राजस्थान: अब घर-घर के नज़दीक खुलेंगे सरकारी English Medium School! जाने गहलोत सरकार का एक्शन प्लान

राजस्थान: अब घर-घर के नज़दीक खुलेंगे सरकारी English Medium School! जाने गहलोत सरकार का एक्शन प्लान

Nakul Devarshi | Publish: Aug, 08 2019 10:06:56 AM (IST) | Updated: Aug, 08 2019 10:47:15 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

Rajasthan में घरों और Englsih Medium Government Schools का फासला और कम होने जा रहा है। प्रदेश की Ashok Gehlot Government ने इस कवायद को अमलीजामा पहनाने की मंशा से काम करना शुरू कर दिया है। इस दिशा में सरकार ने बाकायदा एक Road Map भी तैयार कर लिया है।

जयपुर।

राजस्थान में घरों और अंग्रेजी मीडियम के सरकारी स्कूलों ( English Medium Government Schools in Rajasthan ) का फासला और कम होने जा रहा है। प्रदेश की गहलोत सरकार ( Ashok Gehlot government ) ने इस कवायद को अमलीजामा पहनाने की मंशा से काम करना शुरू कर दिया है। इस दिशा में सरकार ने बाकायदा एक रोडमैप भी तैयार कर लिया है। दावा किया गया है कि अगले शिक्षण सत्र से ही प्रदेश के हर ब्लॉक पर एक अंग्रेजी मीडियम का सरकारी स्कूल खोला जाएगा।

 

शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ( Govind Singh Dotasara ) की माने तो सरकार की योजना ऐसी जगहों पर अंग्रेजी मीडियम सरकारी स्कूल खोलने की है जहां पर विवेकानंद मॉडल स्कूल नहीं हैं। डोटासरा ने बुधवार को ये जानकारी झुंझुनू जिले की नवलगढ़ पंचायत समिति के कोलसियां गांव में आयोजित एक समारोह को सम्बोधित करते हुए दी।

 

ये कहा शिक्षा राज्य मंत्री ने
शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि राज्य में जहां विवेकानंद मॉडल स्कूल नहीं हैं, वहां अब राज्य के प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर राज्य सरकार द्वारा अगले शिक्षा सत्र से एक अंग्रेजी स्कूल खोला जाएगा। उन्होेंने बताया कि सरकार द्वारा पहले ही जिला मुख्यालयों पर एक अंग्रेजी स्कूल खोलने की शुरूआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार नवाचार करने जा रही है, सरकार हर विद्यालय में वांशिक सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत हैं।

 

govind singh dotasara

उन्होंने शेखावाटी की वीर प्रसुता भूमि एवं शहीदों की शहादत भूमि को नमन करते हुए कहा कि यहां के जवानों ने देश की आन बान और रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूती देकर जिले ही नहीं बल्कि प्रदेश व देश का गौरव बढ़ाया है। आज हर व्यक्ति ने शिक्षा के महत्व को समझा हैं, और उसी के अनुरूप भामाशाह भी शिक्षा के क्षेत्र में दान देने में पीछे नहीं है।

 

'किसान का बेटा बन रहा डॉक्टर'
डोटासरा ने बताया कि जो गरीब बच्चे निजी शिक्षण संस्थाओं में अच्छी तालीम के लिए नहीं जा पाते थे, उनके लिए आरटीआई के तहत गरीब तबके के 25 प्रतिशत बच्चों को निजी स्कूलों में अनिवार्य रूप से प्रवेश देने की व्यवस्था सरकार द्वारा दी गई है। गांवों में ऐसी जागरूकता आई हैं कि अब किसान का बेटा भी डॉक्टर बनने की तैयारी करने लगा है।

 

इसकी जानकारी सरकार ने राजीव गांधी कैरियर गाइडेंस पोर्टल पर उपलब्ध करवाई है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को अच्छी तालीम दिलवाने की निरन्तर कोशिश करें। सरकार द्वारा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे है।

 

'भामाशाह कर रहे पुण्य का काम'
उन्होंने शेखावाटी क्षेत्र में भामाशाहों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जो आज भी अपनी गाढी कमाई का कुछ हिस्सा स्कूल भवनों के निर्माण व अन्य संसाधनों पर खर्च कर रहे हैं, ऐसा करके वे बहुत बड़े पून्य का कार्य कर रहे है।

 

'विद्यार्थियों को देंगे पर्यावरण प्रेमी का दर्ज़ा'
शिक्षा राज्य मंत्री डोटासरा ने बताया कि अब राजकीय विद्यालयों में जितने नए बच्चों का नमांकन होगा उतने ही पौधे उस विद्यालय में लगवाएं जाएगें और इनकी परवरिश करने वाले विद्यार्थियों को पर्यावरण प्रेमी का दर्जा दिया जाएगा।

 

... और कर दीं कई घोषणाएं
डोटासरा ने गांव के बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में हाल ही में खोले गए विज्ञान संकाय का लैब कक्ष बनवाने के लिए 20 लाख रूपये देने, नवलगढ़ क्षेत्र के विद्यालयों में भवन आदि के निर्माण तथा अन्य संसाधनों के लिए 4 करोड़ रूपये देने की घोषणा भी की है। उन्होंने इसी सत्र से यहां के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान संकाय में बायलौजी विषय की कक्षाएं प्रारम्भ करने की घोषणा भी की।

 

इधर शर्मा बोले, 'भामाशाहों की कोई कमी नहीं'
समारोह के अध्यक्ष एवं पूर्व चिकित्सा राज्य मंत्री तथा नवलगढ़ विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा ने कहा कि शेखावाटी में भामाशाहों की कोई कमी नहीं है और उनकी बदौलत ही शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरूआत हुई है। उन्होंने बताया कि गत सरकार द्वारा बहुत से विद्यालय को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की गई थी, लेकिन वे जनप्रतिनिधियों की जागरूकता के कारण ऐसा करने में कामयाब नहीं हो पाए है और आज इन्हीें विद्यालयों में गरीब के बच्चें भी शिक्षा ग्रहण कर रहे है।

 

डॉ. शर्मा ने शिक्षामंत्री से हर विद्यालय में विज्ञान संकाय खोलने और इसी गांव में ब्लॉक स्तर का अंग्रेजी विद्यालय खोलने की मांग भी की। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि आगामी एक सितम्बर से 2 अक्टूबर तक नवलगढ़ क्षेत्र में प्रशासन गांव के संग अभियान चलाया जाएगा, जिसमें वे शामिल होकर मौक पर ही प्रशासन के साथ ग्रामीणों की बिजली, पानी, चिकित्सा, सड़क एवं राजस्व संबंधी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करवाने के प्रयास करेंगे।


इनका हुआ सम्मान
समारोह में शिक्षामंत्री एवं डॉ. शर्मा द्वारा नवलगढ़ क्षेत्र के उच्चतक कक्षा के टॉपर तथा 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 10 वीं एवं 12 वीं कक्षा के 89 छात्र-छात्राओं को और शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले 11 संस्था प्रधानों तथा नवलगढ़ ब्लॉक में अपने विषय में शत-प्रतिशत अंक दिलवाने वाले 26 शिक्षकों का सम्मान किया गया। शिक्षकों को पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए पौधारोपण करने के लिए एक-एक पौधा दिया गया। राजस्थान में सायद इस तरह का यह पहला आयोजन हुआ है।

 

इस अवसर पर गांव के विद्यालय के भवन निर्माण में 75 लाख रूपये खर्च करने वाले भामाशाह गिरधारी लाल जांगिड़ एवं 25 लाख रूपये से स्टेडियम, मुख्य द्वार मंच आदि का निर्माण करवाने वाले हिम्मत सिंह दूत और विद्यालयों में अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने वाले सर्व श्री चिरंजीलाल टेलर, अर्जुन सिंह दूत, शिशुपाल खेदड़ और रामेश्वर लाल खेदड़ का भी शॉल एवं साफा पहनाकर सम्मान किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य हैदर अली ने समारोह के दौरान विद्यालय द्वारा आयोजित गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।

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