ठगों के फुटेज भी दिए, फिर भी अपराधियों को नहीं पकड़ सकी पुलिस

राजधानी में सायबर ठगी: पीडि़त बोले- पुलिस जांच की कह टरका देती है
पुलिस बोली-कैमरे ही निम्न क्वालिटी के, फुटेज ही स्पष्ट नहीं

जयपुर. शहर में रोजाना एटीएम कार्ड बदलकर रुपए निकालने की वारदात बढ़ रही हैं। लेकिन पुलिस जालसाजों को पकडऩे के बजाय अनुसंधान की कह इतिश्री कर रही है। जबकि कई पीडि़त जालसाजी करने वालों के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज तक पुलिस को उपलब्ध करवा चुके हैं। अब थानों के चक्कर लगाते-लगाते पीडि़त भी थक चुके हैं। पीडि़तों का कहना है कि आखिर हिम्मत हार चुके हैं। पुलिस की कार्यशैली को देखते हुए अब लग भी नहीं रहा कि आरोपी पकड़ में आ सकेंगे। उधर साइबर पुलिस का कहना है कि एटीएम बूथ पर बैंक की ओर से लगाए गए कैमरों की विजुअलिटी अच्छी नहीं होती है। बैंक कैमरा लगाने की औपचारिकता पूरी कर लेते हैं। पीडि़तों का कहना है कि मुख्यमंत्री से भी गुहार लगा चुके हैं।

छोड़ दिया बूथ पर जाना

पीडि़तों को अब अपराधियों का डर इतना बैठ गया है कि उन्होंने एटीएम बूथ पर जाना ही छोड़ दिया है। कई पीडि़तों का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद एक बार भी पुलिस नहीं मिली है। केस के बारे में पूछते हैं, तो एक ही जवाब मिलता है जांच चल रही है। आखिर अब कहां गुहार लगाएं।

गैंग का टारगेट भीड़
एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाला गिरोह अक्सर भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित एटीएम बूथ को टारगेट करता है। दो-तीन युवक पहले से मौजूद रहते हैं। जब कोई बूथ पर रुपए निकालने आता है तो भीड़ में पता ही नहीं चलता कि कोई उन पर नजर रख रहा है।

केस-१: १.९५ लाख निकले, पिता की जमा पूंजी चली गई

हटवाड़ा रोड निवासी श्यामा व्यास अपने पिता के कार्ड से एटीएम बूथ पर दस हजार रुपए निकालने गई। वहां दो मशीनें थी। वहां खड़े एक व्यक्ति ने पहली वाली मशीन से रुपए निकालने को कहा। श्यामा ने कार्ड लगाया, लेकिन रुपए नहीं निकले। व्यक्ति ने जबरन कार्ड हाथ में लिया और मशीन में डालने लगा। इसके बाद पीडि़ता घर आ गई। पीडि़ता के भाई वल्लभ ने कार्ड देखा तो वह दूसरा था। बदमाश ने खाते से 1 लाख 95 हजार रुपए निकाल लिए। वल्लभ ने बताया कि फुटेज निकाल पर पुलिस को भी दे दी। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। सात महीने से थानों के चक्कर लगा-लगा कर थक चुका हूं। आखिर में हिम्मत हार गए। मानसिक अवसाद में आ गया हूं। पिता की जमा-पूंजी थी वह चली गई। उस दिन से एटीएम बूथ पर जाना ही छोड़ दिया। जांच अधिकारी रामवीर सिंह ने बताया कि इस तरह की वारदातें काफी हो रही हैं। अभी तक कोई क्लू नहीं मिल पा रहा है। तलाश की जा रही है।

केस-२: ४० हजार रुपए निकाले, पुलिस जांच की कहती है
दौसा निवासी महेश कुमार सैनी ने बजाज नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। वह देवनगर में भाई सुनील के साथ किराए पर रहता है। 8 मई को भाई का एटीएम कार्ड लेकर न्यू लाइट कॉलोनी स्थित एटीएम बूथ से रुपए निकालने गया। वहां पहले से ही एक लड़का खड़ा था। उसने पीडि़त को मदद करने का झांसा देकर कार्ड बदल लिया और बाद में चालीस हजार रुपए निकाल लिए। पीडि़त के भाई सुनील ने बताया कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में कुछ सिर्फ रिपोर्ट दर्ज करने के अलावा कुछ नहीं किया है। न ही जांच अधिकारी ने आज तक कोई संपर्क नहीं किया है। जांच अधिकारी बनवारी लाल का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। बैंक को फुटेज के लिए लिखकर दिया हुआ है।

केस-३: ४५ हजार निकले, पहचान के बाद भी कुछ नहीं

एसएमएस हॉस्पिटल में कार्यरत नर्स कमला कुमारी ने मोती डूंगरी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। 6 अगस्त को वह हॉस्पिटल में लगे बूथ से एक हजार रुपए निकालने गई। वहां पहले से एक युवक मौजूद था। पीडि़ता ने कार्ड डालकर पिन नंबर टाइप करने लगी तो युवक स्क्रीन के पास आकर बटन दबाने लग गया। बातों में उलझाकर उसने कार्ड बदल लिया और वहां से चला गया। बाद में मोबाइल देखा तो 44800 रुपए निकलने का मैसेज आया। कमला ने बताया कि जांच अधिकारी ने फुटेज दिखाया था जिसमें युवक की पहचान भी कर ली। इसके बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर रही। पुलिस का एक ही जवाब हम जांच कर रहे हैं। जांच अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि केस में थोड़ा सुराग लगा है। जल्द ही पकड़ में आ जाएगा आरोपी।

केस-४: २० हजार रुपए निकले, फुटेज भी हैं, कुछ नहीं हुआ

बजरंग कॉलोनी निवासी बीना कंवर ने सोडाला थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है कि वह श्यामनगर मेट्रो स्टेशन के पास बैंक ऑफ बड़ोदा के एटीएम पर रुपए निकलवाने गई। कैश नहीं होने पर सामने ओरियंटल बैंक के एटीएम पर गई। वहां पर चार लड़के मौजूद थे। पीडि़ता ने एक लड़के को पांच सौ रुपए निकालकर देने को कहा। लड़के ने कार्ड लेकर पांच सौ रुपए निकालकर दे दिए। पीडि़ता ने पांच हजार रुपए और निकालकर देने को कहा। इतने में पीछे खड़े एक लड़के ने मदद के बहाने एटीएम लिया, लेकिन मशीन में कैश नहीं होने की बात कहकर एटीएम वापस दे दिया। पीडि़ता के खाते से बीस हजार रुपए निकल गए। बीना कंवर ने बताया कि पुलिस के पास फुटेज भी है, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ है। पुलिस ने एक ही बार सम्पर्क किया। उसके बाद आज तक कोई पूछने नहीं आया। पूछते हैं तो पुलिस कहती है जांच चल रही है।

Abrar Ahmad
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