11 दिसंबर 2025,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में बनेगी सस्ती बिजली, सरकार यहां बनाने जा रही 4 सोलर पार्क; तिजोरी में आएंगे 5 हजार करोड़

Solar Park In Rajasthan: सस्ती बिजली के उत्पादन में सिरमौर राजस्थान अब और तेजी से आगे बढ़ेगा। प्रदेश में चार बड़े सोलर पार्क डवलप हो रहे हैं, जिससे हर साल 1250 करोड़ यूनिट सस्ती बिजली का उत्पादन होगा।

2 min read
Google source verification
CM Bhajan Lal Sharma

जयपुर। सस्ती बिजली के उत्पादन में सिरमौर राजस्थान अब और तेजी से आगे बढ़ेगा। प्रदेश में चार बड़े सोलर पार्क डवलप हो रहे हैं, जिससे हर साल 1250 करोड़ यूनिट सस्ती बिजली का उत्पादन होगा। 7375 मेगावाट क्षमता के इन प्रोजेक्ट्स से सरकार की तिजोरी में करीब 5 हजार करोड़ रुपए आएंगे। यह राशि भूमि लीज, जीएसटी, आरआरडीएफ के जरिए आएगी।

खास यह है कि ये सभी प्रोजेक्ट्स राजस्थान की बिजली कंपनियों की मुख्य भागीदारी है। इनमें केन्द्र सरकार के उपक्रम और निजी कंपनियां निवेश करेगी। विषय विशेषज्ञों के मुताबिक इससे अगले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव नजर आएगा। हालांकि, सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि इसमें से प्रदेश को भी सस्ती बिजली मिले। क्योंकि अभी तक केवल 810 मेगावाट के एक सोलर पार्क से ही प्रदेश को सस्ती बिजली मिलने की राह खुल पाई है।

मुख्यमंत्री भजनलाल का फोकस

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनियों के अधिकारियों को कह चुके हैं कि वे जनता को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने पर फोकस करें। इसके लिए न केवल अक्षय ऊर्जा (सोलर व विंड एनर्जी) का उत्पादन बढ़ाएं बल्कि इस सस्ती बिजली की आपूर्ति प्रदेश में किस तरह बढ़े, इसका भी एक्शन प्लान बनाएं।

दो प्रोजेक्ट में अदाणी के साथ ज्वाइंट वेंचर

प्रदेश में सोलर पार्क के दो और प्रोजेक्ट लगेंगे। 2-2 हजार मेगावाट के दोनों ही प्रोजेक्ट में राज्य सरकार की भी भागीदारी रहेगी। एक प्रोजेक्ट जैसलमेर के मोहनगढ़ और दूसरा जालौर में लगाया जाएगा।

यह करें तो बने बात

भले ही राजस्थान सोलर हब बन गया हो लेकिन हकीकत यह है कि यहां सौर ऊर्जा उत्पादन करीब 22 हजार मेगावाट है और 23 प्रतिशत सस्ती बिजली ही प्रदेशवासियों को मिल रही है। कंपनियां बाकी बिजली दूसरे राज्यों में बेच रही है। इसके लिए जिस भी कंपनी को सोलर पार्क की स्वीकृति दें, उनमें से बिजली का कुछ हिस्सा प्रदेश को मिले, यह सुनिश्चित किया जा सके। इससे महंगी बिजली खरीदने और विद्युत कटौती की नौबत कम पड़ेगी।

इस तरह उत्पादन… ये हैं प्रोजेक्ट्स

प्रोजेक्ट 01

-2000 मेगावाट (दो फेज में बनेगा। पहले फेज में नेवली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन के साथ 810 मेगावाट के लिए एमओयू)।
-हर वर्ष 340 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन होगा।
-निर्माणकर्ता व संचालनकर्ता कंपनी उत्पादन निगम को 2.64 रुपए प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध कराएगी।

प्रोजेक्ट 02


-बीकानेर में पूगल में 2450 मेगावाट क्षमता का पार्क बनेगा, करीब 1100 करोड़ खर्च होंगे।
-एक-एक हजार मेगावाट के दो तथा 450 मेगावाट का एक सोलर पार्क स्थापित होगा। करीब 1881 हैक्टेयर भूमि के आवंटन।
-हर वर्ष 417 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन होगा।
- प्रदेश को बिजली मिलेगी या नहीं, अभी स्थिति साफ नहीं।

प्रोजेक्ट 03

-जैसलमेर में 2000 मेगावाट का पार्क।
-हर वर्ष 340 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन करने का टारगेट है।
-निर्माण लागत पर करीब 9000 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
-प्रदेश को बिजली मिलेगी या नहीं, अभी स्थिति साफ नहीं।

प्रोजेक्ट 4

-बीकानेर के नोख में 925 मेगावाट का प्लांट पर काम किया जा रहा है।
-इससे 158 करोड़ यूनिट सस्ती बिजली की उपलब्धता हो सकेगी।
-619 करोड़ रुपए का राजस्व सरकार का मिलेगा।
-प्रदेश को बिजली मिलेगी या नहीं, अभी स्थिति साफ नहीं।

यह भी पढ़ें: राजस्थान में शिक्षकों को लेकर आया नया अपडेट, शिक्षा विभाग ने शुरू की बड़ी कवायद


बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग