्गियों का जीवन तो संकट में है ही साथ ही अंडे भी खराब होने की कगार पर हैं। कुरज स्थित पोल्ट्री फार्म से पूर्व में प्रतिदिन वाहनों के माध्यम से अंडे अजमेर स्थित कोल्ड स्टोरेज में चले जाते थे लेकिन लॉकडाउन के कारण तकरीबन एक लाख से अधिक अंडे पोल्ट्री फार्म में ही पड़े हुए हैं। यदि दो दिन में इन अंडों को कोल्ड स्टोरेज में नहीं पहुंचाया गया तो यह भी सडऩे लगेंगे। पोल्ट्री फॉर्म मालिकों ने मांग की कि लॉकडाउन के दौरान प्रशासन सब्जी,दूध, राशन आदि घर.घर वितरित कर रहा है। ऐसे में अंडों की सप्लाई की भी अनुमति दे। प्रशासन अपने स्तर पर या मालिकों को इस कार्य की जिम्मेदारी सौंपे, ताकि फार्म में पड़े अंडों के नुकसान होने से बच सकें।

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Rakhi Hajela Desk
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