राजस्थान: अब 'गांधीगिरी' से CORONA पर अटैक करेगी Ashok Gehlot सरकार, जानें पूरा एक्शन प्लान

राजस्थान में कोरोना का कहर बेकाबू होता जा रहा है। गहलोत सरकार इसे काबू में करने के लिए कई बार सख्ती दिखा चुकी है। लेकिन इस बीच अब लोगों को 'गांधीगिरी' से भी कोरोना से बचाव का सन्देश दिए जाने का फैसला लिया गया है।इसके लिए सरकार 2 अक्टूबर गांधी जयंती से जन आन्दोलन शुरू करने जा रही है।

By: nakul

Published: 29 Sep 2020, 12:25 PM IST

जयपुर।

राजस्थान में बेकाबू हुए कोरोना को काबू में करने के लिए सरकारी सख्ती के बीच ही अब 'गांधीगिरी' का भी सहारा लिया जाएगा। इसके लिए गहलोत सरकार 2 अक्टूबर गांधी जयंती से जन आन्दोलन की शुरुआत करने जा रही है। सरकार की मंशा है कि इस जन आन्दोलन में 'गांधीगिरी' के ज़रिये प्रदेशवासियों को कोरोना वायरस से स्वयं और दूसरों कोे संक्रमित होने से बचाने के लिए ज़्यादा बेहतर तरीके से जागरूक किया जाएगा।

गहलोत सरकार ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिवस से जन आन्दोलन की शुरूआत करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अगुवाई में इस आन्दोलन के दौरान आम लोगों को मास्क पहनने, उचित दूरी रखने और भीड़-भाड़ से दूर रहने के नियम की अनिवार्य रूप से पालना करने का संदेश दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा है कि स्वायत्त शासन विभाग इस जागरूकता अभियान का नोडल विभाग होगा, लेकिन इसमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, शिक्षा, युवा मामले, पुुलिस आदि विभागों के साथ-साथ एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एण्ड गाइड, नेहरू युवा केन्द्र जैसे संगठनों के युवा, स्वयंसेवी और गैर-सरकारी संगठन, सामाजिक एवं सामुदायिक संस्थाओं को शामिल किया जाएगा। वहीं सांसद, विधायक तथा अन्य जनप्रतिनिधियाें से भी इस अभियान से जुड़ने का आग्रह किया जाएगा।

आन्दोलन का संचालन गांधीवादी तरीके से समझाइश कर सार्वजनिक स्थानों पर हेल्थ प्रोेटोकॉल की पालना करने और करवाने के रूप में किया जाएगा।

'सही मायनों में जनता का ही आंदोलन'

सीएम गहलोत ने कहा कि कम से कम एक महीने तक मास्क पहनने और उचित दूरी बनाने के संकल्प के साथ यह अभियान वास्तव में जनता का आंदोलन होना चाहिए, जनता ही इसे आगेे बढ़ाए। जनप्रतिनिधि लोगों को प्रोत्साहित करने का काम करेंगे।

'जन आंदोलन ही एक विकल्प'

गहलोत ने कहा कि कोरोना संक्रमण के फैलने की तेज गति और मानव स्वास्थ्य पर कोरोना पॉजिटिव के ठीक होने के बाद भी इसके लंबे समय तक पड़ने वाले दुष्प्रभाव की स्थिति में ऎसा आंदोलन ही एक विकल्प है, जो जीवन को बचाने में मददगार हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का व्यवस्थित ढंग से संचालन किया जाए, जिसमें सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्रचार माध्यमों की सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित हो।

'सरकारी अभियान भी जारी है'

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जांच, इलाज आदि की सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार कर लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से एक सरकारी अभियान चलाया, जो अभी जारी है। उस अभियान की सफलता भी तभी सुनिश्चित हो सकेगी, जब सभी लोग मास्क पहनने केे जन आन्दोलन को सफल बनाएं और संक्रमण से खुद अपना तथा दूसरों का बचाव करें।

उन्होंने कहा कि वार्ड और मौहल्ला स्तर तक समितियों के माध्यम से स्थानीय नेताओं और आम लोगों को जोड़कर अभियान को व्यापक रूप दिया जाएगा।

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