...आखिरकार राजस्थान सरकार की भंसाली को दो टूक- फिल्म रिलीज़ करनी है तो हटाने ही होंगे विवादित अंश

Film Padmavati Controversy in Rajasthan: फिल्म के जिस हिस्से से लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं, उन विवादित हिस्सों को हर हाल में हटवाया जाएगा।

 

 

By: Nakul Devarshi

Published: 10 Nov 2017, 01:13 PM IST

जयपुर।

संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म पद्मावती की रिलीज़ तारीख एक दिसंबर को लेकर काउंटडाउन शुरू हो गया है। लेकिन इससे जुड़े विवाद के गरमाने के बाद से इसके प्रदर्शित होने पर संशय की स्थिति बनी हुई है। खासतौर से राजस्थान इस विवाद के केंद्र बिंदु में है, जहां फिल्म को लेकर राजपूत संगठनों का ज़बरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है। वहीं फिल्म को प्रदर्शित नहीं होने देने के लिए राजपूतों के साथ ही अन्य संगठन भी लामबंद हो गए हैं।

 

फिल्म निर्माता और विरोध कर रहे संगठनों के बीच फंसी सरकार की भूमिका पर सभी की नज़र बनी हुई है। ऐसे में सरकार के मंत्री बयान देकर स्थितियां साफ़ कर रहे हैं। एक ताज़ा बयान में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा है कि वीरांगना को अपमानित कर फिल्म नहीं चला सकते। फिल्म के जिस हिस्से से लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं, उन विवादित हिस्सों को हर हाल में हटवाया जाएगा। इस बारे में भंसाली से वार्ता की जा रही है।

 

कटारिया ने कहा कि इसके लिए एक हाई पावर कमेटी गठित की जा रही है, जो फिल्म को देखेगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर प्रदेश में फिल्म रिलीज करनी है तो विवादित अंशों को हटाना ही होगा।

 

गृहमंत्री ने कहा कि वंदनीय मां पदमनी का अपमान किसी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। कटारिया ने फिल्म विवाद को लेकर ये ताज़ा बयान गुरुवार को नवलगढ़ में डूंडलोद जन सेवा समिति की ओर से आयोजित एक सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप शिरकत करने के दौरान कही।

 

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इससे पहले कटारिया ये बोले थे
गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया फिल्म से जुड़े विवाद को लेकर पहले भी सरकार का रुख साफ़ कर चुके हैं। कुछ ही दिन पहले उन्होंने कहा था कि जो भी कानून व्यवस्था के खिलाफ जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई करना उनका अधिकार है। हालांकि कटारिया ने ये भी कहा था कि फिल्म पद्मावती में अगर कुछ गलत दिखाया गया है तो उसमें सुधार किया जाना चाहिए। कटारिया ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ यह समझ लें कि रानी पद्मावती के वो ही लोग हितेषी हैं तो यह गलत है। रानी पद्मिनी सिर्फ किसी जाति विशेष की नहीं होकर पूरे देश का प्रतीक है।

 

कटारिया ने कहा कि अपने सतीत्व की रक्षा करने के लिए 16 हज़ार रानियों का यू अग्नि स्नान करना पूरे विश्व में एकमात्र उदाहरण है। ऐसे में इस फिल्म में रानी पद्मावती की पवित्रता का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए और अगर फिल्म में कोई ऐसा अंश है तो उसमें भी सुधार कर लेना चाहिए। करणी सेना द्वारा राजस्थान के सिनेमाघरों में फिल्म प्रदर्शित नहीं करने देने के सवाल पर कटारिया ने कहा कि वह लोग उनका काम करेंगे और हम हमारा काम करेंगे।

 

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एतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ अनुचित: राठौड़
संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने फिल्म पद्मावती में एतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ को अनुचित बताया है। उन्होंने कहा है कि सामाजिक संंगठनों के साथ हुई सहमति पर फिल्म निर्माताओं को कायम रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि देश के गौरव और तथ्यों के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

 

एक सवाल के जवाब में राठौड़ बोले कि फिल्म पद्मावती पर गुजरात में रोक को केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत द्वारा उचित बताया जाना उनका व्यक्तिगत मत है। हालांकि उन्होंने पद्मावती फिल्म के प्रदर्शन को रोकने वालों पर कार्यवाही के बारे में पूछे प्रश्न पर कोई टिप्पणी नहीं की।

 

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अन्य संगठन भी होने लगे लामबंद
फिल्म का विरोध जताने को लेकर राजपूत समाज से जुड़े संगठनों ने तो मोर्चा खोल ही रखा है, अब ब्राह्मण समाज भी उनके समर्थन में उतर आया है। ब्राह्मणों के प्रमुख संगठन सर्व ब्राह्मण महासभा ने सरकार से जनभावनाओं को देखते हुए फिल्म के प्रदर्शन में रोक लगाने की पुरज़ोर मांग की है।

 

सर्व ब्राह्यण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने कहा है कि संजय लीला भंसाली द्वारा फिल्म पद्मावती में ऐतिहासिक तथ्यों से जो छेडछाड किये जाने के संकेत मिल रहे हैं वो सही नहीं है। इस तरह की हरकत को किसी भी सूरत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महारानी पद्मावती भारत की आन-ंबान-ंशान रहीं हैं जिन्होंने 16 हज़ार महिलाओं के साथ जौहर करके एक बलिदानी का विशेष उदाहरण प्रस्तुत किया। ऐसी महारानी के त्याग को दरकिनार कर फिल्म निर्माता संजय भंसाली उनकी छवी को धुमिल कर रहे हैं, जो कि सरासर गलत है। भंसाली को यह समझ लेना चाहिए कि इस देश में विरासत से छेडछाड बर्दाश्त नहीं होगी। जनभावनाओं के अनुरूप इस फिल्म को रोका जाए अन्यथा सर्व ब्राह्यण महासभा भी इस फिल्म का विरोध करेगी।

 

 

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