फेस्टिव सीजन: ऑनलाइन को टक्कर देने के लिए रिटेलर्स ने कसी कमर

रिटेल कारोबार में 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी उम्मीद....

- 1 लाख से ज्यादा छोटी-बड़ी दुकानें हैं जयपुर में
- 10 लाख लोगों को मिल रहा रोजगार

By: Jagmohan Sharma

Published: 14 Sep 2021, 01:28 AM IST

जगमोहन शर्मा. जयपुर

कोरोनाकाल में धराशायी हो चुके छोटे रिटेलर्स ने गणेश चतुर्थी से शुरू हो रहे फेस्टिव सीजन के लिए कमर कस ली है। एक ओर ऑनलाइन कंपनियों ने त्योहारों को देखते हुए जमकर नियुक्तियां की है, तो वहीं दूसरी ओर रिटेलर्स ने भी होम डिलीवरी, बम्पर छूट, डिजिटल पेमेंट्स और तुरंत सर्विस जैसी सुविधाओं के दम पर ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित किया है।
खुदरा संगठनों का कहना है कि कोरोनाकाल के संकट और ऑनलाइन कंपनियों की मनमानी ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। रिटेलर्स ने अपने कारोबार के तरीकों में बदलाव किया है, बड़ी कंपनियों से सीख लेकर रिटेलर्स अब अपने ग्राहकों का डेटा बनाना, फीडबैक लेना और ऑफर्स की जानकारी देना, जैसे नवाचार कर रहे हैं, जिसकी बदौलत इस फेस्टिव सीजन में उन्हें अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है।

150 करोड़ का रोजाना कारोबार
एक अनुमान के मुताबिक फेस्टिव सीजन में जयपुर में रोजाना 100 से 150 करोड़ का रिटेल कारोबार होता है, जिसमें मोबाइल, कंज्यूमर उत्पाद, किराना, कपड़े, फर्नीचर, ज्वैलरी आदि शामिल हैं। लेकिन ऑनलाइन कंपनियों की भारी छूट के चलते इस कारोबार में 30 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि इस बार खुदरा कारोबारियों के संगठनों ने एक जुट होकर बड़ी कंपनियों से मांग की है कि वे एक्सक्लूसिव उत्पादों को ऑफलाइन मार्केट करेंगी, ऑनलाइन कंपनियों को भारी डिस्काउंट से बचेंगी और फेस्टिव सीजन में डिस्प्ले पर ज्यादा फोकस करेंगी।

बेस्ट ऑफर और डील देने की तैयारी....
ऑफलाइन रिटेलर्स कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि कोरोना के कारण माल डिलीवरी और सप्लाई चेन में आने वाली परेशानी से यूजर ऑनलाइन शॉपिंग पर शिफ्ट हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद रिटेलर्स ने ग्राहकों को फेस्टिव सीजन में बेस्ट ऑफर और डील देने की तैयारी शुरू कर दी है। रिटेलर्स ग्राहकों को वाउचर्स, मेम्बरशिप और फ्री सर्विस देकर लुभा रहे हैं।

ई-कॉमर्स की पहुंच सीमित...
बाजार में मौजूद ई-कामर्स कंपनियां देश में सिर्फ चार से पांच करोड़ लोगों तक ही अपनी सेवा पहुंचा पा रही हैं, जबकि ऑफलाइन खदरा बाजार में अब भी काफी संभावनाएं हैं। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि ई-कामर्स कंपनियां का लक्ष्य और ध्यान एक खास समृद्ध समुदाय पर है, न कि मध्य वर्ग पर। इसी तरह देश में करोड़ों छोटे खुदरा विक्रेता हैं, जिनमें से कुछ प्रतिशत ही ई-कामर्स उद्योग का हिस्सा बन सके हैं।

रिटेलर्स की रणनीति...
- कुछ ही घंटों में होम डिलीवरी की सुविधा
- वाउचर और मेम्बरशिप की पेशकश
- विजिट के लिए कैब की सुविधा
- बड़ी कंपनियों पर उत्पादों के लिए दबाव बनाना
- ग्राहकों का डेटा और फीडबैक तैयार करना
- डिजिटल पेमेंट्स और आर्गेनाइज्ड सेल्स को बढ़ावा देना

खुदरा क्षेत्र से जुड़े संगठन बोले....

- त्योहारी सीजन (दिसंबर तक) में रिटेल कारोबार में 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।
किशोर टांक, अध्यक्ष, ऑल राजस्थान दुकानदार महासंघ

- ऑनलाइन में हो रहे फ्रॉड के चलते ग्राहक अब फिर से ऑफलाइन की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। अब ऑनलाइन और ऑफलाइन की रेट्स में अंतर नहीं रहा।
ललित धोका, सरंक्षक, राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेडर्स एसोसिएशन

- त्योहारी कारोबार को भुनाने के लिए बड़ी-छोटी कंपनियों ने अपने रिटेल नेटवर्क को मजबूत किया है।
सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, फोर्टी

- रिटेलर्स ने डिजिटल पेमेंट्स और ऑर्गेनाइज्ड सेल्स को बढ़ावा दिया है, जिससे यह फेस्टिव सीजन खास रहने वाला है।
मनीष जैन, उपाध्यक्ष, किराना किंग

- कोरोना की तीसरी लहर नियंत्रण में रही तो फेस्टिव सीजन के दौरान निश्चित रूप ग्राहक भारी संख्या में ऑफलाइन खरीदारी करेंगे।
कैलाश मित्तल, अध्यक्ष, सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी

Jagmohan Sharma Desk/Reporting
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