लंबे समय बाद पायलट ने तोड़ी चुप्पीः  निशाने पर गहलोत, 'सरकार तो बनती है लेकिन रिपीट नहीं होती'

2013 में 21 और उससे पहले 50 विधायक रह गए, सरकार दोबारा रिपीट हो ये हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी, अपनी एकजुटता, मेहनत से जनता का आशीर्वाद और ज्य़ादा मिले, पार्टी के लिए पुलिस की लाठियां खाने और मुकदमे झेलने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान होना चाहिए, कांग्रेस आलाकमान जो फैसला लेता है वो हम सभी सहज स्वीकार करते हैं

By: firoz shaifi

Published: 21 Jul 2021, 09:08 PM IST

जयपुर। राजनीतिक नियुक्तियों और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पार्टी के दो खेमों के बीच लगातार चल रही बयानबाजी के बीच अब पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। सचिन पायलट ने कहा कि हमने कुछ मुद्दों को लेकर अपने सुझाव कांग्रेस आलाकमान के समक्ष रखे थे।

आलाकमान के सामने अपनी बात रखना हमारा अधिकार है, हमारे सुझावों पर आलाकमान ने संज्ञान लिया है उम्मीद है जल्द सुझावों पर अमल होगा। सचिन पायलट ने बुधवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस आलाकमान जो भी फैसले लेता है, पार्टी में सभी उसे एकजुट होकर स्वीकारते हैं। पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है सभी एकजुट हैं।

सरकार बना लेते हैं रिपीट नहीं करते
वहीं पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने इशारों ही इशारों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी निशाना साधा । हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री का सीधे नाम नहीं लिया। पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि हम सरकार तो बना लेते हैं लेकिन उसे रिपीट नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि सरकार दोबारा बन सके ये हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी होती है।

2008 में सरकार आई उसके बाद 21 विधायक रह गए उससे पहले 50 विधायक रह गए। हम चाहते हैं कि प्रदेश में अब जनता का जो आशीर्वाद मिला है आगे जो चुनाव हो उसमें हमें अपने कामों से अपनी कड़ी मेहनत से और अपनी एकजुटता से जनता का आशीर्वाद ज्यादा मिले।

पुलिस की लाठियां खाने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान हो
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए जिन कार्यकर्ताओं ने अपना सब कुछ पार्टी के लिए न्य़ौछावर कर दिया, दिन रात नहीं देखा। पुलिस की लाठियां खाई और मुकदमे झेले, अपनी जेब से पैसा खर्च किया। उन लोगों को पद नहीं मिले लेकिन कम से कम उनका सम्मान तो होना चाहिए। यही बात हमारे वर्तमान अध्यक्ष भी बोलते हैं और पार्टी के सब नेता बोलते हैं। हम चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी का परिवार व्यापक बने और उसमें नए लोग जुड़ें।

फोन टैंपिंग की जांच हो
पेगासस जासूसी कांड में भाजपा और कांग्रेस नेताओं की जासूसी के सवाल पर सचिन पायलट ने कहा कि इसमें भाजपा और कांग्रेस वाली बात नहीं है। आज मेरा फोन टेप हुआ है कल आपका फोन टैप हो सकता है। जब फ्रांस ने जांच बैठा दी है तो यहां जांच क्यों नहीं करवाई जा रही है।

पायलट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की मांग की इस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो या जांच के लिए जेपीसी बनें, सच सामने आना चाहिए कि जासूसी के लिए इतने बड़े स्तर पर पैसा कौन दे रहा था। इसे लेकर कांग्रेस पार्टी देश भर में 22 जुलाई को प्रदर्शन करने जा रही है, जयपुर में पीसीसी चीफ डोटासरा के नेतृत्व में प्रदर्शन होगा। पायलट ने कहा कि अपना निर्णय थोप देना हिंदुस्तान के लोकतंत्र में बहुत ज्यादा नहीं चलता है। विपक्ष को दबादेना केंद्र सरकार की खूबी है। जब राजीव गांधी के दौर में 425 सांसद कांग्रेस के थे, तब विपक्ष को पूरा सम्मान मिलता था।


केंद्र का तर्क गले नहीं उतर रहा
ऑक्सीजन की किल्लत से मौत नहीं होने के केंद्र सरकार के बयान पर पायलट ने कहा कि यह बयान लोगों के गले नही उतर रहा है। हम सभी ने देखा है कि ऑक्सीजन की किल्लत से कितने लोगों ने दम तोड़ा है। कमी नहीं रही तो फिर स्वास्थ्य मंत्री को क्यों हटाया गया ? पायलट ने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार को कोरोना से मौत मामले पर एक ऑडिट करवानी चाहिए।मैं इस मुद्दे को पॉलिटिकल नहीं बनाना चाहता हूं। सिर्फ घोषणाएं करने से कुछ नहीं होगा। भारत सरकार थर्ड वेव की व्यवस्था करे और श्वेत पत्र जारी करे। ताकि दूसरी लहर जैसी स्थिति वापस रिपीट नहीं हो।

firoz shaifi Desk
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