साझेदार से धोखाधडी करने पर पूर्व विधायक भडाना और डीआईजी लक्ष्मण गौड़ से जवाब-तलब

(Rajasthan Highcourt) हाईकोर्ट ने (Minig Lease) खनन पट्टे की (Partnership) साझेदारी में (Fraudulently) धोखाधडी के मामले में (Ex MLA) पूर्व विधायक अतरसिंह भडाना और (Bharatpur Range) भरतपुर रेंज के तत्कालीन (DIG Laxamn Gaur) डीआईजी लक्ष्मण गौड सहित अन्य को (Notice) नोटिस जारीकर (Reply) जवाब मांगा है। कोर्ट ने मामले की (Factual report) तथ्यात्मक स्थिति पेश करने को भी कहा है।

By: Mukesh Sharma

Published: 29 Jun 2020, 09:19 PM IST

जयपुर
(Rajasthan Highcourt) हाईकोर्ट ने (Minig Lease) खनन पट्टे की (Partnership) साझेदारी में (Fraudulently) धोखाधडी के मामले में (Ex MLA) पूर्व विधायक अतरसिंह भडाना और (Bharatpur Range) भरतपुर रेंज के तत्कालीन (DIG Laxamn Gaur) डीआईजी लक्ष्मण गौड सहित अन्य को (Notice) नोटिस जारीकर (Reply) जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकारी वकील से मामले की (Factual report) तथ्यात्मक स्थिति पेश करने को भी कहा है। न्यायाधीश इन्द्रजीत सिंह ने यह आदेश मुकेश चंद अग्रवाल की आपराधिक याचिका पर दिए। मामले में डीआईजी लक्ष्मण गौड पर याचिकाकर्ता पर भडाना के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापिस लेने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है।
एडवोकेट सार्थक रस्तौगी ने कोर्ट को बताया कि पूर्व विधायक भड़ाना ने याचिकाकर्ता के फर्जी हस्ताक्षर कर उसे खनन पट्टे की साझेदारी से बाहर कर दिया और अपनी पत्नी कमलेश भड़ाना को फर्म का 87 फीसदी का साझेदार बना दिया। खनन विभाग में दस्तावेज जांच करते समय याचिकाकर्ता को इसकी जानकारी मिली। याचिकाकर्ता ने इस संबंध में बयाना थाने में 6 सितंबर 2019 को भडाना सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन नौ माह बीतने के बाद भी अब तक पुलिस ने कोई ठोस जांच नहीं की। याचिकाकर्ता का आरोप है कि तत्कालीन डीआईजी लक्ष्मण गौड ने समय-समय पर याचिकाकर्ता पर अपनी एफआईआर वापस लेने के लिए दबाव बनाया। याचिका में कहा गया कि उसे भरतपुर रेंज में निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है इसलिए प्रकरण की जांच एसओजी को सौंपी जाए। उल्लेखनीय है कि डीआईजी लक्ष्मण गौड के नाम पर उनके एक दलाल की ओर से एक थानाधिकारी से पांच लाख रुपए की रिश्चत लेने के मामले का हाल ही में एसीबी ने खुलासा किया और दलाल प्रमोद शर्मा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सरकार ने लक्ष्मण गौड को एपीओ कर दिया है। अब हाईकोर्ट में पहुंचे इस मामले के बाद गौड की परेशानी बढ सकती है क्योंकि याचिकाकर्ता गौड पर एफआईआर वापिस लेने का दबाव डालने का आरेाप लगा रहा है और कोर्ट ने गौड को भी नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है।

Mukesh Sharma
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