रेमडेसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले चार बदमाश गिरफ्तार

5 रेमडेसिविर इंजेकशन जब्त

By: Lalit Tiwari

Published: 17 May 2021, 10:20 PM IST

सोडाला थाना पुलिस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने के मामले में चार लोगों को पकड़ा हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से पांच रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए हैं। आरोपी एक इंजेक्शन 25 से 30 हजार रुपए में बेच रहे थे। दो आरोपी नर्सिंग कर चुके हैं। इनमें एक तो सी.के बिरला में नर्सिंग स्टाफ है, दूसरा अस्पतालों में नर्सिंग स्टॉफ उपलब्ध करवाता हैं। डीसीपी (दक्षिण) हरेन्द्र महावर ने बताया कि राजस्थान में कोरोना महामारी की घातक लहर के चलते जयपुर शहर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत एवं भारी मांग होने के कारण रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी और ऊंची कीमतों पर बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इस पर एडिशल डीसीपी अवनीश कुमार, एसीपी भोपाल सिंह भाटी और थानाप्रभारी सतपाल सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। 17 मई को एसीपी को सूचना मिली थी कि सोडाला क्षेत्र में स्थित सीतादेवी अस्पताल और पूजा अस्पताल के आस-पास रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाला गिरोह सक्रिय हैं। गिरोह महंगी कीमत में इंजेक्शन बेच रहा हैं। इस पर पुलिस ने बोगस ग्राहक भेजकर इसका सत्यापन किया तो वह सही पाया गया। पुलिस ने इस मामले में गिरोह का सरगना वैर भरतपुर हाल मालवीय नगर निवासी बलवीर सिंह (25) पुत्र प्रकाशचंद, करौली हाल पटेल मार्ग मानसरोवर निवासी पुष्पेन्द्र जैतवाल (32) पुत्र पवन कुमार, बनेठा टोंक हाल सैय्यद का गट्टा टोंक रोड निवासी दिलखुश गुर्जर (21) पुत्र श्योजीराम और बयाना भरतपुर हाल पटेल मार्ग शिप्रापथ निवासी गोपाल चौधरी पुत्र हरीचंद को गिरफ्तार कर लिया। इस पर पुलिस ने गिरोह में शामिल बलवीर, पुष्पेन्द्र और गोपाल से 4 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए।

25 से 30 हजार रुपए में बेच रहे थे इंजेक्शन
पुलिस ने बताया कि मेडिकल स्टोर पर 2500 से 3600 रुपए के बीच में यह इंजेक्शन मिलते हैं। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने इंजेक्शनों को पहले ही स्टोर करना शुरु कर दिया था और जरूरतमंद लोगों को रेमडेसिविर इंजेक्शन 25 से 30 हजार रुपए के बीच में बेच रहे थे।

Lalit Tiwari Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned