सीएस पर असमंजस बरकरार, देना पड़ सकता है अतिरिक्त प्रभार

स्वरूप के नाम पर अब तक नहीं हरी झंड़ी, 31 से शुरु होगा सदन

 

By: Pankaj Chaturvedi

Updated: 28 Oct 2020, 07:09 PM IST

जयपुर. प्रदेश में एक ओर जहां शनिवार से सरकार ने विधानसभा का सदन आहूत कर लिया है, वहीं नौकरशाही के शीर्ष पद मुख्य सचिव को लेकर तीन दिन पहले तक असमंजस बरकरार है। जानकारों का कहना है कि मौजूदा मुख्य सचिव राजीव स्परूप के सेवा विस्तार को लेकर केन्द्र की हरी झंडी अगर नहीं मिलती है तो अब चलते सदन के बीच सरकार के पास दो विकल्प होंगे। 31 की रात राजीव के रिटायर होने की सूरत में सरकार को नए मुख्य सचिव की घोषणा करनी होगी या फिर इस शीर्ष पद का अतिरिक्त कार्यभार किसी अन्य अधिकारी को सौंपना होगा। ऐसे में अतिरिक्त कार्यभार के नजरिए से भी सरकार में उपयुक्त अधिकारी की खोजबीन शुरु हो गई है।

वरिष्ठता पर रविशंकर या वीनू विकल्प!

यदि अतिरिक्त चार्ज की सूरत में सरकार वरिष्ठता को आधार बनाती है तो 1985 बैच के वरिष्ठतम अधिकारी रविशंकर श्रीवास्तव और 1987 बैच की वीनू गुप्ता विकल्प हैं। हालांकि जानकार यह भी कह रहे हैं कि सरकार सचिवालय में तैनातगी को आधार बनाती है तो नंबर वीनू गुप्ता का आता है, जो फिलहाल पीडब्ल्युडी की अतिरिक्त मुख्य सचिव के तौर पर सचिवालय में पोस्टेड हैं। रविशंकर फिलहाल रैट के चेयरमैन के तौर पर सचिवालय से बाहर हैं।

पहले राजन को मिला था अतिरिक्त चार्ज

2013 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के आरोपों पर जब तत्कालीन सीएस सी.के.मैथ्यु लंबी छुट्टियों पर चले गए थे तो चुनाव के दौरान सरकार ने इस पद का अतिरिक्त चार्ज सी.एस.राजन को सौंपा था। ऐसे ही 2014 में राजीव महर्षि के केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद भी राजन को अतिरिक्त चार्ज मिला था। हालांकि बाद में वही स्थायी सीएस भी बने।

...तो अवकाश में फैसला
यदि दो दिन में केन्द्र की सहमति नहीं आती है तो सरकार के अवकाश के दिनों में नए सीएस का फैसला करना होगा। इस माह के अंत में शुक्रवार और शनिवार को सचिवालय में अवकाश है। जबकि राजीव का रिटायरमेंट भी शनिवार की रात को होना है।

Pankaj Chaturvedi
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