'राज्य में फ्यूल सरचार्ज 30 पैसे प्रति यूनिट'

राजस्थान के ऊर्जा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने कहा कि राज्य में फ्यूल सरचार्ज वर्तमान में 30 पैसे प्रति यूनिट है, जो घटता बढ़ता रहता है। डॉ. कल्ला विधानसभा में विद्युत संबंधी चर्चा पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में भी फ्यूल सरचार्ज की वसूली की जाती है।

By: anant

Updated: 10 Feb 2020, 08:05 PM IST

राजस्थान के ऊर्जा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने कहा कि राज्य में फ्यूल सरचार्ज वर्तमान में 30 पैसे प्रति यूनिट है, जो घटता बढ़ता रहता है। डॉ. कल्ला विधानसभा में विद्युत संबंधी चर्चा पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में भी फ्यूल सरचार्ज की वसूली की जाती है। गुजरात में एक रुपए 90 पैसे प्रति यूनिट की दर से फ्यूल चार्ज वसूला जा रहा है। प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में भी हर तिमाही आधार पर फ्यूल चार्ज वसूला जाता था।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की ओर से नियत तिथि से पहले भुगतान किए जाने पर दी जाने वाली छूट में वृद्धि की गई है। साथ ही गोशाला, धर्मशाला और छात्रावासों के लिए घरेलू विद्युत दरें लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि अडानी पावर को अतिरिक्त भार का करीब 2 हजार 227 करोड़ रुपए पूर्ववर्ती सरकार की ओर से भुगतान कर दिया गया था, जिसके लिए विनियामक आयोग ने 36 माह में 5 पैसे प्रति माह का फ्यूल सरचार्ज लेने का आदेश जारी किया है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि विनियामक आयोग की ओर से प्रतिवर्ष आगामी वर्ष के लिए हर विद्युत उत्पादन इकाई के लिए विद्युत की उत्पादित मूल्य का निर्धारण किया जाता है। इसके आधार पर विद्युत वितरण निगम मासिक भुगतान करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि ईंधन मूल्य में वृद्धि के कारण उत्पादित विद्युत के मूल्यों में भी हुई वृद्धि के बिलों के एरियर सभी उत्पादन कम्पनियों की ओर से वितरण निगमों को भेजे जाते हैं। एरियर के बिलों के आधार पर उत्पादित बिजली खरीद में ईंधन मूल्यों में हुई वृद्धि को तिमाही आधार पर विनियामक आयोग की ओर से निर्धारित फॉर्मूले और निर्देशानुसार यदि अतिरिक्त प्रभार चार्जेबल होता है तो यह उपभोक्ताओं से बिलों के माध्यम से वसूला जाता है।

-नियत तिथि से पहले भुगतान पर छूट में बढ़ोतरी
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं की ओर से नियत तिथि से पहले भुगतान किए जाने पर दी जाने वाली छूट में वृद्धि की गई है। बिलों की राशि का नियत तिथि से 7 दिन पहले भुगतान पर जो रिबेट 0.15 फीसदी दी जाती थी, उसे अब 10 दिन पहले भुगतान करने पर 0.35 फीसदी कर दिया है। इसी प्रकार, प्रीपेड मीटर पर प्रति यूनिट रिबेट 10 पैसे से बढ़ाकर 15 पैसे कर दिए गए हैं।

-छात्रावासों के लिए घरेलू विद्युत दरें लागू
डॉ. कल्ला ने कहा कि सभी गोशालाओं के लिए 5 किलोवॉट की सीमा समाप्त कर समस्त भार के लिए घरेलू विद्युत दर लागू की गई हैं। इसी प्रकार, छात्रावासों के लिए भी घरेलू श्रेणी की विद्युत दरें लागू की गई हैं। पूजा स्थलों के परिसर के अंदर स्थित धर्मशालाओं को भी घरेलू श्रेणी के अंतर्गत लाया गया है, जो पहले अघरेलू श्रेणी में थे। सभी राजकीय विद्यालयों को कम दरों की घरेलू श्रेणी में लाया गया है, जिसकी दरें पहले मिश्रित भार श्रेणी में थी।

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