राजस्थान: ऑक्सीजन की मारामारी के बीच गहलोत सरकार ने निकाला 'रास्ता', जानें क्या निकाले आदेश?

राजस्थान: ऑक्सीजन की मारामारी के बीच गहलोत सरकार ने निकाला 'रास्ता', जानें क्या निकाले आदेश?

By: nakul

Published: 13 May 2021, 02:55 PM IST

जयपुर।

चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर रघु शर्मा ने कहा है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर में अस्पतालों में ऑक्सीजन की सबसे अधिक जरूरत है। ऎसे में सरकार सभी संभव उपायों के जरिए ऑक्सीजन की व्यवस्था कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी कोविड डेडीकेटेड सेंटर्स के अतिरिक्त जिन निजी अस्पतालों में 60 या उससे अधिक बेड्स है, वहां के 50 प्रतिशत बेड्स पर ऑक्सीजन की व्यवस्था होना जरूरी है।

डॉक्टर शर्मा ने कहा कि ऎसे निजी चिकित्सालयों में सेंट्रलाइज ऑक्सीजन पाइपलाइन की स्थापना हो और कम से कम 50 प्रतिशत बेड्स इस सिस्टम से जुड़े हो। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम के जरिए मरीजों को निरंतर ऑक्सीजन मिल सके इसके लिए अस्पताल में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट 2 माह में स्थापित किया जाना अनिवार्य है।

चिकित्सा विभाग के शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन ने निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट के स्थापना के संबंध में बताया कि मेडिकल ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की स्थापना के लिए राज्य सरकार के उद्योग विभाग की ओर से विशेष राहत पैकेज घोषित किया गया है, जिसका लाभ लेकर निजी चिकित्सालय अपने यहां इन प्लांट की स्थापना कर सकते हैं।

अब तक 7 लाख आईएलआई लोग चिन्हित

चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर रघु शर्मा ने कहा है कि पिछली लहर में बुजुर्ग और शहरी क्षेत्रों के लोग कोरोना से ज्यादा संक्रमित हो रहे थे लेकिन इस बार कोरोना गांवों और युवाओं तक भी पहुंच गया है। अब तक 7 लाख आईएलआई (वायरस के लक्षण वाले) लोगों को चिन्हित किया है। सरकार कोरोना के नियंत्रण में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। विभाग द्वारा गांवों में टीमें बनाकर घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है, जरूरी दवाइयों की किट बांटी जा रही हैं। आईएलआई केसेज, सिंप्टोमेटिक केसेज को चिन्हित किया जा रहा है।

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