लॉकडाउन में और सख्ती बरतने की तैयारी, छूट का दायरा कम करेगी गहलोत सरकार

-लॉकडाउन के बावजूद तेजी से फैल रहा कोरोना संक्रमण, प्रदेश में जयपुर, जोधपुर, कोटा, माइक्रो कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ाकर आवाजाही रोकेने की तैयारी

By: firoz shaifi

Updated: 18 May 2021, 10:16 AM IST

जयपुर। कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश भर में लागू किए गए लॉकडाउन के बावजूद प्रदेश के कई शहरों में कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है, जिसके चलते सरकार अब लॉकडाउन में और ज्यादा सख्ती बरतने के मूड में हैं। माना जा रहा है कि जिन जिलों में कोरोना की मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं उन जिलों में और सख्ती बरती जाएगी।

इसे लेकर सरकार में मंथन हो चुका है। कहा सूत्रों की माने तो सरकार लॉकडाउन में दी गई छूट का दायरा कम करने जा रही है। हालांकि जिन जिलों में संक्रमण के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं उनमें जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर अलवर, बीकानेर और अजमेर शामिल हैं।

इधर जयपुर जिले में कोरोना की रफ्तार लगातार बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा और प्रशासनिक अधिकारियों को जयपुर जिले के लिए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए थे।

आवाजाही पर रोक की तैयारी
सूत्रों की मनाने तो 23 मई को जारी होने वाली नई गाइड लाइन में सरकार आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगाने की तैय़ारी में है। जैसा कि बीते लॉकडाउन में किया गय़ा था। विशेषज्ञों ने सरकार को सलाह दी है कि लोगों की आवाजाही जारी रहने से संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसके अलावा बाजारों, राशन की दुकानों का समय भी कम किया जा सकता है।

इससे पहले सरकार ने प्रदेश में 19 अप्रैल से ही कोरोना के चलते सख्त कदम उठाए थे। इसमें 19 से 3 मई तक जन अनुशासन पखवाड़ा, 3 से 17 मई तक रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा और 10 मई से 24 मई तक के लिए सख्त लॉकडाउन लागू किया गया, लेकिन इसके बाद भी संक्रमण की रफ्तार कम नही हो रही है।

बनेंगे माइक्रो कंटेनमेंट जोन
सरकार से जुड़े सूत्रों की माने तो कोरोना से अधिक संक्रमित वाले जिलों में सरकार माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए बनाने की तैयारी कर रही है। बीते साल भी लॉकडाउन के दौरान सरकार ने माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए थे। 4 से ज्यादा मरीज मिलने पर उस इलाके को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाकर आवाजाही रोक दी जाएगी।

माइक्रो कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ाई जाएगी । वहीं दूसरी ओर सरकार 10 प्रतिशत से ज्यादा संक्रमण रेट वाले कंटेनमेंट जोन का दायरा बढ़ाकर उनमें कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगाने पर भी विचार कर रही हैं। इसके अलावा इन क्षेत्रों में लॉकडाउन की अवधि भी बढ़ाई जाएगी।


24 फीसदी से ज्य़ादा एक्टिव केस अकेले जयपुर में
वहीं प्रदेश के कुल केसों में से 24 फीसदी से ज्यादा केस अकेले जयपुर में है। प्रदेश में 2 लाख एक्टिव मरीजों में से 49 हजार जयपुर में हैं। सरकार इस बात को लेकर चिंता जाहिर कर चुकी है कि 2 लाख केस में से 1 लाख 85 हजार घरों में उपचार करा रहे है। सीएम सीएम अशोक गहलोत ने पहले ही कोविड समीक्षा बैठक में अधिकारियों की निर्देश दिए थे कि जयपुर में संक्रमण रोकने के लिए लिए अलग से रणनीति तैयार की जाए।

इसके बाद जयपुर सहित 7 जिलों में सख्त लॉकडाउन के लिए अलग से रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।हालांकि शनिवार और रविवार को प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की गई। लॉक डाउन लगाने के बाद भी जिस तरह से पॉजिटिव केसों की संख्या 17 से 20 हजार के करीब पहुंच रही थी , उस पर कुछ कंट्रोल हुआ है , दो दिन में संख्या में आई गिरावट इस बात और इशारा कर रही है कि अगर सरकार और ज्यादा सख्ती करती है तो इन आंकड़ों में कमी आ सकती है।

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firoz shaifi Desk
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