पुलिस ने बनाई सवालों की लिस्ट, जिनके पपला को देने हैं जवाब, देखें पूरी सूची

पुलिसकर्मी बोले : 5 सितम्बर की रात को इसे ही पकड़कर थाने लाए थे, फिर बेपर्दा हुआ पपला, कोर्ट ने वांटेड पपला को 13 दिन के रिमांड पर सौंपा, वांटेड ने पुलिस पर बरसाई थी गोलियां, कोर्ट और थाने में चलने में पुलिस ही बनी सहारा

By: pushpendra shekhawat

Published: 30 Jan 2021, 09:35 PM IST

मुकेश शर्मा / जयपुर. बहरोड में 5 सितम्बर की रात्रि में मोस्ट वांटेड पपला को पकडऩे वाले पुलिसकर्मियों ने शनिवार को बहरोड जेल में शिनाख्त परेड में उसकी पहचान की। वांटेड पपला गैंग की अंधाधुंध फायरिंग से जान बचाने वाले पुलिसकर्मी पपला को देखते हुए पहचान गए। इसके बाद पपला को बेपर्दा किया गया।

पुलिस ने वांटेड को कोर्ट में पेश किया और 11 फरवरी तक रिमांड मांगा। कोर्ट ने वांटेड पपला को 13 दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा। रिमांड मिलने के बाद वांटेड पपला को निमराना थाने लाया गया। वांटेड को जेल से कोर्ट और वहां थाने लाने के दौरान भारी पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था में जुटा कोर्ट परिसर छावनी बनने पर वकीलों को भी प्रवेश के लिए काफी परेशान होना पड़ा।

वहीं वांटेड पपला और उसकी गैंग ने बहरोड़ थाने पर पुलिस पर फायरिंग की थी। गिरने पर पैर में चोट लगने पर शनिवार को कोर्ट और थाने लाने के दौरान चलने के लिए बैसाखी के अलावा पुलिसकर्मी ही उसका सहारा बने हुए थे।

इन्होंने की वांटेड की पहचान

शिनाख्त परेड के लिए बहरोड़ के तत्कालीन थानाप्रभारी सुगन सिंह, सब इंस्पेक्टर राकेश कुमार, घटना के दौरान संतरी कृष्ण कुमार और रीडर कृष्ण जेल में पहुंचे। यहां पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शिनाख्ती परेड हुई। इस दौरान जेल परिसर में तहसीलदार सहित प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिनाख्त कार्रवाई की प्रक्रिया एक घंटे तक चली।


होंगी और गिरफ्तारियां

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में फरारी के दौरान पपला जिन जिन लोगों के संपर्क में आया और जिन लोगों ने इसकी मदद की, उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी और उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।


पुलिस के सवाल, जिनके पपला को देने हैं जवाब

- बहरोड़ थाने में पपला से कौन-कौन से पुलिसकर्मियों ने छोडऩे के एवज में रुपए मांगे

- एके 47 सहित अन्य अत्याधुनिक हथियार कहां पर है

- वांटेड पपला गुर्जर को बहरोड़ थाने पर फायरिंग कर छुड़ाने में और किसका हाथ है

- थाने से फरार होने के बाद कौनसे पुलिसकर्मी उसकी मदद कर रहे थे

- थाने से भागने के बाद सबसे पहले कहां पहुंचा और फरारी कहां-कहां काटी

- फरारी के दौरान उसके लिए रुपयों की व्यवस्था कौन कर रहा था

- राजनीतिक संरक्षण किसका प्राप्त है

- राजस्थान में कहां-कहां वारदात कर चुका और राजस्थान में रहने वाले उसके सहयोगी कौन-कौन है

- राजस्थान के अन्य बदमाशों से उसका क्या लिंक है

pushpendra shekhawat Desk
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