जहां चाह वहां राह: जानें केंद्रीय मंत्री Gajendra Singh Shekhawat ने क्या कर दिखाया 'कमाल'?

अब 'अटल' के नाम से शुरू हुआ कम्यूनिटी कोविड रिलीफ सेंटर, 'गहलोत' के मंत्री के बाद अब 'मोदी' के मंत्री ने दिखाया कमाल

By: nakul

Published: 11 May 2021, 01:50 PM IST

जयपुर।

कोरोना संक्रमण काल के दौरान जहां सियासी बयानबाज़ियों का सिलसिला जारी है तो वहीं कुछ जनप्रनितिधि ऐसे हैं जो सेवा कार्यों में जुटे रहकर कोरोना संक्रमित रोगियों के उपचार और उनके परिजनों को राहत पहुंचाने में मददगार बन रहे। अभी दो दिन पहले ही गहलोत सरकार के राजस्व मंत्री व् बाड़मेर के बायतु से विधायक हरीश चौधरी ने भामाशाओं और समाजसेवियों की मदद से महज़ 24 घंटे के दरम्यान ही रातोंरात तमाम सुविधायुक्त एक अस्थायी हॉस्पिटल बनवाकर शुरू करने का कारनामा कर दिखाया, तो वहीँ अब मोदी सरकार में काबीना मंत्री व् जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी कुछ इस तरह की भूमिका दिखाते हुए महज़ 7 दिन के भीतर ही कम्यूनिटी कोविड रिलीफ सेंटर तैयार कर दिया है।

 

शेखावत की पहल और भामाशाहों व समाजसेवकों के सहयोग से इस कोविड रिलीफ सेंटर को जोधपुर में तैयार किया गया है। इसे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजयेयी के नाम पर 'अटल कम्यूनिटी कोविड रिलीफ सेंटर' का नाम दिया गया है। 120 बेड के इस अस्थाई अस्पताल में ऑक्सीजन और मॉनिटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। माना जा रहा है कि इस सेंटर के शुरू होने से सरकारी अस्पताल में बन रहे अतिरिक्त दबाव को कुछ हद तक काम किया जा सकेगा।

 

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि एक सर्वसुविधायुक्त कोविड केयर सेंटर का प्रस्ताव जोधपुर जिला प्रशासन के समक्ष रखा गया था और यह भी आश्वासन दिया था कि इसके निर्माण का खर्च, एक रुपए से दस करोड़ तक जितनी भी होगी, दानदाताओं के सहयोग से जुटा ली जाएगी। इस संकल्प को शीघ्रता से पूरा होने में कहीं कोई कमी नहीं आई और 7 दिन में सूर्यनगरी में अत्याधुनिक अटल कम्यूनिटी कोविड रिलीफ सेंटर तैयार हुआ।

माइल्ड और मॉडरेट केस ही रखे जाएंगे
शेखावत ने बताया कि अगर हम तीन लेवल पर मरीजों को कैटिगराइज करें तो माइल्ड और मॉडरेट केस को यहां रखकर भेज सकते हैं, ताकि एम्स, महात्मा गांधी और मथुरा दास अस्पाताल पर दबाव कम होगा। उन्होंने बताया कि एम्स‍ के प्रशिक्षित डॉक्टर और स्टॉफ यहां 24 घंटे मौजूद रहेंगे। एम्स क्रिटिकल केयर डिपार्टमेंट के हेड डॉ. प्रदीप भाटिया द्वारा टेलीमेडिसिन की सेवा दी जा रही हैं।

विदेशों से भी मिल रहा सहयोग
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश ही नहीं, दुनियाभर में रहने वाले साथियों ने सेंटर में सहयोग किया। पांच वेंटिलेटर बेड अगले दो तीन दिन के अंदर इंग्लैंड से आ रहे हैं। गैस सिलेंडर दुबई से आए तो मॉनिटर्स लंदन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जर्मनी से खरीदे गए। जो जहां मिला, वहां से व्यवस्थाओं को खड़ा करके यह सेंटर हम बना पाए। शेखावत ने कहा कि एम्स डायरेक्टर और हमने बैठकर तय किया है कि टियर वन और टियर टू को हम यहां रखें। जो गंभीर हो जाता है, जिन्हें वेंटिलेटर की जरूरत है, उन्हें आगे एम्स या मथुरादास माथुर अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा।

मंत्री चौधरी के प्रयास भी लाये रंग
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने बायतु के सुदूर रेगिस्तानी गाँव सांभरा में चंद समय में ही हॉस्पिटल खड़ा कर दिया। इसमें डॉक्टर्स, नर्सिंगकर्मी, ऑक्सीजन, एम्बुलेंस और दवाइयों सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इस काम को बाकायदा मंत्री ने स्वयं खड़े होकर पूरा करवाया। यह अस्पताल उन लोगों के लिए एक उदाहरण पेश कर रहा है जो लोग इस सप्ताह में अवसर तलाशते हुए सिर्फ खुद के प्रचार में व्यस्त हैं।

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