देर रात फिर भिड़े पुलिस व गौतस्कर, झुझुनूं से दस हजार में खरीदे तेरह गौवंश, दो लाख में बेचने की थी तैयारी

पुलिस ने ट्रक से तेरह गौवंश को छुड़ाया, एक गौतस्कर को पुलिस ने लिया हिरासत में, प्रदेश में अब तक तस्करी में तीन लोगों की हो चुकी है मौत।

By: rajesh walia

Published: 11 Dec 2017, 11:40 AM IST

जयपुर। अलवर में पिछले हफ्ते ही गौ तस्करों और पुलिस की फायरिंग के दौरान एक कथित गौ तस्कर की मौत हो गई। मामला अभी शांत ही हुआ है कि फिर से एक बार पुलिस और गौ तस्करों के बीच फायरिंग हुई है। तस्करों को तीन ओर से पुलिस ने घेरा तो वे अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। हालांकि एक तस्कर पुलिस की पकड़ में आया है उससे पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई क्यूआरटी पुलिस टीम अलवर, चौपन की पुलिस और भिवाड़ी पुलिस ने की है। फिलहाल चौपन की पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने ट्रक से तेरह गौवंश को छुड़ाया है। इनमें छह बछड़े भी शामिल हैं।

 

हरियाणा लेकर जा रहे थे गौ तस्कर, क्यूआरटी टीम ने किया पीछा -

अलवर में रात में गश्त कर रही क्यूआरटी पुलिस को आज सवेरे चार बजे सूचना मिली कि एक ट्रक झुझुनूं से अलवर होता हुआ हरियाणा जा रहा है। क्यूआटी टीम को ट्रक चौपन की थाना क्षेत्र से होता हुआ गार्डपुर रोड की ओर जाता दिखाई दिया। ट्रक चालक को रुकने का इशारा किया तो चालक ने ट्रक दौड़ा दिया। क्यूआरटी टीम ने स्थिति को देखते हुए चौपन की पुलिस गश्ती टीम और भिवाड़ी पुलिस गश्ती टीम को सूचना दी। तीनों पुलिस टीमों ने करीब पांच बजे ट्रक को चौपन की थाना क्षेत्र में दबोच लिया।

 

तीन ओर से घिरे तो कर दिए फायर -

तीनों ओर से तस्कर घिरे तो उन्होनें पुलिस पर फायर करना शुरु कर दिया। तस्करों ने पुलिस टीम पर पांच फायर किए। जवाब में पुलिस ने भी तस्करों के वाहन पर फायर किए। इसी दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर चार तस्कर ट्रक से कूदे और जंगल की ओर भाग गए। इस बीच एक तस्कर खड्डे में गिर गया जिसे पुलिस ने दबोच लिया। गिरफ्तार तस्कर हरियाणा के मेवात क्षेत्र में स्थित पल्ला गांव का है। बाकि तीनों साथी भी वहीं के हैं। पुलिस की तीनों टीमें तीनों तस्करों को तलाश कर रही है।

 

दस हजार में लाए थे, दो लाख रुपए का माल -

पूछताछ में सामने आया कि गौवंश झुझुनूं से दस हजार में खरीदा गया था। वहां किसी बंजारे ने यह गौवंश अपने पास बांध रखा था और इसे तस्करों को बेच दिया गया। इस गौवंश को हरियाणा भेजा जाना था। पूछताछ में सामने आया कि यह गौवंश करीब दो लाख रुपए में बेचा जाना थ। गायों की खाल, मांस और हड्डियों को अलग-अलग कर बेचने की तैयारी थी।

 

इस साल गौ तस्करी ने बदनाम किया प्रदेश को -

इस साल गौ तस्करी ने राजस्थान को बदनाम कर दिया है। प्रदेश में पहली बार एेसा हुआ है कि गौ तस्करी के आरोप में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। हांलाकि तीनों ही मृतक उसी गांव के हैं जो गांव गौ तस्करी के लिए फेमस है। इस साल अलवर और भरतपुर में पुलिस और गौ तस्करों के बीच करीब सात से आठ बार फायरिंग हुई है।

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rajesh walia Desk/Reporting
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