यूट्यूब पर 'गलत' वीडियो की 'शिकायत' करने में भारतीय आगे

कम्युनिटी स्टैंडर्ड के खिलाफ जाने वाले 'अनुपयुक्त' यूट्यूब वीडियो की जानकारी देने में भारत से सबसे अधिक 'फ्लैग'

By: Amit Purohit

Published: 05 Sep 2019, 01:34 PM IST

किसी भी अन्य देश की तुलना में यूट्यूब पर 'आपत्तिजनक' सामग्री की 'शिकायत' करने वालों में भारतीयों की तादाद कहीं ज्यादा है। यूट्यूब कम्युनिटी गाइडलाइंस एनफोर्समेंट रिपोर्ट के अनुसार, अप्रेल-जून 2019 के दौरान, लगभग 10.88 मिलियन वीडियो को वैश्विक स्तर पर यूजर्स ने संदिग्ध मानते हुए 'फ्लैग' किया। फर्जी और अनुचित वीडियो को 'फ्लैग' करने में भारत सबसे ऊपर है, फिर यूएस, ब्राजील, इंडोनेशिया, मैक्सिको और यूके हैं। यूट्यूब पर फ्लैग की कुल मात्रा के आधार पर देशों को रैंकिंग दी गई थी, हालांकि अलग-अलग देशों को मिलने वाले कुल फ्लैग का विवरण नहीं है। जनवरी-मार्च 2019 में भी भारत से सबसे अधिक 'शिकायतें' गई थीं।

यूटयूब पर कंटेंट की निगरानी का एक तरीका है कि यूजर्स खुद कंटेंट के बारे में चेताएं। दुनिया भर के यूजर्स से फ्लैग मिलने के अलावा ऑटोमैटिक फ्लैगिंग सिस्टम भी है। यूट्यूब के अधिकारी कम्यूनिटी गाइडलाइंस के अनुसार निर्णय लेते हैं कि कौनसा कंटेंट आपत्तिजनक है, जिसे हटाया जाना है। यूट्यूब की एक ब्लाग पोस्ट के अनुसार अकेले अभद्र भाषा के लिए एक लाख से अधिक वीडियो हटा दिए हैं, जबकि 17,000 से अधिक चैनलों को इसी कारण बंद कर दिया गया। कमेंट को हटाए जाने का सिलसिला दूसरी तिमाही में लगभग दोगुना होकर 50 करोड़ से अधिक हो गया। पिछली तिमाही में भी एतराज जताने वालों में भारतीय सबसे आगे थे।

'फ्लैग' यानी 'रिपोर्ट' करना
'फ्लैग करना' वह शब्द है जिसका उपयोग कई लोग 'रिपोर्टिंग करना' के स्थान पर करते हैं, जिसका अर्थ है कि आप यूट्यूब अधिकारियों को ऐसी सामग्री के बारे में सचेत कर रहे हैं जो अनुचित है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। इस शब्द का सर्वव्यापी उपयोग किया जाता है, इसलिए आप स्पैम के लिए पोस्ट को भी फ्लैग कर सकते हैं। आपत्तिजनक कंटेंट के लिए पर्सनल मैसेज को भी फ्लैग किया जा सकता है। यूट्यूब पर कंटेंट को फ्लैग करने वाले की जानकारी अनाम रखी जाती है और फ्लैग कंटेंट की समीक्षा कर जरूरत होने पर उसे हटाया जाता है।

'फर्जी' वीडियो को हटाने की कार्रवाई तेज करने के लिए
यूट्यूब, यूएस आधारिक एक वैश्विक वीडियो व्यूइंग वेबसाइट है, जिसमें वीडियो क्लिप देखने के साथ ही पंजीकृत सदस्य अपने वीडियो अपलोड भी कर सकते हैं। कंपनी ने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि उनके स्वचलित फ्लैगिंग सिस्टम में सुधार ने कम्युनिटी की ओर से चिह्नित किए जाने से पहले ही कंटेंट का पता लगाने और समीक्षा करने में मदद की है और यही वजह है कि उन ऑटो-फ्लैग किए गए वीडियो का 80 फीसदी 2019 की दूसरी तिमाही में सिंगल व्यू मिलने से पहले ही हटा दिया गया। ब्लॉगपोस्ट ने कहा, 'हम हमारी नीतियों का उल्ंघन करने वाले वीडियो के प्रसार को कम करने के लिए दृढ़ हैं। गूगल में हमने 10,000 से अधिक लोगों को आपत्तिजनक कंटेंट का पता लगाने, समीक्षा करने और उन्हें हटाने के काम पर लगाया है, हम हमारी कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने वाले वीडियो को तुरंत हटाने का प्रयास करते हैं।'

स्तरीय लर्निंग सामग्री को प्रोत्साहन का प्रयास
एक अलग प्रयास के तौर पर एक समर्पित सीखने का माहौल प्रदान करने के लिए हाल में यूट्यूब ने लर्निंग प्लेलिस्ट की शुरुआत की। इसमें दस भारत से हैं, ये अंग्रेजी और हिंदी में अकादमिक विषयों से विभिन्न श्रेणियों को कवर करते हैं, जैसे गणित, रसायन विज्ञान, राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी शब्दावली और उच्चारण आदि पर स्तरीय कंटेंट देते हैं। हाल में उच्च गुणवत्ता वाला कंटेंट डेवलप करने लिए आठ भारतीय क्रिएटर ने यूट्यूब लर्निंग फंड प्राप्त किया है। यूट्यूब पर स्थानीय भारतीय भाषाओं जैसे सरकार और सार्वजनिक सेवाओं की प्रवेश परीक्षा, अंग्रेजी भाषा के ट्यूटोरियल, विज्ञान और गणित पर शैक्षिक सामग्री और यहां तक कि खेती, फोटोग्राफी, क्रिकेट और यहां तक कि वित्तीय साक्षरता जैसे विभिन्न विषयों पर कंटेंट की अच्छी मांग है।

Amit Purohit Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned