अपने घरों में ही गणगौर पूज रही महिलाएं, काम आ रही अपील

महिलाओं ने कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के संक्रमण के चलते सामाजिक दूरियां बनाते हुए इस साल गणगौर की पूजा ( Gangaur Festival 2020 ) सामूहिक रूप से न करके अपने अपने घरों में ही करने का निर्णय लिया है और महिलाएं घर में ही गणगौर पूज रही हैं...

जयपुर। शहर में शुक्रवार को गणगौर पर्व मनाया जा रहा है। महिलाओं ने कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते सामाजिक दूरियां बनाते हुए इस साल गणगौर की पूजा सामूहिक रूप से न करके अपने अपने घरों में ही करने का निर्णय लिया है और महिलाएं घर में ही गणगौर पूज रही हैं। महिलाओं ने घरों में रहकर ईसर गणगौर की पूजा की और मंगल गीत गाए। इस दौरान देखने को मिला कि महिलाओं ने बाहर की अन्य महिलाओ को घर के अंदर नहीं बुलाया। स्वयं ही पूजा की। पूजा के दौरान उन्होंने अपने चेहरों पर मुंह पर मास्क बांधे रखा। उन्होंने ईसर गणगौर के चित्र पर भी मास्क लगाकर सभी को सतर्कता बरतने का संदेश दिया।

इससे पूर्व गुरुवार को महिलाओं ने बगैर घेवर खाये ही सिंजारा मनाया। हाथों और पैरों में घर पर ही मेहंदी रचाई। ईसर गणगौर की प्रतिमाएं बनाई। हर साल सिंजारे पर गली, मोहल्ले, मॉल और बाजारों में जहाँ देर रात तक महिलाओं की रौनक रहती थी, वहीं आज कोरोना के भय के चलते ये जगह सूनी पड़ी रही| पत्रिका ने पहले ही महिलाओं से घर में ही गणगौर पूजने की अपील की है और एक साथ समूह से बचने के लिए प्रयास किया है। दोनों ही प्रयास काम कर रहे हैं।

उधर कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते आजादी के बाद पहली बार सिटी पैलेस से आज गणगौर की सवारी नहीं निकलेगी। हालांकि, पूर्व राजपरिवार की महिलाएं सिटी पैलेस के अंदर हरवर्ष की भांति विधि-विधान से गणगौर माता की पूजा करेंगी। पैलेस के अंदर ही गणगौर को सामाजिक दूरियां बनाते हुए परिक्रमा कराई जाएगी। आजादी के पहले से ही पैलेस की जनानी ड्योढ़ी से हर साल गाजे बाजे से गणगौर माता की सवारी निकलती आई है।

dinesh Desk
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