चार दिवसीय भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान उत्सव शुरू, राजस्थान से भी शिक्षक और छात्र हुए शामिल

Punit Kumar

Publish: Oct, 13 2017 10:01:38 (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
चार दिवसीय भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान उत्सव शुरू, राजस्थान से भी शिक्षक और छात्र हुए शामिल

विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं में नहीं बल्कि किसान के खेत से लेकर हमारी माताओं, बहनों के रसोई घर में भी है।

विज्ञान नगरी के रूप में पहचान करने वाले चेन्नई में शुक्रवार से चार दिवसीय तृतीय भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान उत्सव शुरू हुआ। अन्ना विश्वविद्यालय परिसर में केंद्रीय भू-विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन, अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा मंत्री अब्दुल लतीफ रोशन, बांग्लादेश के उच्च शिक्षा मंत्री एफएस उस्मान, केंद्रीय भू-विज्ञान राज्य मंत्री वाई. एस. चौदरी, तमिलनाडू के शिक्षा मंत्री के.पी.अन्नबलगन, विज्ञान भारती के अध्यक्ष डॉ. विजय पी. भटकर ने विज्ञान उत्सव का औपचारिक उद्धाटन किया।

 

तो वहीं इस खास मौके पर देश भर के 15000 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति के बीच चार दिवसीय उत्सव के दौरान 18 प्रमुख वैज्ञानिक आयोजन होंगे। चेन्नई में भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान मद्रास, अन्ना विश्वविद्यालय, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद, केंद्रीय चर्म अनुसंधान संस्थान और मद्रास विश्वविद्यालय में इसके मुख्य आयोजक हैं। तो वहीं इस अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान उत्सव में राजस्थान से भी शिक्षक, वैज्ञानिक और छात्रों का समूह आयोजन में हिस्सा लेने पहुंचा है।

 

हर नई पहल में विज्ञान दिखता है...

 

उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने कहा कि भारत के विज्ञान की पूरी दुनिया में पहचान है। इसरो से लेकर हर वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्थान पूरी दुनिया के लिए अलग-अलग देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने संस्थाओं की नींव रखी, अटल बिहारी वाजपेयी ने जय विज्ञान का उद्घोष किया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब विज्ञान को नई ऊंचाईयों पर ले जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में चल रहे स्वच्छ भारत अभियान , मेक इन इंडिया सहित हर नई पहल मेें वैज्ञानिक दृष्टिकोण है।

 

विज्ञान देश के कोने में फैला है...

 

प्रधानमंत्री के सपने के अनुरूप उत्तर पूर्व के राज्यों में विज्ञान के क्षेत्र में नए कीर्तिमान बनाए जा रहे हैं। इस आयोजन में भी विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी के शिक्षकों के लिए कार्यशाला हो रही है। वहीं उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं में नहीं बल्कि किसान के खेत से लेकर हमारी माताओं, बहनों के रसोई घर में भी है। विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान पर भी अब सर्वाधिक ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब नए भारत के सपने के लिए विज्ञान का सबसे अधिक महत्व रहेगा।

 

भारत- दुखेर दिनेर बंधुर है...

 

जबकि बांग्लादेश के शिक्षा मंत्री ने विज्ञान उत्सव के आयोजन में भारत के लोकतंत्र के प्रति अपना धन्यवाद दिया। उन्होंने बांग्ला में कहा कि, भारत दुखेर दिनेर बंधुर है। उनके देश की आजादी के लिए 1971 में भारत का अविस्मरणीय योगदान है। यह माहनता उनका देश सदा याद रखता है। उनकी आजादी के लिए भारत के सैनिकों ने अपनी जान दी है। वे कभी नहीं भूलेंगे। उस्मान ने कहा कि भारत विज्ञान के क्षेत्र में जबरदस्त तरक्की कर रहा है। भारत को क्षेत्र के विज्ञान में भी नेतृत्व करना चाहिए। साथ ही उन्होंने अपने प्रधानमंत्री की शुभकामना संदेश को साझा किया।

 

फोटो सभार सोशल मीडिया...

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned