एडिय़ों की सेहत बताती हैं बीमारियां

एडिय़ों की सेहत बताती हैं बीमारियां

Divya Sharma | Publish: Aug, 16 2019 02:54:01 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

आमतौर पर चेहरे के हावभाव व्यक्ति का स्वभाव दर्शाते हैं। वैसे ही हमारी एडिय़ों की सूरत और रूपरेखा भी सेहत संबंधी तथ्यों की जानकारी देती है। जैसे एड़ी के आसपास की त्वचा यदि रूखी है तो यह थायरॉइड का संकेत है। वहीं रुमेटॉइड आर्थराइटिस में सुबह के समय एडिय़ों में दर्द व भारीपन रहता है।

हमारे पूरे शरीर का भार पंजों और एडिय़ों पर होता है। लंबे समय से बैठे रहने पर एडिय़ों में भारीपन होने के अलावा पैरों में पंजे पर सूजन भी आ जाती है। ऐसा किडनी फेल्योर, डीवीटी, हार्ट संबंधी दिक्कत, हाई हील्स पहनने से भी होता है। नाखूनों की रूपरेखा या इनके रंग में भी बदलाव लगे तो नजरअंदाज न करें। एड़ी की कैल्केनियम बोन में अनियमित रूप से कैल्शियम जमने से दर्द व सूजन जैसे लक्षण दिखते हैं। ओवेरियन कैंसर की स्थिति में अक्सर एडिय़ों में कठोरता आ जाती है। इसके अलावा शरीर में कहीं भी हुई ब्लीडिंग से कभी कभार एड़ी के आसपास काले धब्बे दिखते हैं, जो क्लोटिंग होते हैं।

अंगूठे पर सूजन तो आर्थराइटिस की शिकायत
पै रों में अंगूठे पर यदि सूजन होती है तो यह गाउट की समस्या के कारण होता है। यह एक प्रकार का आर्थराइटिस है जिसमें जोड़ों में तेज दर्द होने के साथ ही अकडऩ और लालिमा की शिकायत बनी रहती है। ऐसा एडिय़ों के अलावा अन्य प्रमुख जोड़ों में भी होता है।

एडिय़ों में रूखापन तो थायरॉइड की आशंका
एडिय़ों के अलावा दोनों टखनों पर यदि रूखापन दिखने लगे तो यह हाइपोथायरॉइड की स्थिति में होता है। इसके अलावा स्क्लेरोडर्मा में भी ऐसा होता है। पैरों में खून का दौरा कम होने से कई बार पैरों की त्वचा पर मौजूद बालों का रंग बदल जाता है और ये स्वत: झड़ भी जाते हैं।
सुबह के समय दर्द...
लंबे समय तक खड़े रहने से मानव शरीर में मौजूद सबसे लंबी लिगामेंट (प्लांटर फेसिया) में सूजन आ जाती है। इस कारण पैरों और इसके जोड़ में लगातार सूजन दिखती है। डायबिटीज व रुमेटॉइड आर्थराइटिस के कारण भी सूजन आती है। साथ ही सुबह के समय खासतौर पर एडिय़ों में दर्द होता है।
लक्षणों पर ध्यान दें
पैरों, पंजों और एड़ी से जुड़ी किसी भी समस्या में लक्षणों के अलावा अन्य परेशानियों पर गौर किया जाता है। फिजिकल एग्जामिनेशन और रोगी की हिस्ट्री लेकर प्रमुख जांच कर इलाज तय करते हैं।

एक्सपर्ट : डॉ. ऊमा कुमार , प्रोफेसर एंड हैड, रुमेटोलॉजी विभाग, एम्स अस्पताल, नई दिल्ली

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned