गर्माया हुआ है ‘लव जिहाद’ पर सियासी पारा, अब शेखावत ने गहलोत से कर डाले ‘दनदनाते’ ये 5 सवाल

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री व जोधपुर सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री गहलोत के ‘लव जिहाद’ बयान को कटघरे में रखा है। जोधपुर गृह क्षेत्र से सियासी अदावत रखने वाले शेखावत ने गहलोत को निशाने पर लेते हुए उनसे 5 सवाल किये हैं...

 

By: nakul

Published: 21 Nov 2020, 12:57 PM IST

जयपुर।

प्रदेश में पंचायत चुनाव की सरगर्मियों के बीच ‘लव जिहाद’ ( Love Jehad ) का मुद्दा भी गरमा गया है। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया के बाद तो भाजपा ने उनपर चौतरफा हमला बोलना शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री के बयान की निंदा करते हुए भाजपा नेता उनपर जमकर निशाना साध रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ी हुई है।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री व जोधपुर सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भी मुख्यमंत्री गहलोत के बयान को कटघरे में रखा है। जोधपुर गृह क्षेत्र से सियासी अदावत रखने वाले शेखावत ने गहलोत को निशाने पर लेते हुए एक के बाद एक तीन ट्वीट किये हैं। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से कई सवाल कर डाले।

शेखावत के गहलोत से 5 सवाल-
- क्या हज़ारों युवतियों के साथ प्रेम और विवाह के नाम पर, नाम और धर्म बदलकर हो रहे धोखे को लव जिहाद नहीं कहेंगे?
- शादी अगर व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है तो फिर महिलाएं अपने मायके का नाम या धर्म रखने के लिए स्वतंत्र क्यों नहीं हैं?’
- क्यों लड़कियों के परिवारों को भी दूसरे धर्म को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया जाता है?
- क्या धर्म व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात नहीं है?
- कांग्रेस व्यक्तिगत स्वतंत्रता की आड़ में इस कृत्य का समर्थन कर रही है, तो क्या यह आपका नया सांप्रदायिक एजेंडा है?

मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए शेखावत ने कहा कि सत्ता लालच में हिन्दू आतंकवाद जैसे शब्द गढ़ना, घृणा फैलाना इत्यादि सब कांग्रेस प्रधान कृत है। भाजपा, सबका साथ सबका विकास में विश्वास रखती है, इसलिए महिलाएं लव जिहाद नाम के धोखे और अन्याय के अधीन नहीं होंगी।

सीएम गहलोत के इस बयान से गर्माया मामला

सीएम अशोक गहलोत ने 'लव जिहाद' मुद्दे के बारे में ट्वीट कहा है कि लव जिहाद भाजपा द्वारा राष्ट्र को विभाजित करने और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए निर्मित एक शब्द है। विवाह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है, इस पर अंकुश लगाने के लिए एक कानून लाना पूरी तरह से असंवैधानिक है और यह कानून की किसी भी अदालत में खड़ा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि लव में जिहाद का कोई स्थान नहीं है। वे राष्ट्र में एक ऐसा वातावरण बना रहे हैं, जहां सहमति व्यक्त करने वाले राज्य की शक्ति की दया पर होंगे। गहलोत ने कहा कि विवाह एक व्यक्तिगत निर्णय है और वे उस पर अंकुश लगा रहे हैं, जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता को छीनने जैसा है।

गहलोत ने कहा है कि यह सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, सामाजिक संघर्ष को बाधित करने और राज्य जैसे संवैधानिक प्रावधानों की अवहेलना करने के लिए एक समझौता है, जो किसी भी आधार पर नागरिकों के साथ भेदभाव नहीं करता है।

nakul Desk
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