पूर्व केन्द्रीय मंत्री थरूर ने भाजपा पर किया सियासी वार, हर मोर्चे पर केन्द्र सरकार को बताया विफल

न्यू इंडिया में हो रही गौरक्षा के नाम पर हत्याएं

By: pushpendra shekhawat

Updated: 27 Jan 2018, 08:54 PM IST

पंकज चतुर्वेदी / जयपुर। पूर्व केन्द्रीय मंत्री शशि थरूर ने कहा है कि देश में गौरक्षा के नाम पर हत्याएं और समाज में बढ़ रही हिंसक घटनाएं वर्तमान में भाजपा की ओर से बनाए जा रहे 'न्यू इंडिया' की परिचायक हैं। देश आर्थिक रूप से लगातार पिछड़ रहा है, जीडीपी घट रही है और बेरोजगारी चरम पर है।


राजीव गांधी इन्टेक्चुअल फोरम की ओर से शुक्रवार को झालाना ऑफिसर्स क्लब में आयोजित 'डी-कोडिंग आईडिया ऑफ न्यू इंडिया' विषयक सेमिनार में थरूर ने मुख्य वक्ता के तौर पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि न्यू इंडिया का अर्थ होता है जाति-भेदभाव, भ्रष्टाचार से दूर सभी को जीने का समान अधिकार, न कि किसी समुदाय विशेष के साथ विशेष व्यवहार। देश में अभी गौरक्षा के नाम पर जाति विशेष और दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एक घंटे में दस बार न्यू इंडिया का जिक्र करते हैं, लेकिन विचारों और क्रियान्वयन में बहुत फर्क होता है। वर्तमान हालात चिंताजनक हैं और इनसे निपटने में मौजूदा सरकार पूरी तरह फेल साबित हुई है। न्यू इंडिया भी सिर्फ कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने वाला कार्यक्रम है। कार्यक्रम में पीसीसी के पूर्व अध्यक्ष डॉ चन्द्रभान सिंह भी उपस्थित थे।

 

टॉयलेट भी जोड़ देंगे आधार से

आधार पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से लगता है कि आने वाले समय में टॉयलेट भी आधार से जोडे जाएंगे। रोटी-कपडा-मकान का स्थान अब बिजली सडक और पानी ने ले लिया है। आगे ये प्राथमिकताएं ब्रॉडबैंड एवं इंटरनेट में बदल जाएगी। उन्होंने देष को प्रेक्टिकल बेनिफिट देने की आवश्यकता जताई।

 

भाजपा नेताओं ने संयम खोया

थरूर ने कहा कि भाजपा नेताओं का भाषा पर संयम नहीं रहा। भाषण में गाली देने से भी नहीं चूकते। एक नेता ने तो भाषण में कह दिया कि जिन लोगों को मोदी पसंद नहीं, वह पाकिस्तान चले जाएं।

 

जीडीपी गिरा, रोजगार घटे

थरूर बोले कि , कांग्रेस सरकार के मुकाबले जीडीपी में 2.2 प्रतिशत की गिरावट आई है। दो करोड़ रोजगार देने के वादे की सच्चाई भी जनता के सामने है। इसके उलट लोगो के रोजगार कम हुए हैं। खेती, उत्पादन, आयात-निर्यात प्रत्येक क्षेत्र में सरकार पूरी तरह विफल रही है।


जीएसटी बेहतर, क्रियान्वयन गलत

जीएसटी पर उन्होंने कहा कि यह बेहतर आइडिया था, लेकिन क्रियान्वयन गलत तरीके से हुआ। अभी तक जीएसटी को लेकर संशय बना हुआ है।

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