जरा सी बारिश में ही 'ड्रेनेज सिस्टम' का यह हाल, कौन है जिम्मेदार

दौसा जिले के बांदीकुई शहर में नहीं पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था

By: Deendayal Koli

Published: 20 Jul 2018, 01:42 PM IST

जयपुर

दौसा जिले के बांदीकुई शहर में मानसून की हल्की बारिश ने ही सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। साथ ही पानी निकासी की समस्या के चलते सड़कें दरिया बन चुकी हैं तथा कई कॉलोनियां जलमग्न हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि लगातार कुछ घंटे की मूसलाधार बारिश हो तो शहर की स्थिति दयनीय हो सकती है लेकिन इसकी परवाह न तो नगरपालिका को है और न ही प्रशासन को। जानकारी के अनुसार शहर को उपखंड मुख्यालय का दर्जा प्राप्त है। शहर में जब भी थोड़ी बारिश होती है तो शहर की सड़कें एवं मोहल्ले जलमग्न हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि पालिका चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों ने लोगों के समक्ष बड़े-बड़े वादे किए थे लेकिन उन वादों पर अमल अभी तक नहीं हो सका है। पार्षद नगरपालिका की बोर्ड बैठकों में पानी निकास सहित अन्य समस्याओं के प्रस्ताव तो लिखवाए जाते हैं लेकिन उन प्रस्तावों पर क्रियान्विति बहुत कम हो पाती है। बारिश के पानी से शिक्षक कॉलोनी, सैनी विद्या मंदिर के पीछे, तिवाड़ी मोहल्ला, नोमूठ्या मोहल्ला सहित अन्य स्थानों पर पानी भरा हुआ है।

पालिका विस्तारित क्षेत्र में सुविधाओं का अभाव

शहर में पूर्व में 25 वार्ड थे। गत चुनाव से पूर्व वार्डों की संख्या 30 हो गई है लेकिन कई वार्डों में तो सड़कों का अभाव है। नालियों का निर्माण नहीं हो सका है। हालांकि नगरपालिका द्वारा सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है लेकिन अधिकांश स्थानों पर सड़कों का अभाव है। लोगों का कहना है कि पालिका विस्तारित क्षेत्र में जुड़ने के बाद आस जगी थी कि अब उनकी कॉलोनियों में विकास का अभाव नहीं रहेगा तथा गंदगी से निजात मिल सकेगी। लेकिन उनकी यह आशा निराशा में बदलती जा रही है। वार्ड 26 में करनावरिया ढाणी प्रथम एवं द्वितीय, लल्लू पन्ना की ढाणी, भीखा बदरी की ढाणी, मूलचंद चौधरी की ढाणी, जैन्या की ढाणी, पेमा की ढाणी, रामा मूल्या की ढाणी सहित अन्य स्थानों पर सड़कों का अभाव है। यहां रास्ते कच्चे होने के कारण आम रास्तों में पानी भर जाता है। झालानी बगीची फाटक के पास वाली गली के भी हाल खराब है।

सरकारी कार्यालय में नहीं पानी निकास की व्यवस्था

शहर की ऐसी दुर्दशा है कि वार्ड-मोहल्ले तो क्या सरकारी कार्यालयों में भी पानी निकास की व्यवस्था नहीं है। शहर में सड़कों का लेबल कार्यालय परिसर के बिल्कुल समान है। वहीं निकास की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में हल्की बारिश में ही एसडीएम कार्यालय, नगरपालिका, क्रय-विक्रय सहकारी समिति सहित अन्य कई कार्यालयों में मुख्य द्वार पर ही पानी भर जाता है।

सड़क क्षतिग्रस्त, गड्ढों में भरा पानी

शहर में कई हिस्सों में क्षतिग्रस्त सड़क भी परेशानी का सबब बनी हुई है। जहां सड़कों पर हो रहे गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। शहर के राजेश पायलट राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सामने वाले मार्ग की हालत खराब है। यहां बनी सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से कई बार पेचवर्क कराया जाता है। लेकिन संवेदकों एवं विभाग की मिलीभगत के कारण निर्धारित मापदंडों का प्रयोग नहीं किए जाने से पेचवर्क कुछ समय में ही उखड़ जाता है। ऐसे में लोग विभाग को कोसते ही नजर आते हैं। मार्ग पर कई जगह गड्ढे हो रहे हैं जिनमें बारिश का पानी भर रहा है। साथ ही फिसलन हो रही है। मार्ग पर ही एक सरकारी स्कूल, निजी स्कूल, बीएड कॉलेज आदि संचालित हैं। जहां कई बार दुपहिया वाहन चालक, राहगीर, विद्यार्थी फिसल कर गिर चुके हैं।

दुकानों के सामने भरा पानी

लोगों ने बताया कि पंचायत समिति प्रशासन ने भूमि का समतलीकरण कराया था। कार्यालय परिसर में कार्यालय के सामने सड़क बन गई। लेकिन परिसर के बाहर सड़क के पास बसवा रोड पर बारिश का पानी जमा हो रहा है। सड़क पर पानी का भराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। दुकानदारों ने बताया कि दुकान एवं थडिय़ों के आगे पानी भर जाने से ग्राहकों की भी परेशानी हो रही है। इससे व्यवसाय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पानी निकास की व्यवस्था है नहीं। ऐसे में पानी सूखने का इंतजार करना पड़ता है। यदि लगातार बारिश होती रही तो पानी का भराव बना ही रहता है।

Deendayal Koli Desk
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